‘कैलाश’ शिवमय संध्या : सूरसदन में उतरा कैलाश, डमरू की थाप पर गूंजा हर-हर महादेव
Pragya News 24
Sun, Aug 9, 2026
आगरा। सावन की पावन फुहारों के बीच रविवार की शाम आगरा पूरी तरह शिवमय नजर आया। डमरू की गूंज, शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से सूरसदन प्रेक्षागृह का वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंच पर बाबा मनःकामेश्वर नाथ के दिव्य स्वरूप और मध्य में स्थापित आदियोगी की विराट प्रतिमा ने आयोजन को कैलाश धाम की अलौकिक अनुभूति प्रदान की।
लॉयंस क्लब कॉनराय, लॉयंस क्लब प्रयास एवं ऐरिश एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित ‘कैलाश’ शिवमय संध्या का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी, जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता, लॉयंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रथम अजय भार्गव, लॉयंस क्लब प्रयास के संस्थापक अध्यक्ष संजीव मित्तल, अशु मित्तल, अल्पना भार्गव, तरुण अग्रवाल, राजीव बंसल तथा ऐरिश एंटरटेनमेंट के निदेशक पुनीत अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
रुद्रपाठ और महाआरती से गूंजा सूरसदन
डमरू और शंखनाद की मंगल ध्वनि के साथ कार्यक्रम में शिव आराधना का क्रम शुरू हुआ। श्री मनःकामेश्वर मंदिर के तिलकायत श्री महंत योगेश पुरी ने वैदिक विधि-विधान से रुद्रपाठ कराया। मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच बाबा मनःकामेश्वर नाथ की प्रसिद्ध महाआरती हुई। आरती की दिव्य ज्योति से जैसे ही पूरा सभागार आलोकित हुआ, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और शिवभक्ति से सराबोर हो गया। कार्यक्रम के अंत में पुनीत अग्रवाल एवं इशिता अग्रवाल ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

हजारों वर्षों से आस्था का केंद्र है बाबा मनःकामेश्वर मंदिर
श्री महंत योगेश पुरी ने बाबा मनःकामेश्वर नाथ मंदिर की प्राचीन महिमा और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने द्वापर युग से जुड़ी पौराणिक मान्यता का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए भगवान शिव कैलाश से पधारे थे। इसी प्रसंग से जुड़ी मान्यता के अनुसार महादेव ने आगरा की पावन धरती पर अपने लिंग स्वरूप की स्थापना की, जो आज बाबा मनःकामेश्वर नाथ के रूप में पूजित हैं। उन्होंने कहा कि बाबा मनःकामेश्वर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले देवाधिदेव महादेव हैं और सावन मास में यहां शिव आराधना का विशेष महत्व है।
रुद्राष्टक से शुरू हुई सुरमयी शिवभक्ति
कार्यक्रम के सांस्कृतिक चरण में उज्जैन से आए लोकप्रिय भजन गायक गजेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी ओजपूर्ण और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्होंने रुद्राष्टक से भजन संध्या की शुरुआत की। इसके बाद ‘अनाहत नाथ बजाओ रे’, ‘शिव कैलाशों के वासी’ और ‘सांसों की माला पर सिमरूं मैं शिव का नाम’ सहित शिव भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत की।
भजनों के साथ पूरा सभागार ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालु हाथ उठाकर भगवान शिव की आराधना करते और भक्ति में झूमते नजर आए। गजेंद्र प्रताप सिंह की प्रस्तुति ने सावन की इस आध्यात्मिक शाम को यादगार बना दिया।
आदियोगी की विराट प्रतिमा रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मंच के मध्य स्थापित आदियोगी की विराट प्रतिमा रही। इसके साथ बाबा मनःकामेश्वर नाथ का दिव्य स्वरूप, डमरू-शंखनाद, मंत्रोच्चार और शिवभक्ति संगीत ने आयोजन को भव्य आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कैलाश की दिव्यता आगरा की धरती पर उतर आई हो। आयोजन में भगवान शिव की महिमा, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में राधा रमण दिगंबर, गीतिका अग्रवाल, तनुजा मांगलिक, विनीत खेड़ा, पुनीत अग्रवाल, अनुज खंडेलवाल, मनीष अग्रवाल, आशीष गर्ग, संजय गुप्ता, निकिता खंडेलवाल, अंकुश बंसल, निक्की बंसल, सौम्या गुप्ता, पूनम अग्रवाल, रूपाली घर, इशिता अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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