Fri 02 Oct 2026
Breaking News Exclusive
“भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में महाराजा अग्रसेन जयंती पर अग्रसेन वाटिका में होगा विशाल एकता महायज्ञ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, काले कपड़ों में पहुंचीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव संत रविदास जयंती पर तीन दिवसीय समरसता महोत्सव 2 से, संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महासभा द्वारा होगा आयोजन प्रथम पूज्य के आशीष से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने उतारी आरती लुहार गली व्यापार समिति के वार्षिकोत्सव में आठ वरिष्ठ व्यापारी सम्मानित रामबारात के स्वागत को सजेगा शमशाबाद, गांधी चौराहे पर होगी भव्य सजावट रामलीला महोत्सव-2026 की कार्यकारिणी घोषित, प्रवीण बंसल को राम बारात और राहुल शर्मा को श्रृंगार की जिम्मेदारी

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: 2 से 15 सितंबर तक खोजे जाएंगे कुष्ठ रोगी, घर-घर जाएगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

Pragya News 24

Mon, Sep 2, 2024
Post views : 120

आगरा, 01 सितंबर 2024। जनपद में सोमवार से राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कुष्ठ रोगी खोजी अभियान का शुभारंभ होगा। अभियान के तहत 15 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज करेंगी और लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरुक करेंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कुष्ठ रोग के शुरुआती लक्षणों में त्वचा पर चमड़े के रंग से हल्के या गहरे रंग के दाग-धब्बे हो सकते हैं, जो सुन्न होते हैं और इनमें दर्द नहीं होता है। अगर किसी के शरीर पर ऐसे कोई दाग-धब्बे दिखाई दें तो स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताएं। इसके बाद मरीजों की स्क्रीनिंग करके जांच की जाएगी और यदि जांच में कुष्ठ की पुष्टि होगी तो मरीजों का उपचार किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज संभव है, लेकिन समय पर इलाज बहुत जरूरी है। अगर इलाज में देरी होती है तो यह रोग गंभीर रूप ले सकता है और त्वचा, नसों और अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।

जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. सीएल यादव ने बताया कि अभियान को जनपद के 15 ब्लॉक और शहरी क्षेत्र में अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता और एक पुरुष सदस्य की टीम, जबकि शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक पुरुष सदस्य की टीम लक्षणयुक्त व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करेंगी। इसके बाद चयनित किये गये संभावित कुष्ठ रोगियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संदर्भन पर्ची के साथ रेफर किया जाएगा। यह अभियान 14 दिन चलेगा। इसे पल्स पोलियो अभियान की भांति चलाया जाना है। दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की लक्षण के आधार पर उनके घर पर ही स्क्रीनिंग होगी।

त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव गोपाल ने बताया कि अगर शरीर पर चमड़ी के रंग से हल्का कोई भी सुन्न दाग धब्बा हो तो कुष्ठ की जांच अवश्य करानी चाहिए। हल्के रंग के व्यक्ति की त्वचा में गहरे और लाल रंग के भी धब्बे हो सकते हैं। हाथ या पैरों की अस्थिरता या झुनझुनी, हाथ पैर व पलकों में कमजोरी, नसों में दर्द, चेहरे या कान में सूजन अथवा घाव और हाथ या पैरों में दर्द रहित घाव भी इसके लक्षण हैं । तुरंत जांच और इलाज से मरीज ठीक हो जाता है और सामान्य जीवन जी सकता है। इसके विपरीत देरी पर कुष्ठ दिव्यांगता का रूप ले सकता है। कुष्ठ सुन्न दाग धब्बों की संख्या जब पांच या पांच से कम होती है और कोई नस प्रभावित नहीं होती या केवल एक नस प्रभावित होती है तो मरीज को पासी बेसिलाई (पीबी) कुष्ठ रोगी कहते हैं जो छह माह के इलाज में ठीक हो जाता है। अगर सुन्न दाग धब्बों की संख्या छह या छह से अधिक हो और दो या दो से अधिक नसें प्रभावित हों तो ऐसे रोगी को मल्टी बेसिलाई (एमबी) कुष्ठ रोगी कहते हैं और इनका इलाज होने पर साल भर का समय लगता है। कुष्ठ रोगी को छूने और हाथ मिलाने से इस रोग का प्रसार नहीं होता। रोगी से अधिक समय तक अति निकट संपर्क में रहने पर उसके ड्रॉपलेट्स के जरिये ही बीमारी का संक्रमण हो सकता है ।

प्रस्तावित अभियान पर एक नजर
लक्षित आबादी= 51.15 लाख
कुल टीम= 4057
कुल पर्यवेक्षक= 841

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन