: देवशयनी एकादशी पर आमों से सजा खाटू नरेश का दरबार, उमड़ा आस्था का सैलाब
Thu, Jul 18, 2024
आगरा। देवशयनी एकादशी पर जीवनी मंडी स्थित श्रीखाटू श्याम जी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। देर रात्रि तक भक्तों ने श्याम बाबा के अलौकिक रूप के दर्शन किये। श्रीखाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट की ओर से आम का मनोरथ रखा गया जिसमें मंदिर में चारों ओर फलों के राजा आम की खुशबू और सुंदरता बिखरी हुयी थी।
जीवनी मंडी स्थित श्रीखाटू श्याम जी मंदिर में देवशयनी एकादशी पर हुए आम मनोरथ के दर्शन।
बुधवार को देवशयनी एकादशी के अवसर पर श्रीखाटू श्याम जी मंदिर में पूरे दिन भक्तों के लिए पट खुले रहे। वर्ष की 24 एकादशी व्रत में प्रमुख देवशयनी एकादशी पर भक्तों की आस्था का ज्वार देखते ही बन रहा था। दूर तक लंबी कतार ही कमार नजर आ रही थीं।
श्रीखाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने बताया कि देवशयनी एकादशी पर भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गयी थीं। आम मनोरथ के दर्शन के लिए भक्त का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सचिव संजय अग्रवाल और कोषाध्यक्ष विकास गोयल ने बताया कि गुरुवार को बारस पर बाबा की जोत के दर्शन होंगे। मान्यता है पवित्र जोत के दर्शन मात्र से सभी पाप कर्म दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर परिसर में शयन काल तक बाबा के भजनों की स्वरलहरियां गूंजती रहीं।
: सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का शुभारंभ हुआ
Wed, Jul 17, 2024
आगरा l श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर शालीमार एंक्लेव, कमला नगर, आगरा में आज सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन के श्री आदिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ l सिद्ध चक्र विधान के अंतर्गत आज बाल ब्र. सुनील भैया जी (इंदौर) ने बताया की सिद्धचक्र विधान में विशेष रूप से सिद्धो की आराधना की जाती है सिद्ध भगवान आठ कर्मो से रहित होते है संसारी जीव कर्मो के चक्र में फ़सकर दुखी होता है और वह संसार में भटकता रहता है प्रभु की आराधना प्रभु बनने के लिए की जाती है भगवान की भक्ति कभी वेकार नहीं जाती यदि नारकी जीव भी भगवान की भक्ति करता पशु पक्षी भी करते है देवता भी करते है किसकी भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती भक्ति में श्रद्धा जयादा और प्रर्दशन कम होना चाहिये श्रद्धा हनुमान जी की तरह होनी चाहिये श्री राम के प्रति पूरा जीवन ही समर्पित कर दिया था समर्पण का नाम ही श्रृद्धा है, कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है प्रभु को पाने के लिए अपना अहंकार खोना पड़ेगा भक्ति करते रहो एक ना एक दिन प्रभु ज़रूर मिलेंगे l आज विधान मे 128 अर्घ् चढ़ाये गए l ये अर्घ् 128 अर्घ कर्म दोष रहित करने के लिए चढ़ाये जाते है l आज पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया l संगीतमय विधान में रामकुमार पार्टी भोपाल से पधारे संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया जा रहा है और वो अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इन्द्रो और इन्द्रणीयो को झूमने पर मजबूर कर देते हैं ।
विधान मे बैठने वाले जगदीश प्रसाद, अभिषेक जैन सुभाष जैन, दिनेश जैन, अमित जैन, मुकेश रपरिया, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सहित व्यवस्था समिति शालीमार सहयोग दे रही है l मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि कल श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शान्ति महायज्ञ सुबह 7 बजे से अभिषेक एवं विधान एवं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे l
: कमला नगर में हुआ मंगल चातुर्मास हेतु उपाध्याय श्री ससंघ का ऐतिहासिक मंगल प्रवेश
Wed, Jul 17, 2024
आगरा। अहिंसा परमो धर्म की जैन लहराती ध्वजा, बैंड-बाजों के साथ मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंतसागर जी ससंघ का मंगल वर्षायोग हेतु आगरा के कमलानगर की पावनधरा पर विशाल शोभायात्रा के साथ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ। उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी मुनिराज ससंघ का ट्रांसयमुना कॉलोनी से सुबह 7बजे मंगल विहार कर बल्केश्वर शनिदेव मंदिर चैराहे पर बनी पंडाल पर पहुंचे। जहां उपस्थित भक्तों ने उपाध्यायसंघ का पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद यहाँ से उपाध्यायसंघ ने भव्य शोभा यात्रा के साथ कमला नगर जैन मंदिर की ओर मंगल विहार किया। उपाध्यायसंघ की शोभायात्रा में आगरा नगर की कमलानगर शैली, शालीमार एनक्लेव शैली, कर्मयोगी एनक्लेव, गंगेगौरी शैली, सेक्टर 7, सेक्टर 4, पश्चिमपुरी, पत्तलगली, बेलंनगंज, कलाकुंज, मोती कटरा, कालिंदी विहार, ट्रांसयमुना कॉलोनी, छीपीटोला, शाहगंज शैली की महिलाओं एवं बालिकाओं ने अलग-अलग परिधानों में नृत्य कर उपाध्याय संघ के साथ चल रही थी। इसके अलावा दो बैंड और चार घोड़े, बग्गिया और बड़ी संख्या में गुरुभक्त नृत्य करते हुए चल रहे थे जिसमें महिलाएं, पुरूष, बालिकाएं एवं बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी गुरुवर की मंगल अगवानी को उत्सुक नजर आए। उपाध्यायसंघ के मंगल स्वागत के लिए पूरे कमला नगर के रास्तों को रंगोलियों से सजाया गया। जैसे-जैसे गुरूवर के चरण बढ़ रहे थे उसी दौरान लोगों का उत्साह भी चरम पर था। उपाध्यायसंघ के मंगल प्रवेश की शोभायात्रा कमला नगर की विभिन्न मार्गो से होती हुई श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, डी ब्लॉक कमलानगर पर पहुंचकर सौभाग्यशाली भक्तों ने 108 थालियों से पाद प्रक्षालन कर भव्य स्वागत किया। उपाध्यायसंघ ने सर्वप्रथम जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन किए। प्रभु दर्शन करने के पश्चात उपाध्याय संघ सरस्वती विद्या मंदिर मेमोरियल सेकेंडरी हाई स्कूल के हाल पर बने विशाल पंडाल पर पहुंचेद्य जहां विशाल धर्मसभा का आयोजन हुआ। विशाल धर्मसभा का शुभारंभ ध्वनि म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने मंगलाचरण की प्रस्तुति के साथ किया। साथ ही समाधिस्थ भारत गौरव आचार्यश्री विरागसागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया। इस दौरान आगरा की समस्त शैलियों के पदाधिकारियों ने उपाध्यायसंघ के समक्ष श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही कमलानगर वर्षायोग समिति ने भी उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के समक्ष श्रीफल भेंट किए। उपाध्यायसंघ के मंगल प्रवेश में टूण्डला, मैनपुरी, कुरावली, करहल, डबरा, मुरैना, ग्वालियर, धौलपुर, दिल्ली, आगरा की सकल दिगम्बर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
इस कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से प्रदीप जैन पीएनसी, जगदीशप्रसाद जैन, सुनील जैन ठेकेदार, रोहित जैन अहिंसा, यशपाल जैन, कमल जैन एडवोकेट, राजेन्द्र जैन एडवोकेट, अशोक जैन, शिखर चन्द जैन, पवन जैन, सुशील जैन, नरेन्द्र जैन, मुकेश जैन रपरिया, कुमार मंगलम जैन, नीरज जैन जिनवाणी, शैलेन्द्र जैन, समकित जैन, अंकेश जैन, अंकुश जैन, दीपक जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, युवा जैन मिलन, ज्ञानोदय क्लब, विजय जैन निमोरब, अनिल आदर्श, राहुल जैन अहिंसा, रवीन्द्र जैन, ललित जैन, प्रवीन जैन पार्षद आदि समेत सैंकडो गणमान्य जन मौजूद रहे। उपाध्यायश्री के चरणों का प्रक्षालन का सौभाग्य पीएनसी परिवार को व जिनवाणी भेंट श्री रजत जैन परिवार व श्रीमती ऊषा पाटनी परिवार को मिला। मंच का सशक्त संचालन मनोज कुमार जैन बांकलीवाल ने किया।