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श्रीजगन्नाथ मंदिर : पितृपक्ष में श्रीजगन्नाथ मंदिर में सांझी उत्सव की धूम, रोज सजेगी आकर्षक सांझी

Pragya News 24

Sun, Sep 27, 2026
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आगरा। राधा रानी एवं ब्रज की गोपियों द्वारा संध्या की देवी सांझी की उपासना की परंपरा को जीवंत करते हुए कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में पितृपक्ष के दौरान 16 दिवसीय सांझी उत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान मंदिर के आंगन में प्रतिदिन रंगों और फूलों से सांझी सजाई जाएगी।

पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी के स्वरूप को रंगों एवं पुष्पों से सजाकर संध्या की देवी सांझी का आह्वान किया गया। इसके साथ ही 16 दिनों तक प्रतिदिन अलग-अलग आकर्षक आकृतियों में सांझी सजाई जाएगी। प्रथम दिन श्रीकृष्ण के स्वरूप की सांझी सजाई गई। प्रतिदिन संध्याकाल में सांझी की आरती होगी और कान्हा की लीलाओं पर आधारित मनोहारी आकृतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि सांझी को रंगों, फूलों और गोबर से सजाने की परंपरा है। कई स्थानों पर सांझी पानी पर भी बनाई जाती है। उत्सव के अंतिम दिन सजाई जाने वाली सांझी का विशेष महत्व है, जिसे ‘16 कोट की सांझी’ कहा जाता है। इसे श्रीकृष्ण की 16 कलाओं का प्रतीक माना जाता है। अंतिम सांझी में राधा-कृष्ण के युगल मिलन और महारास की झांकी को दर्शाया जाता है। उन्होंने बताया कि सांझी ब्रज की प्राचीन लोक एवं धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। पूर्व में घर-घर में अविवाहित युवतियां अच्छे वर की प्राप्ति की कामना से सांझी सजाती थीं। मान्यता है कि राधा जी ने भी श्रीकृष्ण की प्राप्ति के लिए संध्या की देवी सांझी की उपासना की थी।

मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8:30 बजे तक सांझी के दर्शन की व्यवस्था रहेगी। आयोजन का उद्देश्य विलुप्त होती सनातन संस्कृति और ब्रज की पारंपरिक सांझी कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उसे जीवंत बनाए रखना है।

इस अवसर पर संजीव मित्तल, नितेश अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, राजेश गर्ग, संजीव बंसल, कमता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, राजीव मल्होत्रा, अदिति गौरांगी, विपिन अग्रवाल, देव केशव आदि उपस्थित रहे।

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