: चंदन छापे की पोशाक से श्रृंगारित हुए श्रीजगन्नाथ भगवान
Sat, May 11, 2024
इस्कॉन मंदिर में आयोजित किया गया अक्षय तृतीया महोत्सव
21 दिन तक श्रीहरि का होगा चंदन से श्रंगार, सत्तू, आम और खरबूजे जैसे मौसमी फलों का लगेगा भोग
आगरा। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रीहरि को चंदन के छापे से सजे श्वेत परिधान धारण कराए गए। बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग चंदन से श्रंगारित आज श्रीजगन्नाथ भगवान ने श्याम वर्ण नहीं बल्कि भक्तों को पीत वर्ण में सुशोभित होकर दर्शन दिए। 21 दिन तक श्रीजगन्नाथ जी का चंदन से श्रंगार किया जाएगा।
आज अक्षय तृतीया महोत्सव के उपलक्ष्य में कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर को मोगरे व बेले के पुष्पों से सजाया गया। हरि नाम संकीर्तन के साथ सालिगराम भगवान का आम के रस से विधि विधान के साथ अभिषेक किया गया। इस्कॉन मंदिर आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि 14 मई को वृषभ संक्रांति (सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश करने पर) के साथ गर्मी भीषण रूप ले लेती है, इसीलिए अक्षय तृतीया से 21 दिन तक यानि 30 मई तक भगवान का चंदन के लेप से श्रंगार किया जाएगा। उन्हें चंदन के छापे की हल्की पोशाक पहनाई जाएंगी। मोगरा, बेला जैसे सुगन्धित पुष्पों से फूल बंगला सजेगा। सत्तू, खरबूजा, आम, तरबूज, लीची जैसे मौमसी फलों का प्रसाद लगाया जाएगा।
अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में आज राधा-कृष्ण को हरियाली के बीच सजाकर बैठाया गया। जिनके दर्शन को हर श्रद्धालु ललायित नजर आया। संध्या आरती के उपरान्त सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलेन्द्र अग्रवाल, राहुल बंसल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, ओमप्रकाश अग्रवाल, विकास बंसल, विपिन अग्रवाल, राजीव मल्होत्रा, संजय कुकरैजा, अनिल गुप्ता, हर्ष खटाना आदि उपस्थित थे।
: पालकी में पधारे स्वर्ण वरद वल्लभा महागणपति के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का ज्वार
Mon, May 6, 2024
छलेसर-फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर का आयोजित हुआ वार्षिकोत्सव
सुबह से सायं तक हुए दिव्य आयोजन, सुबह महाभिषेक और पूजन, सायंकाल पालकी यात्रा
इंडियाज गॉट टैलेंट फेम क्रेजी हॉपर ग्रुप ने बिखेरा जलवा, कथककली की प्रस्तुति ने किया आकर्षित
आगरा। नासिक के ढोल की धुन पर थिरकते हुए सैंकड़ों श्रद्धालु निहाल हुए स्वर्ण वरद वल्लभा महागणति के दर्शन करके। विघ्न विनाशक ने मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकल कर पालकी में पधार भक्तों को दर्शन दिए।
छलेसर− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में आयोजित वार्षिकोत्सव में धूमधाम से पालकी यात्रा निकालते श्रद्धालु।
दिव्यता और भव्यता से परिपूर्ण आयोजन छलेसर-फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में संपन्न हुआ। रविवार को मंदिर का द्वितीय वार्षिकोत्सव समारोह आयोजित किया गया। आयोजक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि समारोह का शुभारंभ कांचीपुरम् से भरनीधरन आर एवं यज्ञाचार्य सबरी राजन के सानिध्य में वैदिक पद्वति के साथ पूजा अर्चना से हुआ। करीब तीन से चार घंटे तक चली विशेष पूजा को हरिमोहन गर्ग एवं साधना गर्ग ने परिवार सहित पूर्ण किया। इसके बाद सायंकाल पंच धातु निर्मित प्रथम पूज्य श्रीगणपति जी के लघु विग्रह को विशेष पुष्पों से सज्जित पालकी में विराजित किया गया। मंदिर परिसर में ही ढोल− नगाड़ों के साथ पालकी को भ्रमण कराया गया। नासिक से आया ढोल ने अपनी ध्वनि से पालकी यात्रा में उपस्थित हर श्रद्धालु को मंत्रमुग्ध कर दिया। दृश्य देख लग रहा था जैसे आस्था का ज्वार उमड़ रहा हो। पूरा मंदिर परिसर विभिन्न फूलों की वर्षा और महक से खिल उठा।
छलेसर− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में आयोजित वार्षिकोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते कलाकार।
पालकी यात्रा के बाद दक्षिण भारत और महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने अपनी एक से बढ़कर एक भक्तिमय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मंदिर परिसर में बने मंच पर दीं। कथककली प्रस्तुति देख हर कोई हतप्रभ था। इंडियाज गॉट टैलेंट फेम क्रेजी हॉपर ग्रुप ने गणेश वंदना पर स्टंट के साथ प्रस्तुति दी तो दर्शकदीर्घा एकटक निहारती रही रही। 50 से अधिक कलाकारों की प्रस्तुतियां देर रात होती रहीं। प्रसादी के साथ समारोह का समापन हुआ। लगातार दूसरे वर्ष भव्य आयोजन में शामिल हो भक्त निहाल हो रहे थे।
आयोजन की व्यवस्थाएं यतेंद्र कुमार गर्ग, नीरज गर्ग, रोहित गर्ग, सिद्धांत गर्ग, दीपक गर्ग आदि ने संभाली।
: रामगढ़िया एसोसिएशन आगरा ने मनाई महान सिख सरदार जस्सा सिंह रामगढ़िया की 301वीं जन्मशताब्दी
Mon, May 6, 2024
आगरा। गुरुद्वारा श्री मिट्ठा खूह साहिब, महर्षिपुरम, सिकंदरा पर समूह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं रामगढ़िया एसोसिएशन आगरा के तत्वावधान में महान सिख जनरैल महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया की 301वी जन्मशताब्दी बड़े सत्कार के साथ मनाई गई। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के भव्य दीवान सजे ,संगतों ने मत्था टेका। गुरुद्वारा श्री मिट्ठा खूह साहिब पर विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ महावाक्य ‘साबत सूरत दस्तार सिरा’ के अनुसार सिख युवा वर्ग को दस्तार (पगड़ी ) बांधना सिखाने द्वारा किया गया।
प्रातः से सिख नौजवान बच्चो को रामगढ़िया एसोसिएशन के मेंबर्स द्वारा पगड़ी सिखाई गयी और साथ ही एसोसिएशन के प्रधान सरदार बलजिंदर सिंह सग्गु द्वारा दस्तार (पगड़ी) का महत्त्व समझाते हुए बताया की दस्तार (पगड़ी) का सिख धर्म में बहुत महत्व है। यह सिखों के पाँच ककारों में से एक है और इसे गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में बैसाखी के दिन अपने खास लोगों को उपहार के रूप में दिया था।
संस्था से अमनप्रीत सिंह ने बताया की पगड़ी सम्मान, स्वाभिमान, साहस और आध्यात्म का प्रतीक है। यह सिखों की पहचान और उनके अस्तित्व का अभिन्न अंग है। गुरु जी के उपदेश का पालन करते हुए एसोसिएशन के मेंबर्स द्वारा सिख युवा वर्ग को पगड़ी उपहार के रूप में प्रदान की गयी। युवा बच्चो व लड़कियो ने दस्तार (दुमाला) सीखने में रुची दिखाई। इसके उपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में विशेष कीर्तन दरबार का प्रारम्भ हुआ। जिसमे सिख पंथ के प्रसिद्ध कीर्तनकार भाई हरजोत सिंह हजूरी रागी (गु. श्री मिट्ठा खूह साहिब) और भाई हरप्रीत सिंह, भाई अमनदीप सिंह मधुनगर वालो ने अपनी मधुर वाणी से शब्द कीर्तन का गायन किया।
शब्दः 1, सोभा पावै प्रभ कै द्वार, धन गुरु धन गुरु पिआरे, हरि के नाम की वडिआई का गायन किया और साथ ही सरदार हरविंदर सिंह ऑस्ट्रेलिया वालो ने बताया कि सरदार जस्सा सिंह रामगढ़िया ने अपनी फौज के साथ 11 मार्च 1783 में 30 हजार सिक्खों के साथ दिल्ली पर हमला किया और लाल किले पर निशान साहेब फहराया। इसके बाद जिस तख्त पर बैठकर जालिम मुगल बादशाह ने शहीदों के फतवे जारी किए थे उसको जस्सा सिंह रामगडीया ने नींव समेत उखाड़कर दरबार साहेब, अमृतसर में स्थापित किया, जो कि आज भी परिक्रमा मार्ग में रामगडीया बुंगे में उपस्थित है। सरदार जस्सा सिंह रामगडीया पूर्ण गुर सिक्ख थे। वे अपनी वीरता के साथ साथ अपनी निर्मलता के लिए भी जाने जाते थे। इसकी मिसाल उन्होंने अपना बैठने का स्थान ( रामगढ़िया बुंगे ) को भी गुरु रामदास जी के स्थान से 14 फीट नीचे बनाया। सरदार जस्सा सिंह ने कई जंग लड़ी। महाराजा जस्सा सिंह के राज्य में 360 किले और कोर्ट थे। वह पहले राजा फिर महाराजा बने। इसके बाद महाराजा रंजीत सिंह का शासन आया। कीर्तन के उपरांत ज्ञानी जी द्वारा अरदास हुकमनामा सुन के संगतो ने गुरु घर कि खुशिया प्राप्त की। पूर्ण समाप्ति के उपरांत गुरु का अटूट लंगर बांटा गया।
इस मौके पर बलजिंदर सिंह, हरज्योत सिंह, कमल भोजवानी, अर्जिंदर पाल सिंह, प्रभजोत सिंह, स्वर्ण सिंह, चरनजीत सिंह, जसपाल सिंह , शेर सिंह, गुरचरण सिंह, रघुवीर सिंह, अमनप्रीत सिंह, देवेंद्र सिंह, बल्प्रीत सिंह, गुरमीत सिंह, इंदरजीत सिंह, जस्वीर सिंह, दलजीत सिंह आदि मौजूद रहे।