: श्रीकृष्ण रुक्मणि के मंगल विवाह कथा का मनोहारी वर्णन किया आचार्य हरिओमजी ने
Sat, May 4, 2024
आगरा। शिव वाटिका शमशाबाद रोड पर जन-जन के कल्याण के लिए चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में सरस कथा व्यास आचार्य हरिओम जी ने बताया की भगवान श्री कृष्ण ने कामदेव के अहंकार को दूर करने के लिए रासलीला की।
प्रख्यात कथा व्यास आचार्य श्री रामनजर जी महाराज (पूज्य श्री हरि जी महाराज) के सानिध्य में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में आचार्य श्री हरि ओम जी महाराज ने सर्वप्रथम रासलीला का वर्णन किया। आचार्य जी ने बताया शरद ऋतु की रात्रियों में हजारों गोपियों के साथ भगवान श्री कृष्ण ने रासलीला की। आचार्य जी ने रासलीला के रहस्य को बताते हुए कहा कि रासलीला केवल स्त्री और पुरुष का मिलन नहीं है अपितु रासलीला जीव और ईश्वर का मिलन है और कामदेव के अहंकार को दूर करने के लिए ही परमात्मा ने रासलीला की। दूसरा कारण पूर्व में दिए हुए वरदानों के कारण गोपिया ब्रज में प्रकट हुई तो पूर्व में दिए हुए वरदान को सिद्ध करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ रासलीला की।
आगे आचार्य जी ने कंस के उद्धार की कथा का वर्णन किया आचार्य जी ने बताया कंस कालनेमि का अवतार था और कंस ने संतो को ब्राह्मणों को गाय को देवताओं को बड़ा भारी कष्ट दिया। राक्षसों के उद्धार के लिए ही भगवान का अवतार होता है इसी कारण परमात्मा ने मथुरा में जाकर के कंस का उद्धार कर धर्मराज की स्थापना की।
आगे आचार्य जी ने उद्धव प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया उद्धव जी का प्रसंग ज्ञान के ऊपर भक्ति और प्रेम की विजय है।
भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह की कथा का बड़ा ही मनोहर मनोहारी वर्णन किया। पधारे हुए श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण के विवाह की संगीतमय कथा सुनकर के झूमने लगे। आचार्य जी ने बताया कल कथा का अंतिम दिन है कल श्री सुदामा जी महाराज का चरित्र होगा और व्यास पूजन होगा।
आज श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा में सौनू शर्मा, भानू शर्मा धिमश्री हाट वाले, समाजसेवी श्याम भोजवानी, विनोद शर्मा, राम गोपाल बित्थरिया, हिमेश बित्थरिया, संजय उपाध्याय, ऋषि उपाध्याय, कौशल शर्मा, गणेश पलिया, श्रीभगवान शर्मा, महेंद्र सिंह ठाकुर, श्रीमती राधिका, राहुल बित्थरिया आदि उपस्थित रहे
: पालकी में बैठ भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे श्रीवरद वल्लभा महा गणपति
Sat, May 4, 2024
छलेसर-फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर का आज है वार्षिकोत्सव
सुबह से सायं तक होंगे दिव्य आयोजन, दक्षिण भारतीय शैली का बना है महागणपति का मंदिर
बिखरेगी दक्षिण भारतीय सांस्कृतिक छटा, इंडियाज गॉट टैलेंट फेम क्रेजी हॉपर की प्रस्तुति
आगरा। वैदिक मंत्रों के उच्चारण और दक्षिण भारतीय पूजन पद्वति के साथ श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर का वार्षिकोत्सव 5 मई रविवार को सुबह से आरंभ हो जाएगा।
फिरोजाबाद-छलेसर रोड पर बने दक्षिण भारतीय शैली के श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर का रविवार को द्वितीय वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि सुबह वैदिक विधि से पूजन के बाद सायंकाल 6 बजे गणेश जी की पालकी मंदिर परिसर में निकाली जाएगी। इसके बाद सायं 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तर भारत में दक्षिण भारतीय और महाराष्ट्रीय संस्कृति की छटा बिखरेगी। जिसके अन्तर्गत कथककली, नासिक ढोल, लावणी नृत्य एवं इंडियाज गॉट टैलेंट फेम क्रेजी हॉपर अपनी आकर्षक प्रस्तुति देंगे। 50 से अधिक कलाकार सांस्कृतिक संध्या को अपनी प्रस्तुति से सजाएंगे।
महोत्सव कांचीपुरम् से भरनीधरन आर के सानिध्य में पूर्ण होगा एवं यज्ञाचार्य सबरी राजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मंदिर परिसर को विशेष फूलों से दुल्हन की भांति सजाया गया है।
: अमृतवेले के पावन समागम में बह रही अमृत रसधारा
Fri, May 3, 2024
आगरा। गुरुद्वारा विजय नगर कॉलोनी में आयोजित भव्य कीर्तन दरबार में अमृतवेले अमृत नाम की पवित्र अमृत धारा बह रही है। नगर के सभी के प्यारे कीर्तनकार वीर महेंद्र पाल सिंह ने अपनी मधुर रचना से गुरबाणी का गायन कर सभी का मन मोह लिया। सर्वप्रथम सुबह 4 बजे से नितनेम की वाणी के बाद रिंकू वीर जी के अमृतमई कीर्तन का सभी ने रसास्वादन किया। प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह ने अपनी मधुर रचना द्वारा ‘कीरत प्रभ की गाओ मेरी रसना’ का गायन किया उसके पश्चात शुकराने रूप में ‘सुख तेरा दिता लहीयै‘ का गायन कर सभी का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि हमें यह देखकर नहीं रोना चाहिए कि परमेश्वर ने हमें यह नहीं दिया बल्कि हमें यह देखकर खुश होना चाहिए कि जो प्रभु ने हमें दिया उतना कईयों को नहीं दिया। उसके पश्चात उन्होंने ‘तू दाता दातार तेरा दिता खावना’ का बहुत ही मनोहारी अंदाज में गायन किया
इस आयोजन में अमृतवेला पंजवानी परिवार द्वारा सभी संगत शुकराना किया श्री मदनलाल पंजवानी के 90 वें जन्मदिन की खुशी अमृतवेला परिवार साध संगत ने गुरु के दर मनाईं। समाप्ति पर गुरु महाराज के अटूट लंगर का वितरण हुआ और उसके बाद मूक बधिर संकेत राजकीय विद्यालय विजयनगर कॉलोनी पर सभी मूक बधिर बच्चों को उपहार स्वरूप स्कूल की ड्रेस पेंट शर्ट शूज सोक्स लजीज व्यंजन वितरित किए गए और गुरु का लंगर कराया गया।
अमृतमई कीर्तन समागम में सरदार हरजिंदर सिंह, विजय पंजवानी, वासदेव भागचंद, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, विकास व्यानी, गुरमुख भाई, बबलू व्यानी, संजय जटाना, रिंकू गुलाटी, मनजीत सिंह, सुरेंद्र सलूजा, गोरू भाई, गुरमीत सिंह सेठी, परमानंद आतवानी, रविंद्र सिंह, देवेंद्र पाल, चोहेतराम, ज्योति कौर, सिंह, गुरदीप लूथरा, पप्पी आदि गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।