Mon 05 Oct 2026
Breaking News Exclusive
बचपन से बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण, गीता से जीवन-दर्शन समझाने की पहल ‘मीट एट आगरा’ में ग्लोबल फुटवियर इंडस्ट्री का संगम, 11 देशों की भागीदारी 1500 बच्चों ने जानी संत रविदास की वाणी, समरसता महोत्सव में दिखी नई पीढ़ी की भागीदारी सड़कों पर उतरी मिथिला, आमंत्रण यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब 18वें अंतरराष्ट्रीय फेयर के लिए सजकर तैयार हुआ आगरा ट्रेड सेंटर; 3 से 5 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन “प्रगटीं सिय बिधि बीच बिचारा, जनकपुर मंगल भवन उजियारा” — हल की नोक से घड़े में हुआ मां जानकी का प्राकट्य मिथिला नगरी का हुआ भव्य श्रृंगार, प्रभु श्रीराम के स्वागत को सजे घर-द्वार “भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: बम के धमाके और कलम की धार से अंग्रेजों से लड़े थे करुणेश

Pragya News 24

Mon, Aug 26, 2024
Post views : 121
  • इतिहासकार प्रो.सुगम आनंद द्वारा लिखित पुस्तक ‘क्रांतिवीर करुणेश’ का विमोचन
  • युवा पीढ़ी क्रांतिकारियों से ले देशभक्ति की प्रेरणाः कुलपति

आगरा। इतिहासकार प्रो. सुगम आनंद द्वारा क्रांतिकारी पत्रकार स्व. रोशनलाल गुप्त करुणेश के जीवन पर पुस्तक ‘क्रांतिवीर करुणेश’ का विमोचन समारोह भारतीय इतिहास संकलन समिति (ब्रज प्रांत) द्वारा सेठ पदमचंद जैन संस्थान सभागार, वि.वि.परिसर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ. आशु रानी ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम सेनानी स्व.रोशनलाल गुप्त करुणेश ने बम के धमाके के साथ-साथ लेखनी की धार से भी स्वाधीनता आंदोलन में योगदान किया, जो हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को क्रांतिकारियों से देशभक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। तभी हमारे हृदय में देशप्रेम की भावना प्रवाहित होती रहेगी और राष्ट्र सुरक्षित व मजबूत रहेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि हमारा बचपन करुणेश जी की देश व समाजसेवा को देखते हुई बीता है। दृष्टिक्षीणता के बावजूद स्वाधीनता सेनानियों के बारे में देशभर की पत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख प्रकाशित होते रहे थे।

विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि सोम ठाकुर ने कहा कि करुणेश जी बहुत अच्छे कवि भी थे और साहित्यकार भी। उन्होंने सन् 1950 में ‘उर्मिला के 14 वर्ष पुस्तक’ लिखी, वह आज भी अन्यतम स्थान रखती है।

पुस्तक लेखक एवं इतिहासकार प्रो.सुगम आनंद ने कहा कि करुणेश जी ऐसे स्वतंत्रता के वीर थे, जिन्होंने समाज को सर्वस्व समर्पित कर दिया। कभी सरकारी सुविधाओं का लाभ तक नहीं उठाया। समाज में देशभक्ति के साथ-साथ ईमानदारी का एक विशेष उदाहरण पेश किया है।
संचालन करते हुए डा.तरुण शर्मा ने बताया कि क्रांतिवीर करुणेश पुस्तक 100 पृष्ठ की है, उसके प्रारंभ में स्वतंत्रता संग्राम में करुणेश युगीन आगरा विषयक आलेख है, जिसमें आगरा के स्वाधीनता संग्राम पर लिखा गया है। उसके बाद करुणेश जी के विभिन्न पक्षों को रेखांकित किया गया है। इसका प्रकाशन सीवेव बुक वल्र्ड ने किया है। प्रांरभ में सरस्वती वंदना सुशील सरित ने की। वरिष्ठ कवि डा.राजेंद्र मिलन एवं कवयित्री एवं गीतकार निशीराज ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।

इंस्टीट्यूट के निदेशक निदेशक प्रो.ब्रजेश रावत ने आभार व्यक्त किया। संस्थान और करुणेश परिवार की ओर से संजय गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल, श्रीकृष्णलीला कमेटी के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, केंद्रीय हिंदी संस्थान के प्रो. उमापति दीक्षित, अशोक अश्रु, डा.विनोद माहेश्वरी, सचिन सारस्वत, सुमन सुराना, विनीत बवानिया, डा. वत्सला प्रभाकर, श्रुति सिन्हा, रमेश पंडित, पूर्व पार्षद दीपक खरे, डा.मुनीश्वर गुप्ता, डा.कुसुम चतुर्वेदी, डा.सुषमा सिंह, ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुनयन शर्मा, डा.गिरिजाशंकर शर्मा, डा.आभा चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सैना, असलम सलीमी, नरेंद्र तनेजा, सुरेश बरेजा, अनिल जैन आदि मौजूद रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन