: महामाई कामाख्या के जयकारों से गूंजा यज्ञ स्थल, महायज्ञ का हुआ शुभारम्भ
Mon, Feb 12, 2024
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मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ का शुभारम्भ
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यज्ञकुण्डों में आज दी गई प्रथम आहूति, देवी देवताओं की 56 मूर्तियां का हुआ पूजन
आगरा। महामाई कामाख्या देवी के जयकारों और 108 यज्ञ कुण्डों में प्रज्ज्वलित पावन अग्नि ने समस्त वातावरण को पवित्र बना दिया। हर तरफ दैवीय प्रभाव के साथ महामाई कामाख्या व भैरव बाबा की ध्वजाएं लहरा रही थीं। आसाम व मिथिलानगरी से आए आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारम के साथ सर्वप्रथम गौ पूजन के उपरान्त 108 यज्ञ कुण्डों में अग्नि प्रज्ज्वलित कर मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ का शुभारम्भ किया गया।
यज्ञ से पूर्व परिसर में 56 देवी देवताओं की मूर्तियों का विधि विधान के साथ पूजन किया गया। संत स्वामी श्री कीर्तिनाथ जी महाराज जी के नेतृत्व में प्रातः यज्ञ के बाद दोपहर दो बजे पुनः यज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चारम के साथ महामाई के नाम की आहूतियां दी गईं। एक साथ 108 कुण्डों में यज्ञ की पवित्र अग्नि के साथ वैदिक मंत्रों के उच्चारण ने मानों भक्ति के ऐसे सरोवर का निर्माण कर दिया जहां परमानन्द की अनुभूति के अलावा और कुछ नहीं था। भक्ति के इस आनन्द का अनुभव हर श्रद्धालु ने महसूस किया। दोपहर को कथा वाचक संजय शात्री द्वारा श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भक्तिमय व संगीतमय वर्णन किया गया। माखनचोरी, कालिया नाग का मंथन जैसी सचित्र कथा सुनकर हर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठा। कथा के साथ कीर्तन का भी आयोजन हुआ। संध्या काल में रासलीला के मंचन के लिए श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, अजय गोयल, राहुल अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, डॉ. सुभाष भारती, प्रीतम सिंह लोधी, जयशिव छोकर, वीरेन्द्र मेड़तवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
18 को होगा संतों का विराट सम्मेलन
आगरा। आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यज्ञ स्थल पर 18 फरवरी को साधू संतों के विराट सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उज्जैन, काशी, अयोध्या मिथिला, आसाम, वृन्दावन सहित देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के 300 से अधिक साधू संत भाग लेंगे।
: डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने लिया निशुल्क स्वास्थ शिविर का लाभ
Mon, Feb 12, 2024
मौसम बदलने से सर्दी, बुखार, इनफेक्शन के साथ एनीमिक व आंखों की समस्या के मरीजों की सबसे अधिक संख्या
आगरा। महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी के 27वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में डेढ़ हजार अधिक मरीजों ने लाभ लिया। सर्दी, बुखार, जोड़ो में दर्द के साथ, एलर्जी, आंखों में जलन, करकराहट व नजर दोष की समस्या के मरीज भी शिविर में पहुंचे। महिलाओं के साथ बच्चों में भी लगभग 20 फीसदी से अधिक खून की कमी (एनीमिक) की समस्या मिली। मोतिया बिन्द के निःशुल्क ऑपरेशन के लिए 160 मरीजों की चयन किया गया।
शिविर प्रारम्भ होने से पूर्व महाराजा अग्रसेन सेवा समिति व अग्रवाल युवा संगठन के सदस्यों ने हवन का आयोजन किया गया। सबसे अधिक मरीज बच्चों व आंखों में समस्या को लेकर पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि बंसल ने बताया कि 100 से अधिक बच्चे खून की समस्या वाले थे। जिनका शरीर का लंार सफेद या पीला, थोड़ा खेलने पर थकान, भूख न लगना व स्वभाव में चिड़चिड़ाहट जैसे लक्षण थे। उन्होंने अभिभावकों को सौमसी फल व सब्जी के साथ भुने चने व पौष्टिक आहार खिलाने की सलाह दी। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार ने कहा कि आंखों से पानी, करकराहट व नजर दोष के मरीज पहुंचे हैं। जिसका कारण मौसम का बदलाव व प्रदूषण है। फिजिशियन डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि शिविर में ऐसे मरीज भी पहुंचे जिनका बीपी 190 तक था। कहा कि सीने में जकड़न व सिर दर्द को अक्सर लोग गैस की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। परन्तु यह समस्या कोलेस्ट्रॉल, हाई बीपी, हृदय रोग के कारण भी हो सकती है। ऐसे ही नरीज शिविर में पहुंचे जिन्हें पता ही नहीं था कि उनकी शुगर, बीपी व कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है। शिविर के अन्त में समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महामंत्री बीडी अग्रवाल, अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल डॉक्टरों व समिति के सदस्यों को शिविर के सफल आयोजन के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पुष्पा अग्रवाल, घनश्याम दास, महावीर मंगल, मुरारीप्रसाद, संजय अग्रवाल, गणेश बंसल, अम्बुज अग्रवाल, प्रियकांत, जितेन्द्र, मयंक गर्ग, अंकित अग्रवाल, राम रतन मित्तल, प्रेमचंद अग्रवाल, ओपी होयल, मुन्नालाल, महेश, नवल किशोर, घरमवीर, उज्ज्वल, अंशुल बंसल, मिनिखल गोयल, दिव्यांश, अनन्या, शिव अग्रवाल, भूपेन्द्र, शिवम गर्ग, गौरव, आशीष, दीपक बंसल, आयुष, रवि आदि उपस्थित थे।
निःशुल्क मोतिया बिन्द के ऑपरेशन के लिए 160 मरीजों का चयन
शिविर में आंखों की समस्या लेकर 500 से धिक मरीज पहुंचे, जिनमें 160 मरीजों का चयन निःशुल्क मोतियाबिन्द ऑपरेशन के लिए किया गया है। 14 फरवरी के बाद से प्रतिदिन 10 मरीजों के ऑपरेशन प्रारम्भ कर दिए जाएंगे।
इन डॉक्टरों ने दीं निःशुल्क सेवाएं
शिविर में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. शांतनु चैधरी, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिकेय शर्मा, फिजीशियन डॉ. एसके कश्यप, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. अंकुर बंसल, डॉ. शैलजा शर्मा, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीके तिवारी, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. मुदित गुप्ता, मेडिसिन के डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. केएम अग्रवाल, डॉ. एचसी साहनी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि बंसल, डॉ. आशीष मित्तल, डॉ. गरिमा बंसल, डॉ. जगत पाल सिंह अपनी निशुल्क सेवाएं दीं।
: वंदे गुरु साहित्य समागम: मातृभाषा ही है मानव के विकास का आधार
Sat, Feb 10, 2024
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समागम में जुटे देश दुनियां के साहित्य प्रेमी, हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने को हुआ मंथन
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समागम के राष्ट्रीय कवि सम्मलेन में बही हास्य, प्रेम और ओज की त्रिवेणी
आगरा। कोई भी मानव अपनी मातृभाषा के बिना प्रगति नहीं कर सकता, साहित्य ही हमें हमारे भूत, भविष्य और वर्तमान से जोड़ता है। हमारी संस्कृति का संरक्षण भी साहित्य सृजन से ही संभव है, कुछ ऐसे ही विचार शनिवार को विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन के सभागार में आयोजित श्री बाँके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा सामुदायिक रेडियो डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय एवं इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन संस्कृति के सहयोग से वंदे गुरु साहित्य समागम 2024 में वक्ताओं के द्वारा सामने आये।
समागम का शुभारम्भ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कुलपति डाॅ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रो. आशु रानी, मुख्य अतिथि इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन संस्कृति चेयरमैन पूरन डावर, अप्सा अध्यक्ष डाॅ. सुशील गुप्ता, महंत गौरव गिरी, अभिषेक पाराशर, बीएसए आगरा जीतेन्द्र गौड़, न्यूरोफिजिशियन डाॅ. नरेश शर्मा, एफएएफएम अध्यक्ष कुलदीप कोहली, श्राॅफ ग्रुप के चेयरमैन अनिल मगन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर कुलपति डाॅ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रो. आशु