Wed 30 Sep 2026
Breaking News Exclusive
“भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में महाराजा अग्रसेन जयंती पर अग्रसेन वाटिका में होगा विशाल एकता महायज्ञ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, काले कपड़ों में पहुंचीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव संत रविदास जयंती पर तीन दिवसीय समरसता महोत्सव 2 से, संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महासभा द्वारा होगा आयोजन प्रथम पूज्य के आशीष से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने उतारी आरती लुहार गली व्यापार समिति के वार्षिकोत्सव में आठ वरिष्ठ व्यापारी सम्मानित रामबारात के स्वागत को सजेगा शमशाबाद, गांधी चौराहे पर होगी भव्य सजावट रामलीला महोत्सव-2026 की कार्यकारिणी घोषित, प्रवीण बंसल को राम बारात और राहुल शर्मा को श्रृंगार की जिम्मेदारी

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

अपने घरों को सारे लोग बचा लेंगे किंतु... : देशभक्ति के स्वर में गूंजा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन, साहित्य निधि एवं ओपन कला मंच ने किया आयोजन

आगरा। “अपने घरों को सारे लोग बचा लेंगे किंतु, कौन है जो प्राण देके देश को बचाएगा?”, इन ओजस्वी पंक्तियों के साथ देशभक्ति, वीर रस और राष्ट्र चेतना से सराबोर ‘गणतंत्र दिवस के रंग कवियों के संग’ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन रैंबो संस्था के तत्वावधान में साहित्य निधि एवं ओपन कला मंच द्वारा खंदारी कैंपस स्थित जेपी सभागार में सम्पन्न हुआ।

शहीदों को नमन एवं मातृभूमि के सम्मान को समर्पित इस कवि सम्मेलन में मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश से पधारे ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपने ओजस्वी काव्यपाठ से सभागार को तालियों से गुंजायमान कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुरेश चंद्र गर्ग, अजय भार्गव, सुनील शर्मा, विजेंद्र रायजादा, डॉ सोनू दीक्षित, रोहित जैन, सतीश चंद्र बंसल, कुलदीप ठाकुर, अखिलेश चन्द्र सक्सेना द्वारा दीप प्रज्वलन एवं शहीदों के स्मरण के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि कविता राष्ट्र की आत्मा होती है और ऐसे आयोजन समाज में चेतना का संचार करते हैं।

कार्यक्रम संयोजक हीरेंद्र ‘हृदय’ ने कहा कि जब देश की अस्मिता पर प्रश्न उठते हैं, तब कलम ही सबसे बड़ा शस्त्र बनती है।
लोग रखते होंगे, कलेजा सीने में, हम तौ हथेली पेलिए फिरते हैं, पंक्तियों का पाठ अजय रंगीला ने किया।
कवि मोहित सक्सेना ने देशहित में त्याग और बलिदान का आह्वान करते हुए कहा—“अपने घरों को सारे लोग बचा लेंगे किंतु, कौन है जो प्राण देके देश को बचाएगा?”
मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध कवि शशिकांत यादव ‘शशि’ (देवास) ने राष्ट्रवीरों को स्मरण करते हुए पाठ किया,
“शिवाजी, राणाप्रताप, अब्दुल हमीद और शेखर भगत की नजीर बन जायेगी।” डॉ. कमलेश शर्मा (इटावा) ने अन्याय के विरुद्ध कलम की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “जहां लोग अन्याय पर मौन रहते, वहां पर हमारी कलम बोलती है।” व्यंग्य और सत्य के सशक्त स्वर में डॉ. शशिकांत यादव ‘शशि’ ने प्रस्तुत किया, “सब कीड़े बाहर निकले हैं, चुटकी भर तो सच बोला है।”
राजस्थान (दौसा) से पधारी कवयित्री सपना सोनी ने भावनात्मक प्रस्तुति दी, “मेरे मन की धरा पर मधुर भाव से, चित्र अपना सलौना बना दीजिये।”
कार्यक्रम संयोजक हीरेंद्र ‘हृदय’ ने मातृभूमि की रक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा,“यदि कोई भी अस्मिता उछाले मातृभूमि की, तो विनय को छोड़कर बस युद्ध होना चाहिए।”

कार्यक्रम का संचालन शशिकांत यादव ने किया। कार्यक्रम संयोजक राकेश सक्सेना थे। इस अवसर पर नारायण बहरानी, मनोज गुप्ता बाबा, कुलदीप पाठक, अंजुल कुलश्रेष्ठ, निर्मल चाहर, आरके गुप्ता, राकेश निर्मल आदि उपस्थित रहे

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन