Wed 30 Sep 2026
Breaking News Exclusive
“भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में महाराजा अग्रसेन जयंती पर अग्रसेन वाटिका में होगा विशाल एकता महायज्ञ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, काले कपड़ों में पहुंचीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव संत रविदास जयंती पर तीन दिवसीय समरसता महोत्सव 2 से, संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महासभा द्वारा होगा आयोजन प्रथम पूज्य के आशीष से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने उतारी आरती लुहार गली व्यापार समिति के वार्षिकोत्सव में आठ वरिष्ठ व्यापारी सम्मानित रामबारात के स्वागत को सजेगा शमशाबाद, गांधी चौराहे पर होगी भव्य सजावट रामलीला महोत्सव-2026 की कार्यकारिणी घोषित, प्रवीण बंसल को राम बारात और राहुल शर्मा को श्रृंगार की जिम्मेदारी

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: वायु प्रदूषण ने बढ़ा दी नेत्र, स्किन और सांस के मरीजों की संख्या, चिकित्सक दे रहे ये परामर्श

Pragya News 24

Thu, Nov 9, 2023
Post views : 121

Agra. ताजनगरी में प्रदूषण बढ़ने के कारण लोगों के चेहरे की रंगत उड़ने लगी है। सांस, अस्थमा और एलर्जी रोगियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लोगों की आंखों में जलन और थकान की समस्याएं भी ज्यादा हो गई हैं। इसके अलावा स्किन के रोगी भी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुँच रहे है। लोगों की सेहत के लिए वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

आगरा जिला अस्पताल में इस समय नेत्र रोग स्किन रोग और टीबी विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। नेत्र और स्किन की ओपीडी में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज आ रहे है। उनमें से 30 से 35 प्रतिशत मरीज प्रदूषण की मार झेल रहे है। नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि इस समय आंखों में जलन व खुजली की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में मरीजों की संख्या बढ़ गयी है। यह समस्या वायु प्रदूषण के चलते आ रही है। मरीजों को बाहर निकलते वक्त चश्मा लगाने और आंखों को धोते रहने की सलाह दे रहे हैं।

स्किन विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि इस समय वायु प्रदूषण के चलते जिन लोगों की स्किन तैलीय (ऑयली) है उनकों मुंहासे, चेहरे पर धब्बे पड़ रहे हैं। जिनका ऑयली नहीं है, उनके चेहरे में रूखापन है। इसकी वजह है कि प्रदूषण, धूल के कण चेहरे के रोम छिद्र बंद कर देते हैं। त्वचा की नमी खत्म हो जाती है। ऐसे मरीजों को चेहरा ढक कर बाहर निकलने और चेहरे को फेसवॉश से धोने की सलाह दे रहे हैं।

जिला अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है जिन्हें टीबी की बीमारी है उनके लिए यह दिक्कत है और ज्यादा बढ़ गई है। जो दमा के मरीज है उनसे मास्क लगाकर घर से निकलने की सलाह दी गयी है, साथ ही अपनी दवाइयों को साथ लेकर चलने की सलाह दी जा रही है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन