: झूला झूलेरानी राधिका तो सखियां गावत मल्हार…
Sat, Aug 10, 2024
नव चेतना महिला मण्डल द्वारा मंगलम एस्टेट में उत्साह व उमंग के मनाया तीजोत्सव, हरे परिधान व सोलह श्रंगार कर पहुंची सभी सखियां
आगरा। रिमझिम बारिश के फुहार के बीच नव चेतना महिला मण्डल की सखियों ने उत्सह व उमंग के साथ तीजोत्सव मनाया। दयालबाग मंगलम एस्टेट में आयोजित तीजोत्सव में सभी सखियों का स्वागत संस्थापिका श्रद्धा दीक्षित ने माथे पर चंदन लगाकर किया। हरे परिधान, हरी चूड़ियां, हरी बिन्दी से श्रंगारित महिलाओं ने ढोलक की थाप पर मल्हार गाए और नृत्य कर तीजोत्सव का आनन्द लिया। कई आकर्षक गेम भी खेले।
रेनू अग्रवाल ने मल्हार झूला तो झूले रानी राधिका तो ऐ जी साखियां गावत मल्हार…, श्रद्धा ने गाया बरस रही है कारी कारी, मत बरसो बदरिया कारी… गाया तो सखिया नृत्य करने लगी। इस मौके पर महिलाओं के लिए आकर्षक व मनोरंजक खेल भी रखे गए। जिसमें सावन माह और तीज पर प्रश्न पूछे तो तंबोला का भी आनन्द लिया। सावन और हरियाली तीज मिलन पर सभी ने नृत्य और गायन के साथ भरपूर आनंद लिया और अपनी संस्कृति और त्योहारों को संजोकर रखने का प्रण लिया। सीमा मल्होत्रा ने हरियाली तीज और सावन का महत्व बताते हुए कहा कि बारिश का पानी बचा कर हम पानी की समस्या को दूर कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से गरिमा, वंदना, दीपा, कनिका, पूनम ,सलोनी, नीरू, सौम्या आदि महिलाओं ने भाग लिया।
: सीमेंट होलसेलरों ने लिया संकल्प, मुश्किल घड़ी में एकजुट रहेगा संगठन
Sat, Aug 10, 2024
आगरा सीमेंट होलसेलर एसोसिएशन का वार्षिक सभा संग सावन मिलन समारोह संपन्न
अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा व्यापार सुधार के लिए एकसाथ मिलकर उठाएंगे सभी कदम
सामूहिक भाेज पर हुआ समस्या समाधान पर चिंतन, श्याम बाबा का लिया सभी ने आशीर्वाद
आगरा। व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब सभी संगठित होकर प्रयत्न करें। संगठित होकर व्यापार की समस्याओं का समाधान करेंगे, मुश्किल घड़ी में एक साथ खड़े रहेंगे। अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने इस आह्वान के साथ आगरा सीमेंट होलसेलर एसोसिएशन की वार्षिक सभा एवं सावन मिलन समारोह को संबोधित किया। जीवनी मंडी स्थित श्रीखाटू श्याम जी मंदिर (बेसमेंट हॉल) में आगरा सीमेंट होलसेलर एसोसिएशन की वार्षिक सभा आयोजित की गयी।
मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, अध्यक्ष मनोज गुप्ता, उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल और अनिल वार्ष्णेय, सचिव दिलीप अग्रवाल और कोषाध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने श्याम बाबा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने अधिक से अधिक रक्तदान और नेत्रदान करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम दो सत्रों में रखा गया। प्रथम सत्र वार्षिक सभा के रूप में हुआ, जिसमें अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों की जीएसटी, प्रशासनिक आदि संबंधित परेशानियों को मिलकर हल करेंगे। समस्या होने पर दस मिनट में सभी एकजुट होकर साथ आएंगे तभी व्यापार और समाज में तरक्की हो सकेगी।
सचिव दिलीप अग्रवाल ने इस वर्ष एसोसिएशन द्वारा किये गए कार्यों को विस्तार से बताया। कहा कि व्यापारियों की समस्या का हल हमारी संस्था सदैव करती रहेगी। कोषाध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने वार्षिक आय व्यय का ब्यौरा दिया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
समारोह के द्वितीय सत्र में सावन मिलन समारोह रखा गया। ब्रज के फूलों की होली, शिव पार्वती नृत्य सहित अन्य रास नृत्य की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा दी गयी। सामूहिक भाेज के साथ समारोह का समापन हुआ। धन्यवाद उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने दिया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के मुकेश गुप्ता, संजय गुप्ता, प्रभात जैन, मुरारी लाल गोयल, मनीष अग्रवाल, पारस चंद जैन, एसएन अग्रवाल, शलभ शर्मा, नेशनल चैंबर के अध्यक्ष अतुल गुप्ता, उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद और कोषाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, रामसेवक गोस्वामी, सुरेंद्र सिंह, प्रकाश पाठक, मनोज गुप्ता, मयंक गोयल, पीके मोदी आदि उपस्थित रहे।
: रिवर कनेक्ट अभियान ने आगरा में प्रतीकात्मक रेत स्नान के साथ यमुना नदी की दुर्दशा को उजागर किया
Sun, Jun 16, 2024
आगरा। रिवर कनेक्ट अभियान के कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों ने आज आगरा में यमुना नदी में व्याप्त गंभीर जल संकट और प्रदूषण की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए एक नाटकीय कदम उठाया। हड़ताली विरोध प्रदर्शन में, स्वयंसेवकों ने स्नान करने के लिए पानी के बजाय यमुना नदी की सूखी रेत का इस्तेमाल किया, जो नदी की भयावह स्थिति का प्रतीक है।
यह कार्यक्रम यमुना आरती स्थल पर हुआ, जहाँ स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे पर रेत डाली, अपने शरीर को इससे रगड़ा और बड़ी संख्या में समर्थक भीड़ की मौजूदगी में प्रतीकात्मक रूप से खुद को धोया। इस अपरंपरागत कार्य का उद्देश्य यह उजागर करना था कि कैसे कभी महान यमुना नदी पानी की कमी और अत्यधिक प्रदूषण के कारण दम तोड़ रही है।
रिवर कनेक्ट अभियान के राष्ट्रीय संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा, ‘सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए, यमुना नदी मर चुकी है। कोई ताजा पानी नहीं है; केवल दिल्ली, मथुरा और फरीदाबाद जैसे ऊपरी शहरों से अपशिष्ट, अपशिष्ट और सीवेज बहता है।’ यह मार्मिक विरोध प्रदर्शन गंगा दशहरा के साथ हुआ, जो पारंपरिक रूप से पवित्र नदियों में अनुष्ठानिक स्नान करके उत्साह के साथ मनाया जाने वाला त्योहार है। खंडेलवाल ने कहा, इस तरह के महत्वपूर्ण त्योहार पर, सरकारी एजेंसियों को ऊपरी बैराज से पानी छोड़ना चाहिए था। श्रद्धालु अनुष्ठानिक स्नान नहीं कर पाने से दुखी और आहत हैं।
कार्यकर्ताओं ने यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार से तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ऊपरी बैराज से ताजा पानी छोड़ने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े उपायों को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
रिवर कनेक्ट अभियान एक स्वस्थ, स्वच्छ यमुना के लिए प्रयास करना जारी रखता है, यह सुनिश्चित करता है कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और परंपरा को बनाए रख सके। गंगा दशहरा के अवसर पर कार्यकर्ताओं ने जलविहीन यमुना में शाही रेत स्नान किया हम गंगा दशहरा कैसे मनाते हैं; जल के बिना अनुष्ठानिक स्नान नहीं हो सकता, इसलिए आइए इसके बजाय अनुष्ठानिक रेत स्नान करें शुक्रवार को गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर, यमुना नदी के कई कार्यकर्ताओं ने पानी से अनुष्ठानिक स्नान के बजाय श्शाही रेत स्नानश् किया। कार्यकर्ताओं द्वारा गर्म, सूखी रेत से स्नान करने का कदम नदी की भयावह स्थिति पर जोर देने का प्रयास था।
रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों ने इसे ‘रॉयल सैंड बाथ’ नाम दिया, जिसमें गुस्साए नागरिकों की एक बड़ी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने राज्य और केंद्र दोनों सरकारों पर जमकर हमला बोला।
पर्यावरणविद् देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा, “आज भी नगर निगम की सीमा में 60 से अधिक नाले खुलेआम सीवर, घरेलू अपशिष्ट और जहरीले औद्योगिक अपशिष्टों का निर्वहन कर रहे हैं। नदी में पानी नहीं है और कूड़े के ढेर हर जगह दिखाई देते हैं। सत्ताधारियों द्वारा की जा रही ऐसी लापरवाही मनुष्यों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही है।”
ऽ
‘रेत स्नान’ के आयोजक पंडित जुगल किशोर ने कहा, “हम चिंताजनक स्थिति को उजागर करना चाहते थे। पिछले 10 वर्षों से हमारा रिवर कनेक्ट अभियान ताजमहल के नीचे बैराज के निर्माण, नदी के तल से गाद निकालने और ड्रेजिंग की मांग कर रहा है, लेकिन दुख की बात है कि कुछ भी नहीं किया गया।” सर्जन और कार्यकर्ता हरेंद्र गुप्ता ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। “हम असहाय और हताश हैं। इसलिए, हमारे पास आज पवित्र स्नान करने के लिए रेत का उपयोग करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। गंगा नदी गंगा दशहरा पर धरती पर प्रकट हुई थी। हिंदू अपनी नदियों को देवी के रूप में पूजते हैं, लेकिन हमारी नदियों की दयनीय स्थिति देखें।
नदी कार्यकर्ता चतुर्भुज तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित बहुचर्चित रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना का तब तक कोई मतलब नहीं है जब तक नदी में पानी नहीं है। कार्यकर्ता राहुल राज ने कहा कि जब नदी में पानी नहीं होता है, तो हम केवल रेत स्नान कर सकते हैं। इसके साथ ही रेत के विशाल टीले तैयार किए गए और जैसे ही भीड़ आगे बढ़ी, कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर धूल डालना शुरू कर दिया। जल्द ही पूरा इलाका महीन धूल और रेत के बादल में घिर गया।
कार्यक्रम में शिशिर भगत, कत मुकुल पांड्या, रोहित गुप्ता, शशिकांत उपाध्याय, निधि पाठक, जगन प्रसाद तेहेरिया, शहतोश गौतम, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, बल्लभ, ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, दीपक जैन, चतुर्भुज तिवारी, दीपक राजपूत ने भाग लिया।