: सतगुरु मेरा सदा दयाला मोहें दीन को राख लिया
Wed, May 1, 2024
आगरा। गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर विभव नगर आगरा पर धन धन साहिब श्री गुरु अर्जुन देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष घर घर बाबा गाविए - कीर्तन समागम में गुरु रूप साध संगत ने परिवार सहित पहुंचकर साहिब श्री धन धन गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश नवाया वह गुरु की पावन पवित्र गोद में कीर्तन समागम का माण लिया।
भाई साहब भाई हरजोत सिंह समूह सेवक जत्था संत बाबा सुरेंद्र सिंह गुरुद्वारा मिठ्ठा खुह वालों द्वारा गुरु की अमोलक शब्द गुरवाणी कीर्तन कथा से गुरु अर्जुन देव साहिब जी की उपमा का वर्णन कर गुरु की सच्ची राह पर चलने की प्रेरणा दी। शब्द, तू मेरो प्यारो ता कैसी भूखा तू मन वसेया लगे ना दुखा,,,, जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आओ,,, ज्ञानी जी द्वारा अरदास हुकुमनामा के साथ सभी गुरु रूप गुरु प्यारी संगत ने लंगर पाकर गुरु का शुकराना किया।
लंगर की सेवा में विशेष रूप से भाई हरजिंदर सिंह सुखमनी सेवा सभा, मुख्य रूप से भाई हरपाल सिंह प्रधान, राजू सलूजा, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, मलकीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली, गुरजिंदर सिंह, देवेंद्र सिंह जुल्का, पिंकी वीर, सुरेंद्र सिंह लाडी, हरजोत सिंह, हरजिंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।
: भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है श्रीमद्भागवत महापुराण - आचार्य हरिओम
Wed, May 1, 2024
आगरा। शिव बाटिका, शमसाबाद रोड, आगरा में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में सरस कथा व्यास आचार्य हरिओमजी महाराज व्याकरणाचार्य जी ने बताया श्रीमद् भागवत महापुराण की पवित्र कथा भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है।
आज दूसरे दिन श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का वर्णन करते हुए आचार्यजी ने भगवत शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि भा माने भक्ति माने ज्ञान व माने वैराग्य और तो माने बिस्तार। आचार्यजी ने बताया व्याकरण में तो विस्तारे धातु है अतः जिस ग्रंथ में भक्ति ज्ञान और वैराग्य का विस्तार से वर्णन किया जाए उसी को श्रीमद् भागवत कहते हैं।
प्रख्यात कथा व्यास आचार्य श्री रामनजर जी महाराज (पूज्य श्रीहरि जी महाराज) के सानिध्य में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सरस कथा व्यास आचार्य श्री हरिओम जी महाराज जी ने आगे भागवत की उत्पत्ति की कथा का वर्णन किया उन्होंने बताया की श्रीमद्भागवत कथा नारायण से ब्रह्मा को प्राप्त हुई ब्रह्मा जी से नारद जी को प्राप्त हुई नारद जी से व्यास जी को प्राप्त हुई और व्यास जी से सुकदेव जी महाराज को प्राप्त हुई सुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सुने इस प्रकार क्रम पूर्वक श्रीमद् भागवत महापुराण हम लोगों को धरती पर सुनने को प्राप्त हुई और श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से भारतवर्ष अपने देश के साथ-साथ विदेशों में भी श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रचार हो रहा है।
श्री वृंदावन धाम से पधारे महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री हरि शरण दास जी महाराज रामू बाबा ने आज कथा का श्रवण किया और कथा में आए हुए श्रोताओं को आशीर्वचन दिया। समाजसेवी श्याम भोजवानी ने बताया श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन दोपहर 2 से 6 तक आप अपने परिवार साथ आकर पुण्य कमाए।
: श्रीवरद वल्लभा महा गणपति मंदिर का द्वितीय वार्षिकोत्सव 5 को, भव्य−दिव्य होगा आयोजन
Wed, May 1, 2024
छलेसर फिरोजाबाद रोड स्थित मंदिर में बिखरेगी दक्षिण भारतीय एवं महाराष्ट्रियन संस्कृति की छटा
दक्षिण भारतीय पूजा पद्वति से होगा प्रथम पूज्य देव गणेश का महाभिषेक, पालकी यात्रा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
इंडियाज गॉट टैलेंट फेम क्रेजी हॉपर एवं विश्व प्रसिद्ध नासिक ढोल भी देंगे प्रस्तुति, कथककली नृत्य होगा आयोजन में विशेष आकर्षण
आगरा। दक्षिण भारतीय पूजन पद्वति के साथ वैदिक मंत्रों का उच्चारण एवं महाराष्ट्रियन नृत्य कला का संगम देखने को मिलेगा छलेसर फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में। 05 मई, दिन रविवार को श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर का द्वितीय वार्षिकोत्सव समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में भव्यता और नवीनता को देखते हुए आस्था का सैलाब उमड़ने की पूरी उम्मीद है।
एनआरएल ग्रुप के चैयरमेन एवं आयोजक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि पांच मई को सुबह से ही मंदिर में भव्य और दिव्य आयोजन आरंभ हो जाएंगे। सुबह श्रीवरद वल्लभा महा गणपति का महाभिषेक एवं पूजन के साथ महोत्सव आरंभ होगा। इसके बाद सायंकाल 6 बजे मंदिर परिसर में ही पालकी यात्रा निकाली जाएगी एवं सायं 7 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
दक्षिण भारत की परंपरागत नृत्य शैली कथककली की प्रस्तुति सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आकर्षण प्रदान करेगी। इसके अलावा नासिक ढोल, लावणी नृत्य एवं इंडियाज गॉट टैलेंट फेम क्रेजी हॉपर अपनी आकर्षक प्रस्तुति देंगे। 50 से अधिक कलाकार सांस्कृतिक संध्या को अपनी दमदार प्रस्तुति से सजाएंगे। महोत्सव कांचीपुरम् से भरनीधरन आर के सानिध्य में पूर्ण होगा एवं यज्ञाचार्य सबरी राजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
12 वर्ष की अथक साधना का परिणाम है मंदिर
हरिमोहन गर्ग ने बताया कि 12 वर्षों की अथक साधना के बाद दक्षिण भारतीय शैली में विघ्न विनाशक भगवान गणेश का अष्टकोणीय मंदिर आगरा में दो वर्ष पूर्व बना था। मंदिर में स्थापित गणेश जी के विग्रह को पद्मश्री पेरूमल सत्पति ने बनाया था। श्रीविग्रह ही एक वर्ष में बनकर तैयार हो सका था। इस विग्रह की विशेषता है कि ये ब्ल्यू ग्रेनाइट के एक पत्थर को एक वर्ष तक अनवरत तराश कर बनाया गया। गणपति जी की ये प्रतिमा चार फुट उंची है और वजन करीब तीन टन है।
आयोजन से बाधित नहीं होगी यातायात व्यवस्था
श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर के वार्षिकोत्सव की दिव्यता के साक्षी बनने के लिए अन्य शहरों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। छलेसर फिरोजाबाद रोड हाइवे पर होने के कारण यातायात व्यवस्था सुचारु रखने में किसी तरह की बाधा न आए इसलिए सभी आयोजन मंदिर प्रांगण में ही होंगे। गणपति जी की पालकी यात्रा भी मंदिर परिसर में ही निकाली जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच भी मंदिर प्रांगण में ही तैयार किया जा रहा है।
विशेष फूलों से होता गणपति जी का श्रंगार
श्रीवरद वल्लभा महागणपति जी का प्रतिदिन विशेष फूलों से श्रंगार किया जाता है। दिल्ली से प्रतिदिन गुलाब के विशेष प्रजाति के फूल आते हैं, जिनसे श्रीविग्रह को सजाया जाता है।