: गायत्री पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो मुकाबलों में बिखेरा जलवा, शानदार प्रदर्शन से जीते एक दर्जन से अधिक पदक
Fri, Apr 18, 2025
आगरा। हौसले हों बुलंद और प्रशिक्षण सधा हुआ हो तो सफलता कदम चूमती है। इसका प्रमाण मिला प्रथम इंविटेशनल ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता के पहले दिन, जहां गायत्री पब्लिक स्कूल, घटिया आज़म खां, वजीरपुरा के खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा और स्वर्ण, रजत व कांस्य पदकों की झड़ी लगाकर स्कूल का नाम रोशन किया। मयंक शर्मा व राहुल होतवानी जैसे प्रशिक्षकों के सटीक मार्गदर्शन और स्कूल की इंचार्ज रितु दुबे के सहयोग से खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का आयोजन हिलमैन पब्लिक स्कूल, पश्चिमपुरी के इंडोर हॉल में किया गया, जहां रविवार को अंडर-14 और अंडर-17 बालक-बालिका वर्ग में फाइट और पूमसे प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन हुआ। शुभारंभ मुख्य अतिथि मोहर सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान ऐपेरौन ताइक्वांडो संघ, मुंबई के अध्यक्ष रौनक टोडरवाल, स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. अंशुप्रिया पोखरियाल व निदेशक डॉ. अविनाश पोखरियाल भी उपस्थित रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता की शुरुआत कराई।
प्रतियोगिता के पहले दिन भूमि गुप्ता, दित्या शर्मा, ऋद्धि जैन, नियति चांदवानी, एकांश माहेश्वरी, मनन चांदवानी और प्रत्यूष गुप्ता ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जबकि भव्या शिवहरे और अक्षत शर्मा को रजत पदक मिला। परी सिंह, सारिका मेहता और अमोल कुशवाह ने कांस्य पदक जीतकर अपने वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मुकाबले इतने रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहे कि दर्शक पलकें झपकाना तक भूल गए। प्रतियोगिता की पारदर्शिता को और भी बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग सिस्टम (ईएसएस) का इस्तेमाल किया गया, जिससे एलईडी स्क्रीन पर लाइव स्कोर दिखाया गया और दर्शकों को हर मूवमेंट का सीधा रोमांच अनुभव हुआ।
प्रतियोगिता का संचालन भी बेहद अनुशासित और कुशलतापूर्वक किया गया। निर्णायक मंडल में राष्ट्रीय निर्णायक रामजियावन सिंह, देशदीपक कुलश्रेष्ठ, सुशांत सिंह, आलोक कुमार, मनोज पाल, देव कुमार, पारस बघेल, अजीत गुप्ता, गौतम कुमार, वीपी सिंह व प्रदीप गौर जैसे अनुभवी निर्णायक शामिल रहे। आयोजन को सफल बनाने में रघुनाथ यादव, राज कुमार, रूपेश अग्रवाल, शिवम गुप्ता, श्याम, आशीष त्यागी और राहुल का योगदान सराहनीय रहा।
गायत्री पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि न केवल स्कूल के लिए गर्व का विषय बनी, बल्कि आगरा के खेल परिदृश्य को भी नई दिशा देने वाली साबित हुई।
: डॉ सरोज भार्गव के 3 दिवसीय ‘कृतित्व’ का हुआ समापन
Thu, Apr 17, 2025
आगरा। बैकुण्ठी देवी कन्या महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ.सरोज भार्गव की तीन दिवसीय एकल चित्रकला प्रदर्शनी ‘कृतित्व’ का आयोजन सफलता पूर्वक आज सम्पन्न हुआ। इस आयोजन को महानगर के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्राओं ने अवलोकन किया एवं इस प्रदर्शनी की भूरी भूरी प्रशंसा की। प्रदर्शनी में लगे पोर्ट्रेट, कंपोजिशन स्टिल लाइफ, लैंडस्केप के चमकते रंग, सुंदर संयोजन कलाकार के अंतरूभावों की दक्षता ने सभी को प्रभावित किया। डॉ. सरोज भार्गव का यह कार्य वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ी के लिए भी मार्गदर्शन का काम करेगी। जीवन के संध्या काल में कलाकार की यह प्रदर्शनी उनकी कला यात्रा की लंबी पारी की जीवंतता को दिखाता है। इस प्रदर्शनी में शहर के गणमान्य अतिथियों, कला जगत के प्रतिष्ठित कलाकारों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने प्रत्येक दिन शिरकत की और उनके साथ कला परिचर्चा ने प्रदर्शनी को बहुत सफल बनाया। महाविद्यालय एवं आगरा शहर के लिए यह गौरव के पल है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पद्मश्री योगेंद्र कला सम्मान से सम्मानित डॉ. सरोज भार्गव की एकल प्रदर्शनी कृतित्व का आयोजन हुआ।
डॉ. सरोज भार्गव ने अपने भावों के उदगार में कहा कि कला अंतरमन के भावों की सशक्त अभिव्यक्ति है। जीवन कला के माध्यम से इस ऊर्जा का प्रकटीकरण किया गया है। मेरी कलाकृतियां ने हृदय की गहराई से अनुभूति और कल्पना ने ब्रश एवं रंगों के संयोजन से यह तपस्या की है। मेरा जीवन कला एवं कला लेखन के लिए ही समर्पित है और यह साधना मेरे जीवन काल में अनवरत चलती रहेगी।
इस अवसर पर बैकुंठी देवी महिला महाविद्यालय की कला संकाय की डॉ. बिंदु अवस्थी, डॉ. साधना सिंह, डॉ. विनीता, डॉ. सविता प्रसाद, डॉ. मोना सिंह, डॉ. नसरीन बेगम, साधना भार्गव, राधामुकुल गुप्ता, नंद नंदन गर्ग, ममता बंसल इत्यादि अनेक विद्वान व्यक्ति उपस्थित थे मंच संचालन बिंदु अवस्थी ने किया। डॉक्टर साधना सिंह ने डॉक्टर सरोज भार्गव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में बताया। अंत में डॉक्टर सरोज भार्गव ने अपने व्याख्यान में चित्रकला से संबंधित बहुमूल्य सूत्र भावी कलाकारों को प्रदान किये एवं स्वयं के खजाने के बारे में अवगत कराया।
: अनमोल खजाने के रूप में बाहर निकली 60 वर्ष की मेहनत
Wed, Apr 16, 2025
आगरा। कहीं जीवन, कहीं जीवन का संघर्ष, तो कहीं प्रकृति का सौन्दर्य और कहीं भारतीय संस्कृति रंगों की रुपहली चादर ओढ़े थी। जीवन का हर पहलू रंगों में लिपटकर मानो कैनवास पर सज गया। रचनात्मकता और कलात्मकता का कुछ ऐसा ही संगम नजर आया। बैकुण्ठी देवी कन्या महाविद्यालय में आयोजित पूर्व प्राचार्य डॉ. सरोज भार्गव की पेंटिंग की तीन दिवसीय प्रदर्शनी (कृतित्व) में। जिसमें 60 वर्षों की मेहनत में पेंटिंग के संग्रह का ऐसा खजाना था जिसे देख हर कोई मुग्ध हो गया। प्रदर्शनी में लगभग सवा सौ से अधिक रचनाएं हैं।
विश्व कला दिवस के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय (15-17 अप्रैल) प्रदर्शनी का शुभारम्भ बैकुण्ठी देवी महाविद्यालय मैनेजिंग कमेटी के सचिव मोहित गुप्ता, प्राचार्य प्रो. पूनम सिंह व नेशनल गैलरी ऑफ मार्डन आर्ट के डायरेक्टर जनरल डॉ. संजीव किशोर गौतम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। डॉ. सरोज भार्गव ने अतिथियों का स्वागत एवं पौधे भेंट करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि जितनी स्केचिंग करोगे आपकी पेंटिंग में उतना ही निखार आएगा। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर डॉ. सरोज भार्गव की कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सुखद अनुभूति है, जो कला क्षेत्र में नए विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभकारी एवं प्रेरणास्पद होगी।
विशिष्ठ अतिथि डॉ. रंजना बंसल ने कहा कि यह प्रदर्शनी नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत में जीवन का संदेश है। जिसके पास सृजन शक्ति है वह हमेशा आनंदित रहता है। 16-17 को भी प्रदर्शनी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक सभी के लिए खुली रहेगी। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो. बिन्दु अवस्थी, डॉ. साधना सिंह, डॉ. सविता प्रसाद, विनीता कुमारी, नन्द नन्दन गर्ग, प्रांतीय उपाध्यक्ष, संस्कार भारती, साधना भार्गव, नीलिमा भार्गव, राधामुकुल गुप्ता, डॉ. नीलम कान्त, डॉ. मीनाक्षी ठाकुर, डॉ. मीना कुमारी, डॉ. सपना गोयल,डॉ. ममता बंसल, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. तपस्या सिंह, डॉ. पूनम भार्गव, डॉ. मोना मिश्रा, डॉ. आभा, ककार्यकारिणी सदस्य, राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ, डॉ. एकता श्रीवास्तव, डॉ चित्रलेखा सिंह, दिनेश मौर्य, आर्किटेक्ट राजीव द्विवेदी, अनिता भार्गव, मीना अग्रवाल, नीता गर्ग, बबिता पाठक, नसरीन बेगम , सीनियर एडवोकेट आनंद प्रकाश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ एवं मंच संचालन डॉ. बिन्दू अवस्थी ने किया।