: आगरा के ऐतिहासिक किले में धूमधाम से मनाई जाएगी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती
Sun, Feb 18, 2024
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आगरा किले का दीवान-ए-आम गूंज उठेगा छत्रपति शिवाजी महाराज की जय जय कार से
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथजी शिंदे, केंद्रीय रेलवे और कोयला विभाग के राज्यमंत्री रावसाहेब पाटील दानवे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य मान्यवर होंगे मुख्य अतिथि
आगरा। संपूर्ण भारतवर्ष के आदर्श, लोकहितकारी महान राजा, अतुलनीय धैर्यशाली योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती 19 फरवरी 2024 को शाम 6ः00 बजे बड़े धूमधाम से आगरा किले के दीवान-ए-आम में मनाई जाएगी। जिस दीवान-ए-आम में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अस्मिता और स्वाभिमान का प्रदर्शन औरंगजेब के दरबार में किया, उसी दीवान-ए-आम में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती होगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंन्द्र फडणवीस, रेलवे और कोयला विभाग के राज्यमंत्री रावसाहेब पाटील दानवे, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य विभाग के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, छत्रपति उदयनराजे भोसले और अन्य मान्यवर शिवाजी जयंती समारोह के प्रमुख अतिथि होंगे। गत वर्ष से छत्रपति संभाजीनगर स्थित अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान अध्यक्ष विनोद पाटील के नेतृत्व मे शिवाजी जयंती समारोह का आयोजन आगरा के किले पर कर रहा है।
महाराष्ट्र गीत का सादरीकरण, छत्रपति शिवाजी महाराज गीत, छत्रपति शिवराय के जीवन पर सांस्कृतिक नृत्य, महाराष्ट्र राज्याचे चलन इस कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा पराक्रम पर लेजर शो, रील प्रतियोगिता पारितोषिक वितरण के साथ मान्यवर अतिथीओं के मार्गदर्शन इस शिवजयंती समारोह का विशेष आकर्षण है।
छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन में आगरा से औरंगजेब की कैद से बचकर निकलना एक महत्वपूर्ण अध्याय है। शिवाजी महाराज का स्वाभिमान, अतुल्य साहस, युद्ध निपुणता इस सब की यह मिसाल है।
अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान के अध्यक्ष विनोद पाटिल ने कहा कि छत्रपति शिवराय संपूर्ण भारतवर्ष के आदर्श है उनका कार्य, उनका कर्तृत्व नई पीढ़ी के सामने रखने के लिए हमने आगरा मे शिवजयंती का आयोजन किया है, शिवाजी महाराज का संदेश पूरे भारतवर्ष तक पहुंचे यही हमारा प्रयास हैप्गत वर्षसे इसकी शुरुवात हमने की थीप्उस परंपरा को हम आगे चला रहे हैं।
पिछले साल की तरह इस साल भी पुरे देशसे शिवप्रेमी और मान्यवर नेतागण इस शिवजयंती समारोह में शिरकत करेंगे। गत वर्ष बडे ही उत्साह के साथ आगरा के किले मे शिवजयंती समारोह संपन्न हुआ था। केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश सरकार और महाराष्ट्र सरकार ने शिवजयंती समारोह को पुरा सहयोग दिया था। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडिओ संदेश भेजकर शिवजयंती समारोह को संबोधित किया था।
आगरा किले के दीवान-ए-आम में बड़े धूमधाम से जो शिवजयंती संपन्न हो गयी थी उस शिवजयंती समारोह की रुपरेखा इस प्रकार थी। शाम 6रू00 बजे स्वागत गीत गायन से कार्यक्रम की शुरुआत होने के बाद अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान के अध्यक्ष विनोद पाटिल अतिथियों का स्वागत किया था और दीप प्रज्वलन हुआ थाप् उसके बाद 15 गायक वादको का संघ द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज का पवाड़ा सादर किया गया था। उसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मदिन के उपलक्ष्य ‘पालना’ गीत सादर किया गया था। महाराष्ट्र का राज्य गीत ‘गर्जा महाराष्ट्र माझा’ का प्रस्तुतीकरण बडा आकर्षण रहा था। छत्रपति शिवराय के जीवन संबंधी वालुका शिल्पकला भी सादरीकरण हुआ था। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगो का नाट्यरुपांतरण भी इस समारोह का हाईलाईट था। उसके पास विविध मान्यवर अतिथियों का मार्गदर्शन, दीपोत्सव, डिजिटल आतिशबाजी और छत्रपति शिवाजी महाराज की जय जयकार के साथ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ था।
आगरा किले के इस समारोह में एक करोड़ से ज्यादा शिवप्रेमी डिजिटली फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब के माध्यम से जुड़ते है। सोशल मीडिया पर इस शिवजयंती समारोह का सीधा प्रसारण होता है। विविध न्यूज चैनल पर भी यह लाईव दिखाया जाता है। साथ ही साथ महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में बड़े एलईडी स्क्रीन लगाकर इस कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है। इस कार्यक्रम के लिए शिवप्रेमियों को आगरा लेकर जाने का भी प्रबंधन अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान की तरफ से किया जाता हैं। यही परंपरा कायम रखते हुए इस वर्ष भी 19 फरवरी 2024 को बडे धूमधाम से आगरा किले मे शिवजयंती का आयोजन किया गया है।
: पिता की डांट पर छोड़ा घर, ट्रेन में शोहदों ने घेरा
Sat, Feb 17, 2024
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गलत हाथों में जाने से बचाई किशोरी
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चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट की शिकायत पर जीआरपी और आरपीएफ ने मुरैना में ट्रेन से कराया रेस्क्यू
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पिता की पिटाई से क्षुब्द होकर किशोरी ने छोड़ा था घर
यात्री की सतर्कता और चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट की पहल पर एक किशोरी गलत हाथों में जाने से बच गई। शोहदे उसे ट्रेन में परेशान कर रहे थे। जीआरपी और आरपीएफ ने उसे मुरैना में सुरक्षित रेस्क्यू किया। किशोरी के परिजनों को खोजा जा रहा है। उनके आने पर किशोरी को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
बिना टिकट यात्रा कर रही थी किशोरी
शनिवार की सुबह आगरा कैंट स्टेशन पर पंजाब मेल में स्लीपर कोच में एक किशोरी सहमी हुई बैठी थी। ट्रेन छूटने के बाद जब यात्री समझ से सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की पंजाब मेल अकेली सफर कर रही है। वह किसी को कुछ नहीं बता रही थी। ट्रेन छूट चुकी थी। बच्ची से बात की तो उसने बताया कि घर से नाराज़ होकर ट्रेन में बैठ गई है। जीआरपी आगरा से बात की। तब तक ट्रेन आगरा पार कर चुकी थी। धौलपुर के आसपास थी। जीआरपी आगरा ने मध्यप्रदेश में संपर्क करने को कहा। इसके बाद जीआरपी भोपाल में संपर्क कर जानकारी दी। आरपीएफ को भी सूचना दी। इसके बाद रेल मंत्रालय, जीआरपी और आरपीएफ को ट्वीट किया। जिसके बाद किशोरी को मुरैना में सुरक्षित उतार लिया गया।
शोहदों से बचने को स्लीपर में चढ़ी
ट्रेन में बैठे यात्री डॉ लोकेश शर्मा ने चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट नरेश पारस को किशोरी की सूचना दी। वह किसी को कुछ नहीं बता रही थी। नरेश पारस ने फोन पर किशोरी की काउंसलिंग की तो उसने अपना नाम राखी बताया। उम्र लगभग 12 वर्ष है। पिता श्रीगंगा और मां का नाम निशा बताया। छोटा भाई सुरेश कक्षा तीन में पढ़ता है तथा खुद राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा सात में पढ़ती है। मूल रूप से मुंबई की रहने वाली है। पिता जलालाबाद पंजाब में मजदूरी करते हैं। वह अपनी मां के साथ पिता से मिलने पंजाब गयी थी। माता पिता में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। मां की पिटाई कर दी जिस पर वह बापस मुंबई लौट गई। पिता राखी को भी प्रताड़ित कर रहे थे जिससे नाराज़ होकर राखी ने घर छोड़ दिया। किसी तरह दिल्ली पहुंची। जिसके बाद वह बिना टिकट पंजाब मेल ट्रेन में बैठ गई। जनरल बोगी में शोहदे उसे परेशान कर रहे थे। जिनसे बचने के लिए वह स्लीपर कोच में चढ़ गई।
वन स्टाप सेंटर में मिला आश्रय
नरेश पारस की शिकायत पर किशोरी को मुरैना स्टेशन पर रेस्क्यू करने के बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बाल कल्याण समिति ने उसे वन स्टाप सेंटर में आश्रय दिला दिया। सेंटर प्रभारी माधवी शर्मा ने नरेश पारस को बताया कि किशोरी लगातार रो रही है। वह अपना सही पता नहीं बता पा रही है। सामान्य होने पर उसकी काउंसलिंग की जाएगी। जिसके आधार पर उसके परिवार से संपर्क किया जाएगा। नरेश पारस ने कहा कि किशोरी के परिवार को खोजा जा रहा है। जल्दी ही परिजनों के सुपुर्द कराया जाएगा।
: 108 श्रीफलों की आहूति से हुए मां कामाख्या के निशा पूजन
Sat, Feb 17, 2024
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गुप्त नवरात्रों की सप्तमी के दिन अर्ध रात्रि में हुआ महामाई का महायज्ञ, 108 श्रीफलों की दी गई आहूति
आगरा। गुप्त नवरात्रों की सप्तमी पर कालरात्रि में मां कामाख्या का निशा पूजन किया गया। महायज्ञ में महामाई को 108 श्रीफलों के साथ सात्विक पेठे व नींबू की भी आहूति दी गई। महायज्ञ परिसर में स्थापित 56 मूर्तियों पर दीपदान किया गया। जिससे समस्त यज्ञ परिसर दिव्य रोशनी से जगमगा उठा। महामाई के विभिन्न पाठों व महायज्ञ की धूनि से समस्त वातावरण पवित्र व सुगन्धित हो गया। अष्टमी के दिन कालरात्रि पूजन में दीपदान के साथ 108 किलों फलों व नवमी के दिन 108 किलो मेवाओं की आहूति महामायी के महायज्ञ में दी जाएगी। परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में शास्त्रीपुरम, सुनारी में महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मां कामाख्या व भैरव बाबा के स्थापित ध्वज व मुख्य हवन कुण्ड की परिक्रमा के लिए पहुंच रहे हैं।
परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज ने कहा कि गुप्त नवरात्रों के अवसर पर सप्तमी, अष्टमी व नवमी के दिन महामाई कामाख्या का कालरात्रि में विशेष पूजन व दीपदान किया जा रहा है। नगला चंद्रभान दीनदयाल धाम के निर्देशक सोहनपाल जी ने महायज्ञ में आहूति दी। रास रचो है रास रचो है वृन्दावन में रास रचो है… कीर्तन पर आज श्रीहरि की कथा में भक्तजन भगवान की भक्ति में खूब झूमें। शिवजी के गोपी बनकर महारास में पहुंचने व माखन चोरी, मिट्टी खाकर माता यशोदा को ब्रह्माण्ड के दर्शन कराने की लीलाओं का वर्णन कथा वाचक संजय शास्त्री ने किया। सामाजिक विषयों पर बोलते हुए कहा कि जो हमें तार दे वह पुत्र है, वह पुत्र नहीं जो बुढापे में माता-पिता को रोटी न दे। ऐसे पुत्रों का कभी तारण नहीं हो सकता, चाहे कितने भी धर्म कर्म करें। चाहे कितनी भागवत करा ले। नर्क कहीं दूसरी जगह नहीं धरती पर ही है। जैसे कर्म करोगे वैसा ही भोगोगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
18 फरवरी को होगा संतों का विराट सम्मेलन
मां कामाख्या आयोजन सेवा समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि 18 फरवरी को संतों का दोपहर 12 से 2 बजे विराट सम्मेलन, सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) का आयोजन व दो निर्धन कन्याओं का विवाह कराया जाएगा। संतों के सम्मेलन में भारत के विभिन्न धार्मित स्थलों (काशी, उज्जैन, अयोध्या, मिथिला, आसाम, वृन्दावन) के 300 से अधिक साधू संत भाग लेंगे। सनातम धर्म व संस्कृति विषय पर संवाद होगा। 20 फरवरी को महायज्ञ पूर्णाहूति, सम्मान समारोह व भंडारे का आयोजन होगा। 21 फरवरी को सभी स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।