Wed 03 Jun 2026
Breaking News Exclusive
2100 कमल पुष्पों से सजा श्रीजगन्नाथ जी का सिंहासन, इस्कॉन मंदिर में आयोजित किया कमल तलाई मनोरथ मासिक धर्म को लेकर करें खुलकर बात- डॉ. खुशबू केसरवानी अधिकमास के 11वें दिन धूमधाम से संपन्न हुआ तुलसी विवाह, बैंड-बाजों के साथ निकली ठाकुर जी की बारात नवजातों की जीवन-रक्षा के लिए अपना दुग्ध दान करने वाली माताओं को दिया माँ यशोदा गौरव सम्मान श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में हुआ दान लीला (दान एकादशी) का आयोजन गंगा दशहरा और एकादशी पर सेवा का संदेश, राहगीरों को वितरित किया शरबती दूध और छाछ सामाजिक सरोकारों के साथ फेयरफील्ड बाय मैरियट ने मनाई तीसरी वर्षगांठ गोल्डन मिनट्स में नवजात की जान बचाने को होगा प्रशिक्षण क्षत्रिय समाज में एकता के संकल्प के साथ महाराणा प्रताप जयन्ती पर धूमधाम से निकाली शोभायात्रा राजपुर चुंगी से शमशाबाद मार्ग तक गूँजे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जयकारे

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: गुप्त नवरात्रों की सप्तमी के दिन अर्ध रात्रि में हुआ महामाई का महायज्ञ, 108 श्रीफलों की दी गई आहूति

Pragya News 24

Sun, Feb 18, 2024
Post views : 58

आगरा। गुरु के बिना कोई संसार रूपी भवसागर को नहीं तर सकता, चाहे वह ब्रह्मा जी और शंकर के समान ही क्यों न हो। मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में आज श्रीराम कथा में कथा वाचक संजय शास्त्री ने श्रीराम कथा में गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भगवान की प्राप्ति गुरु के बिना सम्भव नहीं। श्री राम कथा में राम जन्म, सीता स्वयंवर का संगीतमय कथा का वर्णन किया। कहा कि सिर्फ राम नाम ही भरोसे का है। राम नाम एक ऐसा बटन है जो आपकी हर मनोकामना को पूरा करेगा।

श्रीराम के अवतार का कारण अपने भक्तों का उद्धार है। बड़े बड़े संत मन में इच्छा को लेकर चले गए कि अयोध्या में श्रीराम कब विराजमान होंगे। हम बड़े सौभाग्यशाली है जो हमने श्रीराम को अयोध्या में बिराजते देखा। भगवान श्रीराम का वनवास तो केवल 14 वर्ष का था, भक्तों का 500 वर्ष का वनवास था। श्रीहरि ने श्रीराम के रूप में राजा बनने के लिए अवतार नहीं लिया था, वह संतों और भक्तों को हृदय से लगाने के लिए आए थे। भक्त और संत का हृदय भगवान का घर है। बड़े महलों से उन्हें कोई मतलब नहीं। सीता स्वयंवर की कथा में जैसे ही सीता जी ने श्रीराम के गले में वरमाला डाली कथा स्थल सियाराम के जयकारों से गूंजने लगा।

महायज्ञ स्थल पर एक जोड़े का विवाह भी सम्पन्न हुआ
मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में आज एक जोड़े का विवाह भी सम्पन्न हुआ। महायज्ञ की पवित्र अग्नि के समक्ष वर वधू ने फेरे लिए और सात वचनों को निभाने का संकल्प लिया। पवन दीक्षित, ब्लॉक प्रमुख सोनू दिवाकर व आयोजन समिति के सदस्यों ने कन्यादान लेकर वर वधू को आशीर्वाद व ग्रहस्थी का सभी सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। वर वधू के परिवारी जनों ने मंगल गीत गाए। पूर्व मेयर नवीन जैन ने युगल दम्पत्ति को आशीर्वाद देने के साथ महायज्ञ में मां कामाख्या के समक्ष आहूति भी दी।

इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, मुख्य संयोजक राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।

अष्टमी के रात्रि में 108 किलो फलों की आहूति से हुआ मां कामाख्या के निशा पूजन
गुप्त नवरात्रों की अष्टमी पर कालरात्रि में मां कामाख्या का निशा पूजन किया गया। अष्टमी और आज नवमी तिथि में सुबह भी वासुदेव गर्ग ने प्रधान कुण्ड पर पूजन कर सभी आचार्यों से आशीर्वाद लिया। राजदरबार ग्रुप के पवन दीक्षित, अमित वाष्र्णेय, बी एस पाण्डेय, मुख्य मीडिया प्रभारी रमेश राय, धरमवीर सोलंकी, जितेन्द्र अग्निहोत्री, नीरज शर्मा, दिनेश शर्मा आदि शामिल रहे। परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में शास्त्रीपुरम, सुनारी में महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 108 यज्ञकुण्डों में श्रद्धालुओं ने आहूति दी व विधि विधान के साथ पूजन किया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन