: सरदार पटेल की जयंती पर आगरा फोर्ट पर हुआ 'रन फ़ॉर यूनिटी' का आयोजन
Tue, Oct 31, 2023
Agra. देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को एनसीसी ग्रुप हैडक्वाटर ने राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया। लगभग 500 एनसीसी कैडेट्स, अधिकारी, ए एन ओ कैप्टन नीलम कांत और आगरा ग्रुप के कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ इस दौड़ में भाग लिया। आगरा कैंट में ब्रिगेडियर अरुण यादव, ग्रुप कमांडर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा द्वारा एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई गई। इसका समापन ऐतिहासिक आगरा किला में हुआ। प्रो. वंदना अग्रवाल, बी जैन कॉलेज आगरा की प्राचार्या ने एनसीसी कैडेट्स को राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान के बारे में जानकारी दी ।
सरदार पटेल ने 1928 में बारडोली में अंग्रेजों के बढ़ाए गए जमीन के कर के खिलाफ किसानों को एक-जुट कर आंदोलन किया था। बारडोली में सुखा पड़ने की वजह से किसान कोई फसल नहीं उगा पाए थे और इस वजह से वे कर नहीं चुका सकते थे। अंग्रेजी सरकार से विनती करने पर भी वे कर माफ करने को राजी नहीं हुए। तब वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में बारडोली के किसानों नें आंदोलन शुरू किया, जिसे बारडोली आंदोलन के नाम से जाना जाता है। यह आंदोलन सफल हुआ और तब से वल्लभभाई पटेल को सरदार कहा जाने लगा।
ऐसे बने भारत के लौह पुरुष…
आजादी के बाद लगभग 500 से भी अधिक रजवाड़े, जो स्वतंत्र रूप से अपने क्षेत्र पर राज कर रहे थे, उन्हें सरदार पटेल ने भारतीय यूनियन में शामिल किया। वह भी बिना किसी प्रकार की हिंसा का सहारा लिए हुए। उनकी इस सराहनीय इच्छाशक्ति और भारत को एकजुट करने के दृढ़ संकल्प के कारण इन्हें भारत का लौह पुरुष (Iron Man of India) कहा जाता है।
2014 में हुई राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत
सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत का सम्मान करने के लिए भारत सरकार द्वारा 2014 में आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत की गई थी। पटेल एकजुट एवं मजबूत भारत के कट्टर समर्थक थे और उनके जीवन के कार्यों में यह समर्पण झलकता था। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में नामित करने का सरकार का निर्णय उनके योगदान के महत्व को रेखांकित करता है।
43वीं जयंती पर भव्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
2018 में सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में नर्मदा नदी के पास स्थित भव्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन किया। पटेल का प्रसिद्ध नारा, "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" आज भी देश को प्रेरित करता है।
: एकजुट होंगे लोहा व्यापारी, विभागों के उत्पीड़न के विरुद्ध बनेगी रणनीति
Tue, Oct 31, 2023
आगरा। लोहा व्यापारी अपनी हर समस्या के लिए अब एकजुट होकर काम करेंगे। सम्बंधित विभागों द्वारा उत्पीड़न के विरुद्ध रणनीति तैयार करने के साथ हर समस्या में एक दूसरे के साथ खड़े नजर आएंगे। नई लोहामंडी विकसित करने पर तेजी से कार्य करने जैसे विषयों पर चर्चा के साथ आज आगरा लोहा व्यापारी एसोसिएशन ने लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया।
सुन्दरकाण्ड पाठ से पूर्व लगातार 25 वर्षों से एसोसिएशन के अध्यक्ष का पदभार सम्भाल रहे मुकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले 20 वर्ष से नई लोहामण्डी विकसित करने के प्रयासरत हैं। जिससे व्यापारियों व संकरे क्षेत्र में स्थित लोहामंडी के क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ व्यापार का ग्राफ भी बढ़ सके। जीएसटी द्वारा छापेमारी की आड़ में होने वाले व्यापारियों के शोषण के खिलाफ मिलकर आवाज उठाई जाएगी। कहा कि जीएसटी ऑफिस में व्यापारियों के बैठने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं ओवरलोडिंग के नाम पर आरटीओ विभाग, ट्रैफिक पुलिस, थाना व चौकी पुलिस द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न किया जाता है।
