Thu 06 Aug 2026
Breaking News Exclusive
पुष्पवर्षा और शंखनाद से हुआ सपा प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह महाकालेश्वर धाम में श्रीराम जन्मोत्सव की छाई भक्ति, श्रीराम कथा और महारुद्राभिषेक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ 23 कला गुरुओं का हुआ भव्य सम्मान, 'गुरु शिल्पी सम्मान–2026' में गुरु-परंपरा को नमन डोला मार्ग का निरीक्षण, तैयारियां तेज; 6 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा सावन की मल्हार और झूलों संग मना तीजोत्सव, महिलाओं ने जमकर बिखेरे रंग प्रतिभाशाली छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, VIQ 2026 से मिलेगी 100% तक छात्रवृत्ति श्रीमद्भागवत कथा में गूंजेगी भक्ति की रसधार, 5 अगस्त को निकलेगी मंगल कलश शोभायात्रा 200 वर्ष प्राचीन श्री धनकामेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ, महा रुद्राभिषेक से गूंजा शिवालय सावन महोत्सव में उमड़ी आस्था, महा रुद्राभिषेक और बाबा श्याम के दिव्य दर्शन को उमड़े श्रद्धालु लॉयंस क्लब फ्लेमिंगो का पौधारोपण अभियान, 21 पौधे रोपकर दिया हरित भविष्य का संदेश

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: ‘अनुज बधू, भगिनी, सुत नारी, सुनु सठ कन्या सम ए चारी’… सुग्रीव मिलन के बाद हुए युद्ध में हुआ बाली का वध

Pragya News 24

Fri, Sep 26, 2025
Post views : 115

आगरा: उत्तर भारत की प्रमुख श्रीराम लीला में शुक्रवार को सुग्रीव मिलन, बाली वध और वर्षा ऋतु का वर्णन की लीलाओं का मंचन किया गया। बाली के वध से भगवान श्रीराम ने संपूर्ण समाज को शिक्षा दी कि छोटे भाई के पत्नी, बहन, बेटे की वधू और कन्या, ये चारों एक समान हैं, इनकी ओर बुरी दृष्टि से देखने वाले का पतन होता ही है।

रामलीला मैदान में आधुनिक संसाधनों से युक्त इस लीला के मंचन को देखने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता बनी रही। लीला में दिखाया गया कि रघुनंदन श्रीराम, अपने अनुज लक्ष्मण के साथ वन-वन घूमते हुए ऋष्यमूक पर्वत पहुंचे। यह पर्वत कर्नाटक के हम्पी में तुंगभद्रा नदी के किनारे है। यह पौराणिक किष्किंधा क्षेत्र का हिस्सा है। पर्वत पर श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर सुग्रीव के मन में आशंका हुई तो उनके बारे में जानने कि लिए हनुमानजी को भेजा। बजरंगवली ब्राह्मण का रूप रख कर गये तो प्रभु राम ने अपना परिचय दिया और वन में भ्रमण करने के कारणों के बारे में बताया। प्रभु राम के बारे में जान कर हनुमानजी ने उनके चरण पकड़ लिए। इसके बाद रामलीला मंच पर वानरराज सुग्रीव का दरबार दिखाया गया। जहां हनुमान द्वारा राम-लक्ष्मण की सुग्रीव से मुलाकात कराई। उसके बाद सुग्रीव, बाली को युद्ध के लिए ललकारता है। दोनों भाइयों में गदा युद्ध होता है। श्री राम अपने धनुष से बाली का वध कर देते हैं। इसके बाद सुग्रीव का राजतिलक होता है। बाली का प्रभु राम ने छिप कर वध क्यों किया, उसके बारे में गोस्वामी तुलसीदास जी का दोहा मंच से गूंज उठता है…

अनुज बधू भगिनी सुत नारी। सुनु सठ कन्या सम ए चारी।।
इन्हहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई। ताहि बधें कछु पाप न होई।।

श्री रामजी ने बाली से कहा कि हे मूर्ख! सुन, छोटे भाई की स्त्री, बहन, पुत्र की स्त्री और कन्या, ये चारों एक समान हैं। इनको जो कोई बुरी दृष्टि से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता। बाली वध की लीला के पश्चात वर्षा ऋतु वर्णन की लीला का मंचन किया गया।

आज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की आरती आगरा नरेश श्याम भक्त सेवा समिति, अग्रमिलन समिति कर्मयोगी एनक्लेव कमला नगर एवं अग्रमाध्वी महिला मंडल द्वारा की गई

ये रहे मौजूद - अमन गर्ग, गगन गर्ग, नीरज गर्ग, मोहित अग्रवाल, पवन मित्तल, संध्या अग्रवाल, विजय अग्रवाल, संध्या गुप्ता, कृष्ण सिंह, पुष्प शर्मा, सपना अग्रवाल, वंदना राजरानी, मेघा अग्रवाल।

इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्ता खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचंद, भगवानदास बंसल, विजय प्रकाश गोयल, मुकेश श्रृंगार, मनोज (पोली भाई), संजय तिवारी, विष्णु दयाल, मुकेश जौहरी, आनंद मंगल, अंजुल बंसल, महेश चंद, विनोद जौहरी, निक्की जौहरी, आयुष तार, अजय अग्रवाल, संजय अग्रवाल और राहुल गौतम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन