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राम की बाल लीलाओं से मिला संस्कारों और कर्तव्य पालन का संदेश : शास्त्री नगर, लंगड़े की चौकी में चल रही श्रीराम कथा में हुआ विश्वामित्र संग वन गमन और अहिल्या उद्धार का भावपूर्ण वर्णन

Pragya News 24

Sat, Mar 14, 2026
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आगरा। गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में लंगड़े की चौकी, शास्त्री नगर स्थित श्री हनुमंत धाम में चल रही 10 दिवसीय श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीराम और उनके तीनों भाइयों की बाल लीलाओं, गुरु आज्ञा पालन और करुणा के अद्भुत प्रसंगों का वर्णन किया गया। कथा व्यास भरत उपाध्याय ने इन प्रसंगों के माध्यम से बताया कि श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा है।

शनिवार को कथा के चौथे दिन कथा व्यास भरत उपाध्याय ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि चारों भाइयों के बचपन में ही प्रेम, त्याग, अनुशासन और परस्पर सम्मान की भावना स्पष्ट दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि आज के समय में भाई-भाई के बीच बढ़ती दूरियों को देखते हुए राम और उनके भाइयों के प्रेम और आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

इसके पश्चात उन्होंने महर्षि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण के वन गमन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि गुरु के आदेश का पालन करना ही सच्चे शिष्य का धर्म होता है। भगवान श्रीराम ने अपने पिता की आज्ञा और गुरु के सम्मान को सर्वाेपरि रखते हुए विश्वामित्र के साथ वन जाने का निर्णय लिया, जो आज की पीढ़ी के लिए अनुशासन और आज्ञाकारिता का बड़ा उदाहरण है।

कथा के दौरान अहिल्या उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से अहिल्या का उद्धार हुआ। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि भगवान की कृपा से जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं। साथ ही यह संदेश भी देता है कि समाज को किसी भी व्यक्ति के प्रति घृणा या तिरस्कार नहीं, बल्कि करुणा और संवेदना का भाव रखना चाहिए।

कथा व्यास भरत उपाध्याय ने कहा कि श्रीराम कथा के प्रत्येक प्रसंग में जीवन के लिए गहरे संदेश छिपे हैं। यदि हम इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं, तो परिवार में प्रेम और समाज में सद्भाव स्थापित हो सकता है।

श्री हनुमंत धाम, लंगड़े की चौकी के महंत गोपी गुरु जी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानवता के लिए आदर्श है। उनकी बाल लीलाएं हमें संस्कारों का महत्व समझाती हैं और गुरु-शिष्य परंपरा का आदर्श प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को रामकथा के प्रसंगों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उनमें नैतिकता, अनुशासन और संस्कारों का विकास हो सके।

व्यास पूजन एवं आरती आदर्श नंदन गुप्ता, महंत गोपी गुरु, पुष्कल गुप्ता, राजदीप सिंह ग्रोवर, सचिन शुभ शर्मा, कुलदीप शर्मा, समान अधिकार पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष, रमा उपाध्याय ,जुगनू शर्मा आदि ने की।

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