: 8वीं की छात्रा का शव मिलने से मथुरा में मचा हड़कम्प
Wed, Jan 3, 2024
मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र से गायब 13 वर्षीय बालिका का शव थाना सदर बाजार क्षेत्र में यमुना में बने एक टापू पर मिलने से सनसनी फैल गई। बालिका 20 दिसंबर से गायब थी। जिसकी थाना जमुनापार में अपहरण का मुकद्दमा दर्ज था । पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का आरोप है कि एक किशोर उनकी बेटी को काफी दिन से परेशान कर रहा था।
थाना जमुनापार क्षेत्र की एक कॉलोनी की रहने वाली 13 वर्षीय बालिका का शव 14 दिन बाद थाना सदर बाजार क्षेत्र में यमुना में बने एक टापू पर मिला। बालिका का शव देख नाविकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बालिका जमुनापार इलाके के एक स्कूल में 8वीं की छात्रा थी। शव मिलने के बाद परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने शव को देखकर उसकी शिनाख्त अपनी बेटी के रूप में की। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को शक है कि उनकी बेटी की हत्या कर शव को यमुना में फेंक दिया गया।
पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे बालिका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को जमुनापार क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी का रहने वाला एक किशोर पिछले 4 महीने से परेशान कर रहा था। कभी उनकी बेटी पर चॉकलेट फेंक जाता कभी कोई उपहार। किशोर को कई बार बालिका के पिता ने डांटा भी लेकिन वह नहीं माना। बालिका का शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। परिजनों ने बालिका को परेशान कर रहे किशोर सहित उसके 4 दोस्तों पर उनकी बेटी की हत्या करने का शक जताया। बालिका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की किशोर ने हत्या अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की है।
22 दिसंबर को दर्ज हुई गुमशुदगी 20 दिसंबर को गायब हुई बालिका की गुमशुदगी 2 दिन बाद 22 दिसंबर को थाना जमुनापार में दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस और परिजन बालिका की तलाश कर रहे थे। 14 दिन बाद मंगलवार को बालिका का शव मिला। सीओ सदर प्रवीण मलिक ने बताया कि इस मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज थी, सीसीटीवी में बालिका अकेले जाते हुए दिखाई दी थी। पुलिस अब इस मामले में पोस्टमॉर्टम करा कर उसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके बाद जो भी विधिक कार्यवाही होगी वह की जायेगी।
: ताजमहल या तेजो महालय ?
Wed, Jan 3, 2024
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नोटिस की कार्रवाई पूरी कर ही दायर करें वाद, एएसआई को बनाया गया है प्रतिवादी; अब सुनवाई का इंतजार
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तेजोमहालय या ताजमहल को लेकर सोमवार को सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में दायर वाद में पहले सिविल प्रक्रिया संहिता नोटिस की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा में लंबे समय से ताजमहल को लेकर विवाद चल रहा है। पहले भी कई बार इस मामले में कोर्ट में वाद दायर हो चुके हैं। अब एक बार फिर ताजमहल चर्चा में है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया, प्रतिवादी को नोटिस भेजकर दो महीने की समय सीमा के बाद दोबारा वाद दायर करेंगे। इसके पहले दायर प्रार्थना पत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा महानिदेशक नई दिल्ली, अधीक्षक आगरा सर्किल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग व पर्यटन निदेशालय द्वारा महानिदेशक पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार को लखनऊ को प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने बताया, बाबर की पुस्तक बाबरनामा में ताजमहल के निर्माण का उल्लेख है। इसमें वर्तमान में ताजमहल में स्थित चारबाग (पैराडाइज गार्डन) गार्डन के निर्माण का उल्लेख चारबाग नाम से उल्लेख है। बाबरनामा में पानी के तंत्र बनाए जाने का उल्लेख है। कुआं बनाए जाने का उल्लेख है। वर्तमान में यह सभी ताजमहल में स्थित हैं। बाबरनामा में लिखा है कि बाबर को मृत्यु के बाद आरामबाग में दफनाया गया था जो कि ताज-ए-महल के विपरीत स्थित है।
दायर किए गए वाद में वादी पक्ष तेजो महादेव/तेजोलिंग महादेव, योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट, क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट व अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह हैं।
