Sun 02 Aug 2026
Breaking News Exclusive
जनकपुरी महोत्सव के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर बनी रणनीति संवेदना एक प्रयास संस्था का सराहनीय कदम, 330 बच्चों को बांटी शिक्षण सामग्री गुरु-शिष्य परंपरा को मिलेगा सम्मान, 4 अगस्त को होगा 'गुरु शिल्पी सम्मान' जीवन की मजबूत शुरुआत का आधार है स्तनपान, 1 से 7 अगस्त तक चलेगा जागरूकता अभियान ओआरएस और जिंक से डायरिया पर आसान नियंत्रण, बच्चों को किया जागरूक जनकपुरी महोत्सव को मिलेगा दिव्य स्वरूप, आयोजन स्थल के विकास को विधायक को सौंपा ज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन सक्रिय, उद्योग आवेदनों का होगा भौतिक सत्यापन बच्चों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान, लायंस क्लब एमजेएफ कोहिनूर ने स्कूल को दी सौगात उत्तर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, कई सड़कों के निर्माण का हुआ शिलान्यास बालकृष्ण की लीलाओं के साथ पारिवारिक संस्कारों का दिया संदेश, कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

श्री मनकामेश्वर मंदिर : एक परिक्रमा में समस्त तीर्थों का पुण्य, श्री मनकामेश्वर धाम में बंटी सर्व तीर्थ प्रसादी

आगरा। श्री मनकामेश्वर मंदिर में आस्था, भक्ति और सनातन परंपरा का दिव्य संगम उस समय देखने को मिला जब मठ प्रशासक हरिहर पुरी द्वारा रामायण सर्किट की यात्रा के संपन्न होने पर बाबा श्री मनकामेश्वर नाथ का पूजन कर परिक्रमा दी गई और इसके साथ सर्व तीर्थ प्रसादी वितरण का पावन आयोजन हुआ। परिक्रमा के दौरान सुसज्जित बग्गी पर श्रीनाथ जी, श्री मनकामेश्वर महाराज के दिव्य स्वरूप एवं मठ के पूर्वजों के चित्र विराजमान थे, जिनके दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मार्ग में बैंड बाजों के साथ श्रद्धालु नृत्य करते हुए चल रहे थे और पुष्प वर्षा का आनंद ले रहे थे।

इस अवसर पर श्री मनकामेश्वर मंदिर के महंत श्री योगेश पुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि मठ प्रशासक हरिहर पुरी विगत दिनों आईआरसीटीसी द्वारा संचालित भारत गौरव रामायण सर्किट यात्रा पूर्ण कर लौटे हैं। इस यात्रा के अंतर्गत उन्होंने चित्रकूट धाम, पंचवटी, रामेश्वरम सहित अनेक पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। महंत श्री योगेश पुरी ने बताया कि इस पतित-पावन तीर्थ यात्रा से वापसी के उपरांत हरिहर पुरी द्वारा भगवान श्री मनकामेश्वर महाराज की परिक्रमा कर समस्त तीर्थों का प्रसाद भक्तों के मध्य वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा भक्तों को एक ही स्थान पर समस्त तीर्थों के दर्शन एवं पुण्य लाभ का अवसर प्रदान करती है। पुराने समय में यदि परिवार का कोई व्यक्ति किसी तीर्थ पर से लौटता था तो उसका पूरा समाज भव्य स्वागत करता था। उसी परंपरा को पुनः जीवित करते हुए यह आयोजन किया गया।

हरिहर पुरी ने अपने यात्रा अनुभव साझा करते हुए बताया कि भारत गौरव यात्रा के माध्यम से रामायणकालीन स्थलों के दर्शन से मन में गहरी शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। रामायण सर्किट एक धार्मिक-पर्यटन मार्ग है जिसे रामायण से जुड़े पवित्र स्थलों को जोड़ने के लिए विकसित किया गया है। इस सर्किट के अंतर्गत भगवान श्रीराम, माता सीता और रामायण कथा से जुड़े विभिन्न धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक स्थलों का दर्शन किया जाता है। अयोध्या, श्रिंगवेरपुर, चित्रकूट, रामेश्वरम आदि जैसे पावन धामों में प्रभु श्रीराम की लीलाओं का स्मरण जीवन को नई दिशा देने वाला अनुभव रहा।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने भक्ति भाव से परिक्रमा कर सर्व तीर्थ प्रसादी ग्रहण की। श्रद्धालुओं ने फूल माला पहनाकर मठ प्रशासक हरिहर पुरी का भव्य स्वागत किया । वातावरण “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से भक्तिमय बना रहा।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

Dharmik

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन