Tue 29 Sep 2026
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कालिंदी इंस्टीट्यूट ऑफ डांस एंड म्यूजिक : 'युगों की कहानी, कत्थक की जुबानी' ने दर्शकों को कराया चारों युगों का दिव्य दर्शन

आगरा। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और शास्त्रीय नृत्य की अद्भुत छटा से सजा कालिंदी इंस्टीट्यूट ऑफ डांस एंड म्यूजिक का 22वां स्थापना दिवस समारोह खंदारी स्थित जेपी सभागार में भव्यता के साथ आयोजित हुआ। 'युगों की कहानी, कत्थक की जुबानी' थीम पर आधारित मेगा डांस शो में लगभग 125 बाल एवं युवा कलाकारों ने कत्थक के माध्यम से सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलियुग की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक यात्रा को मंच पर जीवंत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. गिरधर शर्मा, त्रिलोक सिंह राणा, ओशिन शर्मा एवं ब्रह्माकुमारी अश्विना दीदी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मां सरस्वती वंदना ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

संस्थान की निदेशक रोशनी गिडवानी ने कहा कि 'युगों की कहानी, कत्थक की जुबानी' केवल एक नृत्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कत्थक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त प्रतीक है।

प्रस्तुति की शुरुआत सतयुग से हुई, जिसमें भगवान शिव पर आधारित ऊर्जावान नृत्य, गणेश वंदना और रुद्राष्टकम की मनोहारी प्रस्तुति ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के आदर्शों, राम स्तुति और हनुमान चालीसा पर आधारित कत्थक नृत्य-नाटिका ने भक्ति और वीरता का प्रभावशाली चित्र प्रस्तुत किया।

द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला और महाभारत प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को वृंदावन की रसमय अनुभूति कराई। गंभीर प्रस्तुतियों के बीच नन्हे कलाकारों ने 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' पर मनोरंजक प्रस्तुति देकर दर्शकों को खूब गुदगुदाया। वहीं 'छाप तिलक सब छीनी' पर प्रस्तुत सूफी नृत्य ने आध्यात्मिक प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में कलियुग एवं भगवान कल्कि अवतार की प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। समापन अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करती राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नृत्य-नाटिका के साथ हुआ, जिसने पूरे सभागार को भावुक कर दिया।

इस अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा अभिभावकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन जीविशा गिडवानी ने किया, जबकि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी हरीश गिडवानी एवं राहुल ने संभाली।

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