रानी ने कहा कि इस आयोजन से स्पष्ट हो रहा है कि आज का युवा साहित्य में रूचि ले रहा है। साहित्य ही हमें हमारे भूत, भविष्य और वर्तमान से जोड़ता है। हमारी संस्कृति का संरक्षण भी साहित्य सृजन से ही संभव है इस प्रकार के आयोजन इस दिशा में मील का पत्थर साबित होते हैं वहीं पूरन डावर ने कहा कि हिंदी न सिर्फ हमारी मात्र भाषा है बल्कि यह अभिव्यक्ति का वह माध्यम है जोकि हमें सहजता से सटीक शब्दों में अपने मन की बात रखने हुए हमें हमारी जड़ों से जोड़ने का काम करता है। वहीं डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि हिंदी हमारी मात्र भाषा है हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा मिले। स्वागत उद्बाोधन श्री बाँके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा ने किया वहीं अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन नकुल सारस्वत किया।
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में बही गीत गजल और हास्य व्यंग्य की त्रिवेणी
वंदे गुरु साहित्य समागम में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का जादू भी श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला। हास्य कवि पवन आगरी के संयोजन और संचालन में देश के सुप्रसिद्ध कवियों ने समां बांध दिया। मुज्जफर नगर से पधारी प्रीति अग्रवाल ने अपनी ओजस्वी वाणी से लोगों का रक्त संचार बढ़ा दिया। राणा के वंशज सोए हैं उन्हें जगाने निकली हूं, मैं चूड़ी वाले हाथों से तलवार चलाने निकली हूं। संचालक पवन आगरी ने भी सियासत पर तीखा तंज किया कि भैया यह स्वतंत्र भारत है, यहां खाने की सबमें आदत है। मेरठ से पधारे हास्य कवि प्रतीक गुप्ता और लाफ्टर फेम शरीफ भारती ने प्रेक्षागृह में ठहाकों का तूफान ला दिया। सुप्रसिद्ध गीतकार शशांक नीरज और कवयित्री निभा चैधरी ने अपने गीतों से समां बांध दिया।
गुरुजनों को गुरु श्रेष्ठ सम्मान से किया गया अलंकृत
समागम में गुरुजनों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्गुरु श्रेष्ठ सम्मानश् से अलंकृत किया गया। जिनमें तीन श्रेणियों में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा में सम्मान किया गया।
उच्च शिक्षा में इनको मिला सम्मान
प्रो. अरूण कुमार, डाॅ. कैलाश सारस्वत, डाॅ. अनिल कुमार दीक्षित, डाॅ. अरूण शर्मा, डाॅ. वीरेन्द्र सिंह चैहान, डाॅ. नीतू चैहान, डाॅ. राजेश कुशवाहा, वन्दना चैहान, कैप्टन प्रो.रीता निगम, डाॅ. संजीव कुमार, डाॅ. बृजेश बघेल, डाॅ. सतीश यादव, वरूण सिकरवार,
माध्यमिक शिक्षा में इनको किया गया सम्मानित
डाॅ. सुशील गुप्ता, डाॅ. तरूण शर्मा, प्रकाश चंद गुप्ता, किरण यादव, रीनेश मित्तल, शिव ज्योति, मुकेश शर्मा, डाॅ. मौ. जमीर, डाॅ. नरेन्द्र कुमार सिंह, डाॅ. अनिल कुमार जैन, डाॅ. अनिल वशिष्ठ, कुमुद ग्रोवर, अंकिता जोशी, यादवेन्द्र प्रताप सिंह, डाॅ. भोज कुमार शर्मा, अजय शर्मा, विकास भारद्वाज, डाॅ. सोमदेव सारस्वत, मंजू रानी भारती, लेफ्टनेंट स्वामी प्यारी भारद्वाज, विदुषी सिंह, डाॅ. सत्यप्रकाश यादव, डाॅ. पैनी जैन कपूर,
बेसिक शिक्षा में इनको किया गया सम्मानित
रीना सिंह, भीषमपाल सिंह, बृजेश दीक्षित, रामेश्वर सिंह चैहान, संध्या कुलश्रेष्ठ, सोनिया मल्होत्रा, गीता सिंह, बबिता यादव, यतेंद्र तिवारी, डाॅ. मनोज परिहार, समृद्धि पाठक, सुरेश खिरवार, के.के. इंदौलिया, डाॅ. मनोज वाष्णेय, शिवराज सिंह सिकरवार, राजेन्द्र सिंह राठौर, बलविंदर सिंह गिल।
इस मौके पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन की पीआरओ पूजा सक्सेना, इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन संस्कृति के अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा, डॉ. राम नरेश शर्मा, अविनाश वर्मा, गजेंद्र सिंह, संजय पुंडीर, सुशील सारस्वत, पंकज गुप्ता, विकास कुमार सिंह, सुषुमलता सारस्वत, उमा शर्मा, मीना सिंह, डॉ. ममता श्रीवास्तव संजीव सारस्वत, लंकेश दीपक सारस्वत, संतोष गहलोत, गब्बर राजपूत आदि विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल ने किया।