: बचपन में ही डालें बच्चों में भक्ति का बीज, जोड़ें हनुमान चालीसा सेः भरत उपाध्याय
Wed, Jan 24, 2024
अवधपुरी बने कर्मयोगी एनक्लेव में बह रही है श्री राम कथा की अमृत धारा
प्रभु राम के आदर्शों को जीवन में उतारने की सीख दे रहे कथा व्यास
श्री राम कथा प्रसंग के पंचम दिवस हुई माता सीता जी की जनकपुर से विदाई
आगरा। यदि भावी पीढ़ी में संस्कारों के बीज रोपने हैं तो बाल्यावस्था से ही भक्ति का बीज रोपित करें। हनुमान चालीसा को दैनिक पुस्तक के तौर पर बच्चों से जोड़ेंगे तभी उनमें बल-बुद्धि का सात्विक विकास होगा। सनातन धर्म की ये सीख दी कथा व्यास भरत उपाध्याय ने।
अयोध्या धाम में श्री राम लला प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में कर्मयोगी एनक्लेव, सोसायटी के संयोजन में सीताराम परिवार द्वारा कर्मयोगेश्वर मंदिर, कर्मयोगी, कमला नगर में आयोजित श्री राम कथा में कथा व्यास भरत उपाध्याय प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने की श्रद्धालुओं को सीख दे रहे हें। पांचवे दिन के कथा प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने माता सीता की जनकपुर से विदाई का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न का अपनी धर्मपत्नियों सहित जो अयोध्या धाम में भव्य स्वागत हुआ उसका कथा व्यास ने सजीव सा बखान किया। अयोध्या धाम की भव्यता में माता सीता के आगमन से दिव्यता का और अधिक वास हुआ। सभी विधि विधान से चारों पुत्रवधुओं का स्वागत करने के लिए तीनों माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकई आती हैं। प्रिय पुत्र राम की पत्नी सीता से सर्वाधिक लाड़ कैकई को होता है किंतु बुरी संगत के कारण कैकई की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और फिर होता है कोप भवन प्रसंग।
इस पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर के महंत गोपी गुरु ने कहा कि बुरे का संग न करें। बुरे का संग बुद्धि भ्रष्ट करता है। करुण हृदय कैकई मंथरा के कहने में आकर अपनी बुद्धि विवेक से दूर हो जाती है। बुरे का संग साथ बुरा ही लाता है। पंचम दिन के समापन पर श्री राम चरित मानस की आरती मुख्य यजमान जीतू और रिचा अग्रवाल ने उतारी।
जीतू अग्रवाल ने बताया कि छठवें दिन गुरुवार को वनवास, केवट प्रसग और चित्रकूट धाम की महिमा का वर्णन होगा।
इस अवसर पर इस अवसर पर नीतेश अग्रवाल, पार्षद कंचन बंसल, मंदिर सचिव ओम प्रकाश, गिर्राज बंसल, शिवानी अग्रवाल, संजय गुप्ता, विजय रोहतगी, प्रभात रोहतगी, पवन बंसल, विजय अग्रवाल, अंकित बंसल, हरीश गोयल, भानु मंगलानी, संजय अग्रवाल, आशु रोहतगी, बीएस शर्मा आदि उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण लीला और रास का भक्तों ने लिया आनंद−
श्रीराम कथा के पांचवे दिन सायंकाल में सीताराम परिवार द्वारा श्रीकृष्ण लीला का आयोजन किया गया। जिसके अन्तर्गत श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीला, सुदामा चरित सहित मनमोहक रास लीला प्रस्तुत की गयी। आयोजन में बच्चों और महिलाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। हर प्रस्तुति में ब्रज के भक्ति भाव की झलक थी।
: राम सीय सुंदर प्रतिछाहीं, जगमगात मनि खंभन माहीं। मनहुं मदन रति धरि बहु रूपा, देखत राम बिआहु अनूपा।।
Tue, Jan 23, 2024
अयोध्या धाम बने कर्मयोगी एनक्लेव में हो रही है वर्षा श्रीराम की पावन कथा की
श्री राम कथा प्रसंग के चतुर्थ दिवस हुआ सीता स्वयंवर, परशुराम संवाद, गूंजे बधाई के गीत
आगरा। जय जय गिरिराज किसोरी, जय महेश मुख चंद्र चकोरी… अयोध्या धाम बने कर्मयोगी एनक्लेव, कमला नगर स्थित श्री कर्मयोगेश्वर मंदिर में जब सीता स्वयंवर का शंखनाद हुआ तो हर भक्त का हृदय मानो उत्साह से आह्लादित हो उठा।
अयोध्या धाम में श्री राम लला प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में कर्मयोगी एनक्लेव, सोसायटी के संयोजन में सीताराम परिवार द्वारा आयोजित श्री राम कथा में चतुर्थ दिवस सीता स्वयंवर और परशुराम संवाद प्रसंग हुए। मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, मुख्य यजमान जीतू और रिचा अग्रवाल, गिर्राज बंसल ने श्री राम चरित मानस की आरती उतारी।
कथा व्यास भरत उपाध्याय ने सीता स्वयंवर लक्ष्मण परशुराम संवाद और माता जानकी को मिथिलावासियों द्वारा दी गई विदाई का हृदयस्पर्शी वर्णन किया गया। कथा व्यास ने अपनी अमृतवाणी से उपस्थित श्रद्धालुओं को निहाल करते हुए कहा कि अहिल्या उद्धार के बार गुरु विश्वामित्र राजा जनक निमंत्रण पर जनकपुरी पहुंचे। उनके साथ श्रीराम और लक्ष्मण भी थे।
कथा व्यास भरत उपाध्या ने मिथिलानगरी के सौंदर्य का बहुत ही सुंदर वर्णन किया। कहा कि मिथिला नगरी जहां स्वयं माता महालक्ष्मी ने अवतरण लिया वहां का वैभव शब्दों में नहीं कहा जा सकता। मिथिला नगरी में सर्वत्र खुशियां ही खुशियां और आनंद ही आनंद था। वहां धन-धान्य सुख एश्वर्य की कमी कल्पना में भी संभव नहीं है। तीनों लोकों की सुंदरता से सुंदर मिथिला नगरी की सुंदरता से हर हृदय भाव विभोर हो रहा था। उधर राजा जनक द्वारा सीता स्वयंवर की कठिन शर्त रख दी गयी। जिसके अन्तर्गत सीता का ब्याह उसी के साथ होगा जो भगवान शंकर के धनुष को भंग करने सामर्थ्य रखता होगा।
इधर सखियों के साथ सीता जी पुष्प वाटिका में जाती हैं और पुष्प लेकर माता गौरी की पूजा करती हैं। इसी मध्य श्री राम और सीता जी परस्पर एक दूसरे को देखकर मोहित हो जाती हैं। यह राम रूप में भगवान विष्णु और जगत जननी जानकी के रूप में साक्षात लक्ष्मी जी की लीला है। प्रीत गहरी होती है और सीता जी को मन ही मन श्रीराम को अपनी पति वरण करती हैं किंतु मन में संशय कि धनुष भंग भी होना आवश्यक है। सीता जी की चिंता दूर होती है भरी सभा में दिग्विजय राजाओं की उपस्थिति में श्रीराम भगवान शंकर का धनुष भंग करते हैं।
लंगड़े की चौकी, हनुमान मंदिर के महंत गोपी गुरु ने कहा कि माता सीता ने माता गौरी की आराधना की थी और मनचाहा वर प्राप्त किया। जहां आस्था होती है वहां कामना अवश्य पूरी होती है। कथा में कथा व्यास द्वारा श्री राम द्वारा माता जानकी का वरण और जमदग्नि पुत्र परशुराम तथा लक्ष्मण के मध्य वाद विवाद के बाद दिव्य विवाह और भव्य विदाई का भी मनोहारी वर्णन किया गया।
इस अवसर पर पार्षद कंचन बंसल, मंदिर सचिव ओम प्रकाश, गिर्राज बंसल, शिवानी अग्रवाल, संजय गुप्ता, विजय रोहतगी, प्रभात रोहतगी, पवन बंसल, विजय अग्रवाल, अंकित बंसल, हरीश गोयल, भानु मंगलानी, संजय अग्रवाल, आशु रोहतगी, बीएस शर्मा आदि उपस्थित रहे। जीतू अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को कथा प्रसंग के बाद श्री कृष्ण रास लीला का मंचन और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत होंगे।
: 501 दीप प्रज्ज्वलित कर की श्रीराम की महाआरती
Mon, Jan 22, 2024
अग्रवाल युवा संगठन ने महाराजा अग्रसेन चौराहा मदिया कटरा पर आयोजित किया सुन्दरकाण्ड का पाठ, आरती कर प्रसाद वितरण किया
आगरा। ढोलक मंजीरों संग सुन्दरकाण्ड के पाठ में झूमते गाते भक्तजन। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर उद्घाटन अवसर के मौके आज अग्रवाल युवा संगठन द्वारा मदिया कटरा, अग्रसेन चौराहा पर श्रीराम का पूजन किया। 501 दीपों से भव्य महाआरती की गई। सभी भक्तजनों को प्रसाद वितरण कर श्रीराम मंदिर की खुशी को साजा किया। मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, सुरेश चंद्र गर्ग तपन ग्रुप वीरेंद्र अग्रवाल बीके ने श्रीराम की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संगठन के अध्यक्ष श्री गणेश कुमार बंसल संगठन के महामंत्री श्री अम्बुज अग्रवाल कोषाध्यक्ष प्रतीक गोयल, कार्यक्रम संयोजक प्रियाकांत बंसल, राहुल बंसल, विनोद अग्रवाल संजय अग्रवाल लक्ष्मी नारायण गर्ग कुलवंत मित्तल सीताराम अग्रवाल सुभाष गर्ग राजीव खेमका मयंक गर्ग शिवम गर्ग मयंक अग्रवाल अंकित अग्रवाल रामकुमार अग्रवाल अखिल अग्रवाल अनन्या अग्रवाल अभिजीत मोदी अशोक गोयल अमित अग्रवाल निखिल अग्रवाल ललित बंसल प्रवीण अग्रवाल नवीन अग्रवाल जितेंद्र अग्रवाल आदि उपस्थित थे।