Fri 02 Oct 2026
Breaking News Exclusive
“प्रगटीं सिय बिधि बीच बिचारा, जनकपुर मंगल भवन उजियारा” — हल की नोक से घड़े में हुआ मां जानकी का प्राकट्य मिथिला नगरी का हुआ भव्य श्रृंगार, प्रभु श्रीराम के स्वागत को सजे घर-द्वार “भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में महाराजा अग्रसेन जयंती पर अग्रसेन वाटिका में होगा विशाल एकता महायज्ञ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, काले कपड़ों में पहुंचीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव संत रविदास जयंती पर तीन दिवसीय समरसता महोत्सव 2 से, संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महासभा द्वारा होगा आयोजन प्रथम पूज्य के आशीष से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने उतारी आरती लुहार गली व्यापार समिति के वार्षिकोत्सव में आठ वरिष्ठ व्यापारी सम्मानित

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: जीवन की संवेदनाओं की बनावट है वन कन्या

Pragya News 24

Mon, Apr 22, 2024
Post views : 45
  • ताराचंद मिश्र की काव्य संग्रह पुस्तक वन कन्या का विमोचन होटल ऑरेन्ज में हुआ, वरिष्ठ कवियों ने सराहा

आगरा। वयोवृद्ध जीवन की संवेदनाओं की ऐसी बनावट है वन कन्या जो वर्तमान समय के असंवेदनशील परिवेश की सफलताओं के एक पड़ाव पर पहुंचकर जीवन के सार्थक तत्व की तलाश में है। यादों से शुरु हुई इस संग्रह की कविताएं जीवन के विचित्र चित्रों के सहारे जीवन के सहज स्वीकार को पाठक के सामने रखती हैं। ताराचन्द्र मिश्र की कविता संग्रह वन कन्या के बारे में अतिथियों ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि वन कन्या में समाज की सरलता और गरल शून्य होने का बोध समाज को किसी भी प्रकार के लांक्षन से मुक्त कर निश्चल मन का उदाहरण देता है।

ताराचंद मिश्र द्वारा रचित वन कन्या काव्य संग्रह का विमोचन प्रतापपुरा स्थित होटल ऑरेन्ज में मुख्य अतिथि उप्र हिन्दी संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. सोम ठाकुर, नागरी प्रचारिणी सभा के सभापति डॉ. खुशी राम शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधु भारद्वाज, आचार्य भूपाल सिंह, आचार्य चंद्रशेखर शर्मा ने किया। ताराचंद मिश्र को शुभकामनाएं दीं और काव्य पाठ भी किया। कहा कि वन कन्या में किसी भी प्रकार की राजनीतिक लांक्षन और आकांक्षा नहीं है। इन कवितों ने नित्य प्रति के छोटे-छोटे अनुभव एक बड़ा कैनवास बनाते हैं। हिन्दी क्षेत्र के सामान्य सांस्कृतिक सरोकार इन कवितों में द्खाई देते हैं। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। नूतन ग्रवाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। संचालन नूतन अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से उपेन्द्र सिंह, राहुल कुमार मिश्रा सुशील यादल, मंजुल गर्ग, नीरज तिवारी संजय अग्रवाल, हर्ष शर्मा, रवि गुप्ता, नवीन खंडेलवाल, हेमन्त राय आदि उपस्थित थे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन