: डॉ एमपीएस वर्ल्ड स्कूल किंडर चैम्प्स में हुआ ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन
Wed, Feb 28, 2024
आगरा। सिकंदरा आगरा स्थित डा. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में केजी के छात्रों ने कक्षा 1 में प्रवेश किया। इस अवसर पर ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन किया गया। डा. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल की प्री प्राइमरी शाखा किंडर चैम्प्स द्वारा ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित की गयी। जिसमें केजी के छात्रों को हैट लगाकर एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर कक्षा 1 में प्रोन्नत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डा. एमपीएस ग्रुप के चैयरपर्सन स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह एवं स्कूल के प्रधानाचार्य डा. सीबी जदली ने दीप प्रज्जवलित कर किया। तत्पपश्चात् प्ले ग्रुप से केजी के छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुतियाँ पेश की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सर्वप्रथम केजी के नन्हें मुन्ने छात्रों द्वारा समूह गायन प्रस्तुत किया गया तत्पश्चात् कक्षा-1 के नौनिहालों द्वारा बड़ा ही सुंदर डांस किया गया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा ।
अन्य कार्यक्रमों में अंग्रेजी कैरोल्स पर आधारित नृत्य, कविताएँ, नाट्य, किंडरगार्टेन का परिचय आदि रहे। तत्पश्चात केजी के छात्रों कार्तिक प्रकाश व शनाया शर्मा को चेयरपर्सन शाइनिंग स्टार अवार्ड तथा मो. शाह व आयत को प्रिंसिपल एप्रीशियेसन अवार्ड से सम्मानित करके कक्षा 1 में प्रवेश देने की प्रक्रिया का आरम्भ हुआ। समस्त छात्रों को मंच पर आमंत्रित कर पारम्परिक तरीके से हैट पहनाकर एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर ग्रेजुएट की उपाधि दी गयी। डा. एमपीएस ग्रुप के चैयरपर्सन स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह ने सभी छात्रों को कक्षा 1 में प्रवेश होने पर शुभकामनाऐं दीं तथा उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ सभी गतिविधियों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने का अनुरोध किया। साथ ही अभिभावकों को संबोधित करते हुए कुछ महत्वपूर्ण पेरेंटिंग टिप्स भी दिये।
प्रधानाचार्य डॉ. सीबी जदली ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद देते हुए कहा कि इस ग्रेजुएशन सेरेमनी के माध्यम से छात्रों को यह संदेश दिया गया है कि वह अब शिक्षा के अगले स्तर में प्रवेश कर चुके हैं एवं उन्हें बेहतर प्रदर्शन कर अपने शहर एवं अपने परिवार का नाम रोशन करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डीन एकेडमिक्स श्री एच एल गुप्ता, किंडर चैंप की कॉर्डिनेटर दीपा शर्मा, किंजल जैन, रिंपी कक्कड, चरनजीत कौर जान्या जयसिंघानी सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।
: 221 उदासीन परिवारों के बच्चों का किया टीकाकरण
Tue, Feb 27, 2024
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उदासीन परिवारों की काउंसलिंग बताए नियमित टीकाकरण के फायदे
काउंसलिंग के बाद किया नियमित टीकाकरण
आगरा। नियमित टीकाकरण बच्चों के जीवन और भविष्य की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी और किफायती तरीकों में से एक है, समय से शिशुओं का टीकाकरण कराने पर वह गंभीर रोगों से बच सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत टीकाकरण किया जाता है। लेकिन कुछ परिवार नियमित टीकाकरण के प्रति उदासीन होते हैं, वह भय व भ्रांतियों के कारण बच्चों का टीकाकरण करवाने से मना करते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे 221 उदासीन परिवारों के बच्चों का नियमित टीकाकरण कराया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जो परिवार नियमित टीकाकरण के प्रति उदासीन होते हैं, विभाग द्वारा ऐसे परिवारों की लगातार काउंसलिंग करके उन्हें टीकाकरण के फायदों से अवगत कराया जाता है, जो लोग मान जाते हैं, इसके बाद इन परिवारों के बच्चों को टीका लगाया जाता है।
सीएमओ ने बताया कि नियमित टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों को टीकाकरण के लिए जागरुक कर शत-प्रतिशत लाभ जन समुदाय को दिलाना ही प्राथमिकता है। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता हैँ जैसे डिप्थीरिया एक संक्रामक रोग है। यह रोग कोराइन बैक्टीरियम डिप्थीरिया के कारण होता है जो गले और ऊपरी वायुमार्ग को संक्रमित करता है तथा टॉक्सिन एवं अन्य अंगों को प्रभावित करता है। दूसरे प्रकार का डिप्थीरिया गले और कभी-कभी टॉन्सिल को प्रभावित करता है। डिप्थीरिया के खिलाफ टीकाकरण से होने वाली मृत्यु दर कम हुई है। अपने बच्चे को सरकारी अस्पताल में डिप्थीरिया का टीका जरूर लगवाएं। यह निःशुल्क लगाया जाता है। टीकाकरण अभियान सभी की सहभागिता से ही सफल हो सकता है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन (डीआईओ) ने बताया कि टिटनेस बैक्टीरिया की वजह से होता है, जो शरीर के अन्दर त्वचा पर पडे दरार के माध्यम से प्रवेश करते है और एक विष उत्पन्न करते है जो तंत्रिका तंत्र पर आक्रमण करता है। इससे शरीर मे दर्दनाक कसाव और जबड़ो मे जडाव पैदा होता है, जिससे संक्रमित व्यक्ति उसकाध्उनका मुँह नही खोल सकता या निगल सकता है। जब टिटनेस सांस लेने में मदद करने वाली मांसपेशियों को प्रभावित करता है, तब रोगी तुरुन्त ही मर भी सकता है।
डीआईओ ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत टीकाकरण से वंचित वैब (वैक्सीन अवॉइडेंस बिहैवियर) झिझक ध्उदासीन परिवारों को मोबिलाइज कर टीकाकरण कराने में स्वास्थ्य विभाग सभी की सहभागिता से ही सफल हो सकता है। आशा और एएनएम छूटे हुए बच्चों को चिन्हित करने के बाद ई कवच पोर्टल पर अपडेट कर रही हैं। टीकाकरण होने के बाद भी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जा ही हैं। डीआईओ ने बताया कि इस दौरान यूपीएचसी जगदीशपुरा, नगला बूढ़ी, सिकंदरा, हरीपर्वत ईस्ट, मंटोला, ताजगंज, जमुनापार, नरायच, इस्लाम नगर, शाहगंज फर्स्ट, शाहगंज द्वितीय क्षेत्र के परिवारों में यह सफलता हासिल हुई है।
इस गतिविधि यूनिसेफ के रीजनल कोऑर्डिनेटर, डीएमसी राहुल कुलश्रेष्ठ, एमओआईसी डॉ. आरएस लकरा, डॉ. गायत्री, डॉ. राहुल सारस्वत, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. अरुक्षिका यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
: बड़ी मुश्कल से मिलते हैं एक मुखी रुद्राक्ष और एक मुखी इंसान - आचार्य मृदुल कान्त शास्त्री
Tue, Feb 27, 2024
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श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज कथा व्यास जी ने किया ध्रुव चरित्र का वर्णन
आगरा। बुरे समय में साथ देने वाले को कभी न भूलो। एक मुखी रुद्राक्ष और एक मुखी इंसान धरती पर बड़ी मुस्किल से मिलता है। दोनों ही दुर्लभ हैं। सच्चे व्यक्ति का साथ भाग्यवान लोगों को ही मिलता है और जो व्यक्ति आपकी परिस्थिति के अनुसार व्यवहार बदले उससे दूर रहो। कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने आज विजय नगर स्थित स्पोर्टबज में श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्बागवत कथा में ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए यह बात कही।
कहा कि अपने जीवन और कर्म में ध्रुव जैसी अटलता को स्थापित करो। परेशानियों में कर्म और अपने प्रयासों को न छोड़ो। बुरा समय है गुजर जाएगा कि भावना के साथ आगे बढ़ते रहो। ध्रुव की भक्ति की अटलता ही थी कि जिसे दुनियां ने ठुकराया उसे परमपिता ने अपनी गोद में बैठाया। ध्रुव की दोनों माता सुमति और सुरुचि का व्याख्या करते हुए कहा कि जो बुरी परिस्थिति में भी अच्छा देखे वह सुमति और जो परिस्थिति के अनुसार बदल जाए वह सुरुचि है। कहा संतों और ब्राह्मणों से जुड़िए। परन्तु नकी पहचान करना मुश्कल है। संत वह नहीं जो विवाह न करें और गेरुआ वस्त्र पहने। संत वह है जिसका हृदय पवित्र और मन में कपट नहीं। जिसका चित्त हर परिस्थिति में समान हो वह संत है। मैनें तो श्याम रंग ओढ लियो है, सांसो को कन्हैया के संग जोड़ लियो है…, जैसे रखें राम जी रहना चाहिए, मान अपमान सब सहना चाहिए… जैसे कीर्तन ने सभी श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबो दिया। कथा से पूर्व हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। संचालन शशि गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष शांतिस्वरूप गोयल, महामंत्री उमेश बंसल, संजय गोयल, मधु गोयल, शशि कंसल, मुख्य यजमान पदमचंद अग्रवाल व रेखा अग्रवाल, उमेश कंसल, शशि, गायत्री गोयल, रमेश चंद मित्तल, अशोक माहेश्वरी, चोटेलाल बंसल, मुन्ना लाल गर्ग, महिला समिति की अध्यक्ष अंशु अग्रवाल, रुचि, सीमा, मीनू, उर्मिला, रेखा, कुसुम खंडेलवाल आदि उपस्थित थीं।
बुधवार को होगी नन्दोत्सव की धूम
कथा में बुधवार को नन्दोत्सव होगा। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बधाईयां दी जाएंगी, खेल खिलौने और उपहार लुटाए जाएंगे।