अधिवक्ता सिंह ने बताया कि हुमायूंनामा में भी ताज का उल्लेख है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक माधोस्वरूप वत्स ने वर्ष 1946 के एनसेन्ट इंडिया के बुलेटिन में ताजमहल से संबंधित तथ्यों का वर्णन किया है जिसमें कहा है कि ताजमहल के शिल्पकार कौन है। यह विवादित तथ्य है। 1905 के आगरा गजेटियर में भी यह कहा गया है कि ताजमहल के शिल्पकार कौन है। यह विवादित तथ्य है। वर्ष 1910 के एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के जर्नल में हू प्लान्ड द ताज में भी ताजमहल के निर्माण का तथ्य विवादित बताया गया है। वाद में ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताया है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया, वाद में ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताया है। शिव सहस्त्र नाम स्रोत में तेजो नाम भोलेनाथ का है। संस्कृत में महालय का अर्थ मंदिर होता है। विश्वकर्मा प्रकाश में भी तेजोलिंग निर्माण का वर्णन है। वर्ष 1194 के राजा परमारदेव चंदेल बटेश्वर शिलालेख में भी एक फिटकरी के समान शिव मंदिर के निर्माण का उल्लेख है।
ताजमहल के पश्चिमी ओर यमुना किनारे प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर है। जो एक स्वयंभू शिवलिंग है और लाल रंग का है। ठीक उसी से सटा एक कुआं है, जिससे होकर पानी ताजमहल तक जाता था। सोमवार को सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय ने वादीगण को धारा 80 (1) सिविल प्रकिया संहिता नोटिस की कार्यवाही पहले पूरी करने को कहा अधिवक्ता ने बताया कि पहले धारा 80(1) सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन पहले नोटिस भेजकर दो महीने की समय सीमा के बाद पुनः वाद दायर किया जाएगा।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
: नव वर्ष के पहले दिन गुरुद्वारे में उमड़ा जन सैलाब, 70,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने टेका माथा
Wed, Jan 3, 2024
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सुबह 3 बजे से लेकर देर रात तक आते रहे श्रद्धालु, लंगर व प्रसाद के लिए हुई विशेष व्यवस्थाएं
आगरा। नव वर्ष 2024 के आगमन के पहले दिन गुरुद्वारा गुरु का ताल में माथा टेकने के लिए जन सैलाब उमड़ता रहा। जहां 31 दिसंबर की रात 12 के बाद गुरुद्वारे में काफी भीड़ उमड़ी तो वहीं सुबह 3ः30 बजे से ही संगत का आना शुरू हो गया। नए साल की शुरुआत हर व्यक्ति गुरु चरणों में माथा टेक कर अपने व अपने परिवार के लिए सुख समृद्धि व खुशहाली की अरदास के साथ कर रहा था सुबह से ही गुरुद्वारे में संगत की आवाजाही शुरू हो गई थी। दिन होते-होते यह भीड़ बढ़ती रही और आलम यह रहा की दरबार साहिब से लेकर पार्किंग स्थल तक माथा टेकने वालों की लंबी-लंबी लाइने लग गई । भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गुरुद्वारे के सेवादार भी व्यवस्थाओं में लगे हुए थे। माथा टेकने व लंगर प्रसाद ग्रहण करते समय किसी तरह की अव्यवस्था ना हो इसके लिए वेरीगेटिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित करते हुए माथा टेकने के लिए दरबार साहिब में अंदर भेजा जा रहा था।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से नव वर्ष के पहले दिन संगत की भारी भीड़ माथा टेकने के लिए आती है। जिसको देखते ही हुए पहले से ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई थी। सुबह 3 बजे से ही सेवादार व्यवस्थाओं को संभालने के लिए जुट गए थे। कड़ा प्रसाद के साथ-साथ पुलाव का विशेष इंतजाम किया गया था। गुरुद्वारा आने वाले श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार आटा दाल चावल फल मिठाई आदि की भेंट भी लेकर आ रहे थे।
संत बाबा प्रीतम सिंह ने यहां आने वाली सभी संगत के लिए गुरु महाराज के चरणों में अरदास की है कि गुरुद्वारा आने वाले हर व्यक्ति श्रद्धालु के परिवार में खुशियां संपन्नता व तरक्की आए और अपना शहर प्रदेश व देश बहुत तरक्की करें। इस दौरान गुरुद्वारे की व्यवस्थाए जत्थेदार बाबा राजेंद्र सिंह, बाबा अमरीक सिंह, ग्रंथी हरबंस सिंह टीटू सिंह, महंत हरपाल सिंह ने संभाली।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि नव वर्ष के पहले दिन लगभग 70,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका व लंगर प्रसाद ग्रहण किया। 15 क्विंटल गोबी वह 10 कुंतल मटर के साथ पुलाव तैयार किया गया था जो पूरे दिन संगत में वितरित होता रहा।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट