Mon 05 Oct 2026
Breaking News Exclusive
बचपन से बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण, गीता से जीवन-दर्शन समझाने की पहल ‘मीट एट आगरा’ में ग्लोबल फुटवियर इंडस्ट्री का संगम, 11 देशों की भागीदारी 1500 बच्चों ने जानी संत रविदास की वाणी, समरसता महोत्सव में दिखी नई पीढ़ी की भागीदारी सड़कों पर उतरी मिथिला, आमंत्रण यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब 18वें अंतरराष्ट्रीय फेयर के लिए सजकर तैयार हुआ आगरा ट्रेड सेंटर; 3 से 5 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन “प्रगटीं सिय बिधि बीच बिचारा, जनकपुर मंगल भवन उजियारा” — हल की नोक से घड़े में हुआ मां जानकी का प्राकट्य मिथिला नगरी का हुआ भव्य श्रृंगार, प्रभु श्रीराम के स्वागत को सजे घर-द्वार “भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव का समापन, सहस्त्रनाम हवन से दी गयी पूर्णाहुति

Pragya News 24

Tue, Sep 17, 2024
Post views : 89
  • दस दिवसीय महोत्सव का हुआ दक्षिण भारतीय पूजन पद्धति से समापन
  • गणपति के 1008 नामों से दी गयी आहुतियां, दूर्वा से हुआ अर्चन

आगरा। सबका मंगल हो, मेरा मंगल हो, मेरा मंगल हो….हे मंगलमूर्ति सबका मंगल हो। इसी मंगल कामना के साथ श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव का समापन आगरा− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में हुआ।

दस दिवसीय महोत्सव के समापन पर मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग और साधना गर्ग ने सहस्त्रनाम हवन किया। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लखन दीक्षित ने बताया कि श्रीगणेश सहस्त्रनाम पाठ हर विघ्न को हरने वाला है। जगत हिताए की मंगल कामना के साथ जब इस हवन को किया जाता है तो मंगल वर्षा होती है। श्रीअनंत चतुर्दशी के पुण्य अवसर पर भगवान महागणपति के सहस्त्रनाम जप करते हुए महापूर्णाहुति और दूर्वा अर्चन किया गया। इसके बाद संध्या बेला में नक्षत्र, कुम्भ, पंच, धूप और शीतल आरती की गयी। दक्षिण भारतीय पूजन पद्धति का अनुसरण करते हुए मंदिर में कढ़ी चावल और पूड़ी सब्जी की भाेग प्रसादी हुयी। मंदिर प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि अनंत चतुर्दशी की सेवा हाथरस निवासी प्रतीक अग्रवाल की ओर से रही। मनीष कुमार बंसल ने ध्वजा अर्पित की। दस दिन पूजा सेवा में आचार्य भरत उपाध्याय और आचार्य नीरज पाराशर का सहयोग रहा।

गणेश महोत्सव का समापन होने के अवसर पर मंदिर में विशेष सजावट की गयी थी। मंदिर परिसर को दिल्ली से मंगवाए गए फूलों से सुसज्जित किया गया था। अपने आराध्य के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार मंदिर परिसर से सड़क तक लगी रही।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन