: 12 अक्टूबर को मनेगा संस्कार भारती का दीपावली आनन्द मेला
Wed, Oct 8, 2025
जयपुर हाउस, श्रीराम पार्क में आयोजित होगा मेला
मेले में स्वदेशी उत्पादों और आत्मनिर्भर नारीशक्ति को किया जाएगा प्रोत्साहित
9 अक्टूबर को होगी मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम संग विभिन्न प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
शंख बजाने की प्रतियोगिता होगी मुख्य आकर्षण
आगरा। संस्कार भारती, पश्चिम प्रताप, आगरा महानगर, ब्रज प्रान्त द्वारा दीपावली के पावन अवसर पर ‘दीपावली आनन्द मेला’ श्री राम पार्क, जयपुर हाउस में रविवार 12 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए मनोरंजक व खास होगा। प्रताप नगर बुर्जी वाला मंदिर में करवा चौथ के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। यह जानकारी आज प्रताप नगर स्थित संस्कार केन्द्र में आयोजित आमंणत्र पत्र विमोचन कार्यक्रम में आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने दी।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ प्रचारक विजय कुमार ने कहा कि तीज त्यौहार उत्सवों के आयोजनों द्वारा भारतीय संस्कृति और संस्कारों का स्वाभाविक रूप से अगली पीढ़ी को ज्ञान होता है। संस्कार भारती के द्वारा आयोजित चौबीसवां दीपावली आनन्द मेला इस दिशा में बड़ा कदम है। मेले में नीता गर्ग, मीना अग्रवाल और अनीता भार्गव के संयोजन में स्वर्णिम भारत की थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे जिनको कोरियोग्राफर पुरुषोत्तम मयूरा द्वारा तैयार करवाया जा रहा है।
डा. आभा गुप्ता (राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश सरकार की सदस्या) द्वारा तैयार किए चित्र में रंग भरो प्रतियोगिता, अमित अग्रवाल के निर्देशन में महाभारत पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, कलश सज्जा प्रतियोगिता, थाल सज्जा प्रतियोगिता, विविध वेश प्रतियोगिता सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। घर घर में शंख बजाने को प्रोत्साहित करने के लिए शंख बजाने की प्रस्तुतियां करवाई जाएंगी। सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर जयराम दास होतचंदानी, रमेश चन्द अग्रवाल नमक वाले, गौरव बंसल धूम पायल, गौरव जिंदल डायरेक्टर रामानुज इंटर कॉलेज, रामघनश्याम दास अग्रवाल, डॉ ऋषि महाजन, राकेश अग्रवाल आर के मार्केटिंग, सुरेश चन्द्र अग्रवाल जैगरा वाले, महेन्द्र खंडेलवाल, तपेश जैन, ब्रिजेश सूतेल, नवीन उपाध्याय, चौधरी राजन सिंह, रवि नारंग, होली लाइट पब्लिक स्कूल, सी ए संजय अग्रवाल, माही इंटरनेशनल, दिनेश अग्रवाल डेरी, डा विनोद माहेश्वरी, प्रांत प्रचारक प्रमुख प्रीतम जी, फतेहपुर सीकरी के जिला संपर्क प्रमुख, प्रांतीय महामंत्री नन्द नन्दन गर्ग, महानगर अध्यक्ष आर्कीटेक्ट राजीव द्विवेदी, समिति के अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल सुपारी वाले, महानगर के महामंत्री ओम स्वरूप गर्ग, महानगर के कोषाध्यक्ष राजीव सिंघल (फर्नीचर), महोत्सव के सर्वव्यवस्था प्रमुख नीरज अग्रवाल, प्रभारी श्याम तिवारी, मेला संयोजक आशीष जैन, मेला सह संयोजक नीता गर्ग, शुभांशू गर्ग और राकेश पाठक, कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंघल प्रभु दत्त उपाध्याय, उपाध्यक्ष इंजीनियर सुरेश चन्द्र अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
: छत्रपति शिवाजी महाराज की गाथा : भक्ति, नीति और पराक्रम का अद्भुत समन्वय
Wed, Oct 8, 2025
आगरा। कलाकृति कन्वेंशन सेंटर में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा प्रस्तुत ‘जाणता राजा’ महा नाट्य ने भारतीय इतिहास की उस गौरवगाथा को पुनर्जीवित किया जिसमें धर्म, नीति और राष्ट्रभक्ति का संगम झलकता है। मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन की झांकी ने स्वराज और आत्मगौरव की भावना को प्रभावशाली रूप में साकार किया। बुधवार को पांचवें दिन की नाट्य प्रस्तुति में औरंगजेब के साम्राज्यिक वैभव के समक्ष शिवाजी महाराज की नीतिपूर्ण वीरता का प्रदर्शन दर्शकों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव रहा। शक्ति और साहस से परिपूर्ण उस दृश्य में, जब औरंगजेब प्रतिशोध से भरा होने पर भी शिवाजी महाराज के शौर्य के आगे नतमस्तक होता है, सभागार में तालियों की गूंज और श्रद्धा का मौन एक साथ उपस्थित रहा।
अभिनय, संवाद और साज-सज्जा का समन्वय
