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“नंद के आनंद भयो” की गूंज के बीच दिव्य लीला का उत्सव : श्रीराम अवतरण से श्रीकृष्ण जन्म तक का दिव्य प्रसंग–चतुर्थ दिवस पर भक्ति का महासागर उमड़ा

Pragya News 24

Mon, Dec 8, 2025
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आगरा। कावेरी कौस्तुम्भ, भावना एस्टेट में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस का आयोजन अत्यंत भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति के बीच भागवत रत्न से अलंकृत मोहित स्वरूप आचार्य (वृंदावन) ने श्रीराम अवतरण के पावन प्रसंग के उपरांत श्रीकृष्ण जन्म का भव्य वर्णन किया।

कथा के दौरान आचार्य ने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ा, तब-तब प्रभु ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के बाद द्वापर युग में योगेश्वर श्रीकृष्ण का अवतरण सम्पूर्ण मानवता के कल्याण हेतु हुआ। उन्होंने अवतार के महत्व को समझाते हुए कहा कि प्रभु का जन्म केवल चमत्कार नहीं, बल्कि मानव जीवन को दिशा देने वाला दिव्य संदेश है। उन्होंने आगे कहा कि नंद बाबा के आंगन में आनंद केवल एक उत्सव नहीं था, वह ईश्वर के पृथ्वी पर प्रकट होने का उत्सव था। जब प्रभु जन्म लेते हैं तो केवल देवता नहीं, बल्कि प्रकृति, पशु-पक्षी और समस्त सृष्टि आनंदित हो जाती है। नंदोत्सव हमें सिखाता है कि प्रभु का स्वागत उल्लास, प्रेम और सामूहिक आनंद से करना चाहिए।

आचार्य ने अवतार के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि अवतार का उद्देश्य चमत्कार दिखाना नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, कर्म और भक्ति के मार्ग पर ले जाना है। जो व्यक्ति श्रीकृष्ण के नाम का स्मरण करता है, उसके जीवन में कभी अंधकार नहीं रह सकता। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का उल्लासमय प्रसंग आरंभ हुआ, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे। इसके पश्चात भव्य नंदोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाई दी, भजन-कीर्तन हुआ और वातावरण आनंदमय हो गया। नंदोत्सव के दौरान फूलों की होली भी खेली गई, जिसमें गुलाब और अन्य पुष्पों की वर्षा से पूरा परिसर सुगंधित और भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम में परीक्षित राजा रमाशंकर शर्मा एवं बृजबाला शर्मा ने व्यास पूजन किया। आयोजन की व्यवस्थाएं विश्वास शर्मा, अनीशा शर्मा, अमित शर्मा, श्रद्धा शर्मा, मौली शर्मा, सुहानी शर्मा, एकाग्र वशिष्ठ, लावण्या वशिष्ठ, संजय गोयल, निमित्त पोरवाल, अखिलेश दुबे, नरेश सिंह, नरेंद्र गुप्ता, दिलीप अग्रवाल, विजय बंसल, ऋषि खंडेलवाल, विजय अग्रवाल, जयप्रकाश यादव, कपिल पोरवाल, दीपक अग्रवाल, गजेंद्र तोमर आदि ने संभाली।

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