आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ उत्तर प्रदेश : 23 कला गुरुओं का हुआ भव्य सम्मान, 'गुरु शिल्पी सम्मान–2026' में गुरु-परंपरा को नमन
Pragya News 24
Wed, Aug 5, 2026
आगरा। भारतीय संस्कृति में गुरु को ज्ञान, संस्कार और सृजन का आधार माना गया है। इसी गुरु-परंपरा को सम्मानित करते हुए आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ उत्तर प्रदेश (एफिलिएटेड: वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश) द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 'गुरु शिल्पी सम्मान–2026' का भव्य आयोजन होटल क्लार्क शिराज, ताज रोड में किया गया। समारोह में संगीत, नृत्य एवं वाद्य कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 23 गुरुजनों को सम्मानित कर उनके प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि राजकुमार गुप्ता (महानगर अध्यक्ष, भाजपा) रहे। विशिष्ट अतिथियों में मनीष अग्रवाल रावी (अध्यक्ष, वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश), संदीप उपाध्याय (महासचिव), अमूल्य कक्कड़ (अध्यक्ष, टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा) तथा वरिष्ठ उद्योगपति पूरन डाबर उपस्थित रहे।
समारोह में संगीत एवं गायन के क्षेत्र से डॉ. रवि भटनागर, प्रतिभा तालेगांवकर, सुधीर नारायण, सदानंद, मुरली तिवारी, गौतम तिवारी, सुभाष सक्सेना, शोभी माथुर, रविंद्र तालेगांवकर, पंडित डॉ. देवाशीष गांगुली 'संगीतेश', अमान खान एवं गजेन्द्र चौहान, वाद्य कला से बिरेन्द्र भान गुप्ता, शुभाशीष गांगुली, डॉ. नीलू शर्मा, मनीष प्रभाकर, रमेश प्रभाकर, देवकी नंदन गुरु एवं फ्रांसिस मरिंडा तथा नृत्य कला से पुरुषोत्तम मयूरा, टोनी फास्टर, रोशनी गिडवानी एवं ज्योति खण्डेलवाल को 'गुरु शिल्पी सम्मान–2026' से अलंकृत किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ उद्योगपति पूरन डाबर को उद्योग, उद्यमिता एवं रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के मार्गदर्शन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 'औद्योगिक गुरु सम्मान' से सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा कि "कला और उद्योग दोनों सृजन के माध्यम हैं। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को अपने गुरुजनों से सीखने और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा देते हैं।"
मुख्य अतिथि राजकुमार गुप्ता ने कहा कि "कला मनुष्य को अध्यात्म से जोड़ने का सबसे सुंदर माध्यम है। संगीत, नृत्य और भावों की अभिव्यक्ति में ईश्वर का अनुभव होता है। ऐसे गुरुजनों का सम्मान पूरे समाज का सौभाग्य है।"
अमूल्य कक्कड़ ने कहा कि आगरा की सांस्कृतिक एवं पर्यटन पहचान को समृद्ध बनाने में कलाकारों और उनके गुरुजनों का अमूल्य योगदान है। वहीं मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि भारतीय कला एवं संस्कृति की वैश्विक पहचान इन गुरुजनों की आजीवन साधना का परिणाम है। गुरु ही वह प्रथम शक्ति हैं, जो शिष्य की प्रतिभा को पहचानकर उसे दिशा, संस्कार और उत्कृष्टता प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का संचालन नीरज त्रिपाठी ने किया।
समारोह में आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रिंकू प्रवीण वर्मा, महासचिव कमलप्रीत सिंह शैंकी, उपाध्यक्ष भीमसेन शिरोमणि, पंकज वर्मा, डॉ. मंजरी शुक्ला, देव कुमार, संरक्षक दलजीत सिंह, जसवंत सिंह, संजीव अरोड़ा, मनोज कोहली, सचिव रोहन सिंह, अनिल वर्मा, साहिल चौहान, निधि सोनी, कार्यकारिणी सदस्य ललित शर्मा, योगेश शर्मा, अनूप सिंह, मनु कौर, नीरज कपूर, अपूर्व, श्रीकांत सहित बड़ी संख्या में कलाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनिल सविता एवं आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ उत्तर प्रदेश की टीम ने किया।
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