आगरा। ताजनगरी में पहली बार तीन जैन मुनिराजों के आगमन पर रविवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। राज पैराडाइस, सेवला रोड से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा सदर बाजार जैन मंदिर से विभिन्न मार्गों से होती हुई श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, जैन भवन, निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला पहुंची, जहां तीनों मुनिराजों का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। पूरे मार्ग में जयकारों, ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और धार्मिक झांकियों ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
शोभायात्रा में सबसे आगे जैन ध्वजा लिए महिलाएं चल रही थीं। कलश यात्रा, आकर्षक झांकियां, भक्ति संगीत और धार्मिक भजनों पर श्रद्धालु नृत्य करते हुए चल रहे थे। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मुनिराजों का स्वागत किया तथा 108 पाद प्रक्षालन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
संतचर्या शिरोमणि पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्यों श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज (गूगल बाबा), श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज सहित तीनों मुनिराजों के मंगल प्रवेश पर विशाल पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। मंच पर मुनिराजों के विराजमान होते ही पूरा परिसर जयघोषों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मंगलाचरण, दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट सहित विभिन्न मांगलिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंच संचालन विजय शास्त्री ने किया।
अपने प्रवचन में गूगल बाबा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य धर्म पुरुषार्थ है। उन्होंने कहा कि संसार का प्रत्येक जीव सुख की खोज में निरंतर पुरुषार्थ करता है, लेकिन वास्तविक सुख केवल धर्म, संयम और आत्मचिंतन के मार्ग पर चलने से ही प्राप्त होता है। उन्होंने आगरा के श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर समझ में आता है कि सच्चा पुरुषार्थ किसे कहते हैं।
इस अवसर पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के मनोज जैन, मुरारी लाल जैन, अनिल जैन, जगदीश प्रसाद, राकेश जैन, नीरज जैन जिनवाणी, अमित जैन (बाबी), आशीष जैन, रमेश जैन, मुकेश जैन, सतेंद्र जैन, राजीव जैन, आशीष जैन (बाबा), चक्रेश जैन, रोहित जैन, अनिकेत जैन, आदिश जैन, गौरव जैन, सचिन जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित नमोस्तु शासन संघ, विभिन्न मंडलों, महिला मंडल एवं सकल जैन समाज के हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।