: तेंदुओं की खूबसूरत दुनिया को हरविजय बाहिया ने दिया अपनी कलम और फोटोग्राफी से अनूठा रूप
Sun, Oct 27, 2024
"रॉकस्टार्स ऑफ बेरा" कॉफी टेबल बुक का किया गया विमोचन
राजस्थान में भारत के तेंदुओं के देश “बेरा” का यात्रा वृतांत समाहित है पुस्तक में
210 पेज की पुस्तक में तेंदुओं को एक हीरो की तरह किया गया है प्रस्तुत
मोटर स्पाेर्ट, क्रिकेट, गोल्फ, बॉक्सिंग, फोटोग्राफी के बाद हरविजय ने लेखन में साबित किया स्वयं को
आगरा। काले रंग के कवर पेज का आवरण ओढ़े एक बहुत मोटी सी पुस्तक अपने अंदर लेखन और फोटोग्राफी का अद्भुत संसार लिये होगी, ये शायद ही किसी को पता होगा। रविवार को होटल क्लार्क्स शिराज में हरविजय बाहिया की कॉफी टेबल बुक का जब विमोचन हुआ तो हर कोइ उनकी कालजयी कृति को देखकर अचंभित सा रह गया। पुस्तक का विमोचन डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, डीएफओ आदर्श कुमार सहित हरविजय बाहिया के परिजनों ने किया।
पेशे से जूता व्यवसायी, खेल, पर्यावरण प्रेमी, फोटोग्राफी के शाैकिन हरविजय बाहिया, आगरावासियों के लिए परिचित नाम हैं। 72 वर्ष की उम्र में प्रकृति के सबसे नजदीक रहने वाले प्राणी को एक नायक की तरह प्रस्तुत करने की कला सभी साहित्य और प्रकृति प्रेमियों के लिए अनूठी मिसाल बनी है।
हरविजय बाहिया ने अपनी इस पुस्तक यात्रा के बारे में बताया कि राजस्थान का एक ग्रामीण क्षेत्र है बेरा, जोकि अरावली की पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां की विशेषता है कि विगत 150 वर्षाें में यहां के जंगली क्षेत्र में रहने वाले तेंदुओं ने कभी भी किसी भी मानव पर हमला नहीं किया है।
हरविजय ने बताया कि स्वास्थ संबंधित समस्या के कारण उन्हें प्रकृति की गोद बेरा में जाने का अवसर मिला। ये अवसर कब तेंदुओं के साथ एक रोमांटिक मुलाकात में बदल गया उन्हें पता ही नहीं चला। रात साढ़े तीन− तीन बजे जागकर दिनचर्या आरंभ करने का सिलसिला चला तो अंधेरी रात में तेंदुओं की जीवनचर्या से रूबरू हुए। फोटोग्राफी के शौक के चलते जब तेंदुओं की खूबसूरती को लैंस से कैद किया तो वो शाैक पुस्तक में बदल गया। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि एकांत में शांति होगी, लेकिन प्रकृति के सन्नाटे में वो निवास वास्तव में जीवित होने का अनुभव था।
पुस्तक बेरा और उसके रॉकस्टार की ओर ध्यान आकर्षित करती है, जहां प्रकृति अपने शानदार वन्य जीवन के साथ आकर्षक ढंग से फैली हुई है। "रॉकस्टार्स ऑफ बेरा" राजस्थान में भारत के तेंदुओं के देश 'बेरा' की यात्रा है।
चुस्त तेंदुए की फोटोग्राफी है रोमांचक
तेंदुओं की फोटोग्राफी के अनुभव पर सुधा कपूर के साथ चर्चा करते हुए हरविजय बाहिया ने कहा कि तेंदुआ एक बेहद फुर्तिला पशु है। उसकी निगाह हर वक्त लक्ष्य के साथ अपनी सुरक्षा पर रहती है। उसके कदमों के चिन्ह देखकर उसका पीछा करना और समीप जाकर फोटो लेने का अनुभव सदैव स्मरण रहेगा। तेंदुए अधिकांश शिकार रात को करते हैं। इसलिए रात के अंधेरे में बहुत बार उनका पीछा करना होता था। एक बेहतरीन शाट के लिए एक सेकेंड में करीब दस से अधिक क्लिक करने होते थे। तब जाकर हजारों फोटोग्राफ में से कुछ चुनिंदा फोटो ने काफी टेबल बुक में जगह प्राप्त की।
70 वर्ष की उम्र में आरंभ की नवीन यात्रा
हरविजय बाहिया ने बताया 2020 में जब 70 वर्ष की उम्र के पड़ाव पर पहुंचा तो पीछे मुड़कर देखा कि तो स्वयं को फोटोग्राफर, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, स्क्वैश, गोल, एंड्योरेंस कार रैलियों और यात्राओं का शानदार अनुभव पाया। साथ ही गहन अध्ययन, साहित्य और रंगमंच के कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ-साथ पर्यावरण कार्यक्रमों और शहर के सौंदर्यीकरण में अपनी भागीदारी देखी लेकिन जीवन उद्देश्य इतना भर नहीं था। इसके बाद क्या की खाेज मुझे आगे बढ़ने लिए उन्हें प्रेरित कर रही थी।
इस प्रेरणा ने आगरा एडवेंचर क्लब के गठन को जन्म दिया जिसका उद्देश्य 100 किमी के दायरे में आगरा के आसपास के क्षेत्रों का पता लगाना था। इंटरनेट पर सर्फिंग करते हुए राजस्थान के एक गांव बेरा के बारे में पता चला, जहाँ तेंदुए इंसानों के साथ-साथ रहते हैं। यह सुनने में रोमांचक लगा, तेंदुए और इंसान एक साथ कैसे रह सकते हैं? दिमाग में बहुत सारे सवाल उठे, कुछ ऐसा था जो ध्यान आकर्षित करने लगा। बेरा के बारे में और अधिक शोध करना शुरू कर दिया, जो कुछ भी पाया वह आकर्षक और उतना ही साहसिक था, अंततः अनूठा। बढ़ती उम्र को दरकिनार करते हुए और सभी परेशान करने वाले विचारों को शांत करते हुए, बेरा की यात्रा करने का संकल्प लिया लेकिन कोविड के कारण उस वक्त वो विचार विफल रहा। 2022 में फरवरी की शुरुआत में ब्रेन स्ट्रोक ने शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से टूटा लेकिन जीवन संघर्षाें से लड़ने की क्षमता के कारण लेह जाने का विचार बनाया और निकल पड़ा। इसके बाद कार द्वारा जयपुर, अजमेर, बीवर और पाली से गुज़रते हुए एक आरामदायक ड्राइव के बाद बेरा से सिर्फ़ 20 मील दूर सुमेरपुर पहुंचने पर भूभाग काफ़ी बदल गया, दूर-दूर तक चट्टानी पहाड़ियां झाड़ियों और वनस्पतियों की घनी झाड़ियों से ढकी और घिरी हुई थीं। उस स्थल पर पहुंचते ही मन से आवाज उठी ये वाे जगह है जहां मुझे होना चाहिए। तेंदुओं की खूबसूरत दिनचर्या, स्वयं से स्वयं की लड़ाई और हर बार जीतने की ललक उन्हें रॉकस्टार ही बनाती है। इस यात्रा को एक पाठ की तरह सिखाया स्थानीय निवासी रबारी ने।
इन्होंने किया सहयोग
हरविजय बाहिया ने अपनी कॉफी टेबल बुक के विमोचन पर अपनी दिवंगत पत्नी इंदू, बच्चे मानसी, सिमरन, हरशिव और देविका, जयश चौहान, आनंद तिवारी, वेदपाल धर, नीलिमा डालमिया, अंशु खन्ना, रोली सिन्हा, ललित राजौरा, सुशील ठुकराल के साथ ही बेरा में अल सुबह चाय पिलाने वाले गुमान सिंह का भी आभार प्रकट किया।
ये रहे उपस्थित
रॉकस्टार्स आफ बेरा काफी टेबल बुक के विमोचन के अवसर पर वेदपाल धर, सिद्धार्थ जैन, डॉ अनुज कुमार, डा. राकेश भाटिया, पुत्रवधू देविका बाहिया, नातिन तारिणी चंद्रा ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर पूरन डावर, डॉ रंजना बंसल, रेनुका डंग, राम मोहन कपूर, पूनम सचदेवा, नीना कथुरिया, सुषमा, मनजीत अलग, आशा भगत, संदेश जैन, सुशील जैन, राजीव वासन, अरुण डंग, राजीव गुप्ता, राजीव सक्सेना, विक्रम शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
: सत्तू शेक और बायोब्रीज के साथ दलाल स्ट्रीट में खूब हुई खरीद फरोख्त
Thu, Oct 10, 2024
सेंट पीटर्स कालेज में आयोजित किया गया बी-वर्ल्ड फेस्ट (10 एडीशन)
बी-वर्ल्ड फेस्ट में विभिन्न शहरों के 25 स्कूलों के लगभग 600 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग, सीखीं व्यापारिक वारीकियां
आगरा। प्रोडक्ट लॉन्च करने से लेकर उसकी मार्केटिंग, पैकेजिंग, सेलिंग पब्लिसिटी तक की प्रतिस्पर्धा के साथ निर्णायक मण्डल के सवालों के तीर भी थे। जिसे भावी व्यापारियों ने बखूबी निभाया। वहीं दलाल स्ट्रीट में पहुंचे तो कई व्यापारी, लेकिन कुछ ने सब कुछ गंवा दिया तो कुछ ने पांच लाख के करोड़ों बना दिए। यह दलाल स्ट्रीट थी सेंट पीटर्स कालेज में आयोजित बी वर्ल्ड कॉमर्स फेस्ट की एक प्रतियोगिता और व्यापारी थे फेस्ट में भाग लेने आए विद्यार्थी। प्रत्येक विद्यार्थी को वर्च्युअल पांच-पांच लाख रुए दिए गए। जिन्हें स्टॉक मार्केट में लगाना था। पल-पल बदलते कम्पनियों के भाव और नफा नुकसान की जद्दोजहद ने भावी व्यापारियों को बहुत कुछ सिखाया।
चमचमाते सोने के सिक्कों, यूरो और डॉलर से सजे परिसर में मानों देश के भावी व्यापारियों का मेला लगा था। जिसका शुभारम्भ कालेज के पूर्व छात्र व बिजनेस वेबसाइट के फाउंडर सिद्धार्थ विज ने नोटो और सिक्को से सजे ग्लोब का स्विच ऑन कर किया।
इस अवसर पर कालेज के प्राचार्य फादर डॉ. आलवेन पिंटो, उपप्रधानाचार्य लुइस केस, कॉमर्स विभाग के विभागाध्यक्ष मनीष मगन भी मौजूद थे। बी टैंक प्रतियोगिता में जहां विद्यार्थियों ने सत्तू शेक जैसे स्वादिष्ट और पौष्टिक प्रोडक्ट के साथ बिजली को बचाने वाली बायोब्रीज (फ्रिज) लॉन्च किए, वहीं मोक पार्लियामेंट में पक्ष विपक्ष में सत्ता और व्यापारिक मुद्दों पर खूब बहस हुई। क्रिट बिट में भावी व्यापारियों ने बोली लगने पर प्लेयर्स को खरीदकर अपनी टीम तैयार की। अंत में रॉक बैंड प्रतियोगिता को सबी ने खूब इंजाय किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अथर्व मित्तल, नकुल मनचंदा, मोरीन मिरेन्डा, एंथनी, सिस्टर थैरिसलिट, शानू महाजन, राहुल शर्मा आदि मौजूद थे।
आइडिया है तो बिना रुके स्टार्ट करो
यदि कोई आइडिया है तो बिना रुके, निडरता, उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपना व्यापार शुरु करो। कोई भी काम शुरु करने का कोई सही समय नहीं होता। आपकी उम्र 18, 25 या 50 वर्ष हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। जब भी आइडिया आए, इंतजार किए बिना शुरु करो। क्योंकि शुरु करने से पहले जो परेशानियां महसूस होती हैं, शुरु करने पर सफलता में आपकी मेहनत और लगन से सब दूर हो जाती हैं। यह कहना था बी वर्ड फेस्ट के मुख्य अतिथि व 2011 के सेंट पीटर्स कॉलेज के पास आउट छात्र सिद्धार्थ विज का। जो आज 2 हजार मिलियन डॉलर टर्नओवर वाली कम्पनी बिजनेस वेबसाइट के फाउंडर हैं। उन्होंने बताया कि आज उनकी बी टू बी एप से दो लाख दुकानदार और 5 हजार से अधिक फैक्ट्री जुड़कर अपने व्यापार को आगे बढ़ा रही हैं।
जब प्रतिभागियों के बीच पहुंचे सेठ जी
सेठ की रूप में जब एक विद्यार्थी अतिथियों और प्रतिभागियों के बीच पहुंचा तो माहौल रोमांच से भर उठा। हर कोई सेठ जी के साथ सेल्फी लेना चाहता था, डांस करना था। उद्देश्य धोती पहने और तोंद निकले, मसाला चबाते पुराने जमाने के सेठ जी की छवि को बदल सूट-बूट बाले और पढ़े लिखे सेठ की छवि दर्शा कर विद्यार्थियों को व्यापार के प्रति प्रोत्साहित करना था।
झाड़ू पोछे से डिजायनिंग, प्लानिंग और संचालन तक सभी तैयारी विद्यार्थियों ने की
बी वर्ड फेस्ट की तैयारी में कॉमर्स क्लब के 11-12 के विद्यार्थियों ने झाड़ू पोछे से लेकर कार्यक्रम की डिजायनिंग, प्लानिंग तक सभी काम खुद किया। अध्यक्ष दक्ष सूरी, उपाध्यक्ष तृष पिप्पल, मुदित मुंजल, अमन अहमद, अग्रिम अग्रवाल, अब्दुल, विहान कश्यप, तरन वत्यानी, ध्रुव मखीजा, अमन दुआ, राम मल्होत्रा, धु्रव मित्तल, आद्यांत अग्रवाल आदि ने कार्यक्रम की व्यवस्थाएं सम्भाली।
: हरियाणा में भाजपा की जीत का आगरा में मना जश्न
Wed, Oct 9, 2024
आगरा। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि दशहरा की पूर्व बेला में इस विजय को असत्य पर सत्य की विजय है। हरियाणा की जनता ने देश के विकास रथ को आगे बढ़ाने का जनादेश दिया है। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कांग्रेस व यू.पी.ए गठबंधन पर विघटनकारी, जातिवादी, समाज तोड़क राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब इनके झूठ की पोल खुल चुकी है।
विधायक खंडेलवाल ने कहा कि ई.वी.एम. का राग अलापने वाली कांग्रेस, सपा हरियाणा की शर्मनाक हार से ऐसे बौखला गए हैं जैसे खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे। उन्होंने कहा कि धारा 370, 35A हटने के बाद सफल लोकतंत्र की वापसी हुई है। वहां अपनी चुनी हुई सरकार है, जहां मोदी जी की सरकार के कारण अनुसूचित वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिला है। निश्चित रूप से वहां की जनता ने अपनी सरकार चुनी है, यह जम्मू कश्मीर के सुखद भविष्य का संकेत है।