एसोसिएसन के कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गोयल, महामंत्री दिनेश कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेन्द्र मंगल ने कहा कि ऐसी स्थिति में एसोसिएशन के पदाधिकारी मामले तुरन्त वरिष्ठ अधिकारियों का हस्तक्षेप सुनिश्चित कराएंगे। सही माल को भी रोकने पर विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के लिए एकजुटता के साथ का काम करेंगे।
संगीतमय सुन्दरकाण्ड में बही भक्ति की गंगा
श्रीराम के उद्घोष और वीर हनुमान के जयकारों के साथ लोहा व्यापारी एसोसिएशन द्वारा सुन्दर काण्ड का पाठ का आयोजन भी किया गया। सुन्दरकाण्ड पाठ का शुभारम्भ अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने एसोसिएसन के पदाधिकारियों संग श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मण्डली के सदस्यों ने ढोलक, मंजीरों के संगीत पर भजनों के साथ सुन्दरकाण्ड की चौपाईयों को ऐसे पिरोया कि हर भक्त भक्ति में झूमने लगा। भक्ति का ऐसा माहौल जहां एसोसिएशन के सदस्यों ने श्रीराम नाम के रत्न खूब लूटे। कार्यक्रम में एसोसिएशन के सदस्यों ने परिवार के साथ भाग लिया। सुन्दरकाण्ड पाठ के बाद श्रीराम व वीर हनुमान की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अंजुल जैन, संजय गोयल, आशीष, अग्रवाल, मोहित गोयल, सिद्धार्थ जैन, विपुल जैन, मनोज जैन, पदम अग्रवाल, गिरीश गर्ग, पवन गोयल, उमेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, योगेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
: क्षत्रिय सभा शाखा कमला नगर में वृद्धजन सम्मान व सांस्कृतिक कार्यक्रम का किया आयोजन
Tue, Oct 31, 2023
आगरा। श्रीराम के वंशज क्षत्रियों का दायित्व मर्यादा के साथ राष्ट्र कर्तव्य निभाते हुए सर्व समाज को साथ लेकर चलना है। मुख्य अतिथि दक्षिणांचल के पूर्व एमडी कृपाल सिंह व जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप भाटी ने सेन्ट कोलम्बस स्कूल में आयोजित क्षत्रिय सभा (कमला नगर शाखा) द्वारा वृद्धजन सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विजय दशमी पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारम्भ श्रीराम दरबार के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथि दक्षिणांचल के पूर्व एमडी कृपाल सिंह व जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप भाटी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत शाखाध्यक्ष गौरव परमार व महामंत्री राजकुमार भदौरिया ने तिलक कर व पटका एवं साफा पहनाकर किया।
संरक्षक सदस्य बलवीर सिंह ने भगवान श्रीरामचंद्र के व्यक्तित्व से अवगत कराते हुए कहा कि वनवास के दौरान साधन विहीन होने पर भी श्रीराम चंद्र जी ने अजेय रावण को परास्त किया। संकल्प के बल पर आसानी से बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।
अतिथियों द्वारा 20 वृद्धजनों को शॉल पहनाकर व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। राष्ट्र निर्माण व भक्ति पर आधारित गीतों पर विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सुरभी तोमर, आरोही सिंह परमार ने भजन व नृत्य के माध्यम से रानी लक्ष्मी बाई की वारता का बखान किया। वंशिका परिवाहर ने राजस्थानी नृत्य घूमर से सभी का मन मोह लिया। अनन्या सिंह परमार ने बी मनमोहक प्रस्तुति दी। अध्यक्षता जयपाल सिंह जादौन व संचालन राजीव चंदेल ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से दिनेश प्रताप सिंह, क्षत्रिय सभा के जिलाध्यक्ष भंवर सिंह चौहान, भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन जयपाल सिंह, बृजराज सिहं परमार, महताब सिंह परिहार, विजयपाल सिंह चौहान, प्रताप भान सिंह चौहान, नेत्रपाल सिंह चौहान, बलवीर सिंह, भूरी सिंह, सुनीर राघव, संदीप राघव, केदार परमार, यशपाल सिंह धाकरे, सुरेन्द्र सिंह सिकरवार, राजबहादुर सिंह राज, गजेन्द्र सिंह परमार, मानवी परमार, मधुरानी सिंह, ज्योति संह, मनीषा, सिहं, क्षमा सिंह परिहार, सीमा भदौरिया, सरिता भदौरिया, प्रवेश तोमर आदि उपस्थित रहे।