कलाकारों के सशक्त संवाद, गंभीर अभिव्यक्ति और जीवंत प्रस्तुति ने हर दृश्य को इतिहास की सांसों से जोड़ दिया। युद्धभूमि, दरबार, और शिवकालीन समाज के दृश्य बारीकी से संयोजित किए गए। प्रकाश, ध्वनि और वस्त्राभूषण का उत्कृष्ट संयोजन दर्शकों को 17वीं शताब्दी की मराठा भूमि में ले गया।
दर्शकों की भावनात्मक सहभागिता
खचाखक भरे परिसर में दर्शकों की उपस्थिति और उत्साह ने यह सिद्ध किया कि ‘जाणता राजा’ केवल एक मंचीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव की अनुभूति है। हर प्रसंग पर उमड़ता उत्साह और जयघोष यह दर्शाते रहे कि इतिहास जब मंच पर जीवंत होता है, तो वह पीढ़ियों को जोड़ता है।
सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण
‘जाणता राजा’ महा नाट्य ने यह संदेश दिया कि शिवाजी महाराज का जीवन केवल युद्धों की कथा नहीं, बल्कि धर्म, नीति और स्वराज की आदर्श परंपरा है। यह प्रस्तुति भारतीय संस्कृति की उस अटूट ज्योति का प्रतीक है जो युगों से प्रज्वलित है और आगे भी मार्गदर्शन करती रहेगी।
: शरद पूर्णिमा पर महारास देखने को ठहर गए थे चंद्रमा
Wed, Oct 8, 2025
धवल पोशाक में श्रीहरि और जगमगाते दीपों की श्रंखला से जगमगाया श्रीजगन्नाथ मंदिर
यशोदा दामोदर महोत्सव के रूप में मनेगा कार्तिक उत्सव,
राधा रानी के प्रिय कार्तिक माह में प्रतिदिन दीपों से जगमगाएगा श्रीजगन्नाथ मंदिर
कार्तिक मास दीपदान महोत्सव के प्रथम दिन श्वेत पोशाक में भक्तों को दिए दर्शन
आगरा। शरद पूर्णिमा के दिन ही भगवान माता यशोदा से चंद्रमा पाने की जिद पर मचले थे। आज ही यशोदा मैया ने थाली में चंद्रमा दिखाकर श्रीकृष्ण भगवान को बच्चों की तरह बहलाया था। वहीं महारास का परमानन्द ब्रजवासियों को शरद पूर्णिमा के दिन ही मिला था। जिसे देखने के लिए चंद्रमा भी ठहर गए थे। श्रीहरि की अन्य लीलाएं भी कार्तिक माह में हुई थीं। राधारानी के प्रिय कार्तिक मास दीपदान महोत्सव का शुभारम्भ आज श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कान, कमला नगर) में भक्तिभाव के साथ किया गया। मंगला आरती, संकीर्तन पर 2100 दीपदान के साथ आज सम्पूर्ण मंदिर जगमगा रहा था। आज श्रीहरि ने बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग धवल पोशाक में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
प्रातः 4.30 बजे मंगला आरती के साथ आज कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में कार्तिक मास दीपदान महोत्सव का शुभारम्भ हुआ। जिसमें भक्तों ने दामोदराष्टकम, दीपदान कर तुलसी मैया की आरती की। हरे रामा हरे कृष्णा… संकीर्तन और भगवान के अलौकिक दर्शन ने हर भक्त को भक्ति के सरोबर में डुबकी लगवाई। इस्कान आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि कार्तिक मास में प्रतिदिन दामोदराष्टम व गोपीगीत होगा। प्रतिदिन 2100 दीप मंदिर परिसर में प्रज्ज्लित कर दीपदान किया जाएगा। भगवान के विभिन्न वेश और गोपाष्टमी, बैकुण्ठ चतुर्दशी, दीपावली, देवउत्थान एकादशी सहित विभिन्न उत्सव भक्तिभाव के साथ मनाए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, आशु मित्तल, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, संजय कुकरैजा, ओमप्रकाश अग्रवाल, शैलेन्द्र, नितेश अग्रवाल, अदिति गौरांगी आदि उपस्थित थे।
10 वर्ष बाद नए सिंहासन पर विराजन हुए भगवान जगन्नाथ
आज शरद पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग नए सिंहासन पर विराजमान हुए। श्वेत पोशक धारण किए भगवान के अलौकिक दर्शक को हर भक्त उत्सुक था। मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि 10 वर्ष बाद भगवान को शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर नए सिंहासन पर विराजमान किया गया है।
पूरे माह होंगे यशोदा दामोदर के दर्शन
त्रैता युग में दीपावली के दिन श्रीराम अयोध्या वापस आए थे, परन्तु द्वापर युग में दीपावली के दिन यशोदा माता ने भगवान को ओखल से बांध दिया था। यह ऐसी लीला है जिसे कोई देख भी नहीं सका। भक्ति के कारण श्रीहरि माता से प्रेमवश बंधे थे। इसी भक्ति को नमन करने के लिए कार्तिक माह में प्रतिदिन यशोदा-दामोदर के दर्शन होते हैं। श्रीकृष्ण की सभी लीलाएं कार्तिक माह में हुई। गौचारण गिर्राज धरण, महारास, कालिया नाग मर्दन, इंद्र दमन, गोवर्धन पूजा, समुन्द्र मंथन सभी लीलाए कार्तिक मास में हुई। श्रीकृष्ण का जन्म भादों में परन्तु नामकरण कार्तिक माह में ही हुआ था।