: श्रीकृष्ण ने की ब्रजवासियों की रक्षा, इंद्र का किया मान मर्दन
Sun, Nov 10, 2024
आगरा। ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिर्राज जी की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश की। तब कृष्ण भगवान ने गिर्राज पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का मान मर्दन किया। ये कहना था श्रीमंद भागवत कथा मे पांचवे दिन रविवार को व्यासपीठ से प्रेमप्रकाश महाराज का। बोदला सेक्टर-1, स्थित जीवन ज्योति पार्क में श्री भागवत कथा समिति की ओर से चल रही कथा में भक्तो ने कृष्ण की बाल लीला, गोवर्धन पूजन, माखन चोरी के साथ छप्पन भोग के दर्शन किए। जोगनियां बन आयौ छलिया नंदकिशोर.. श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रयो.., मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है.. तेरा शुक्रिया, तेरा शुक्रिया.. जैसे भजनो ने भक्तो को मंदिर में झूमने पर मजबूर कर दिया।
व्यास प्रेमप्रकाश महाराज ने श्रद्धालुओ को बताया कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस कृष्ण के वध के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षस पूतना को भेजता है । पूतना भेष बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। भागवत में भक्तों ने छप्पन भोगों का अर्पण किया और झांकियों सहित धूमधाम से गोवर्धन की पूजा- अर्चना की। कथा के मुख्य यजमान अजय अग्रवाल मघटई और प्रवीणा अग्रवाल है। वही, दैनिक यजमान राजेश अगव्राल और मनीषा अग्रवाल रही। अध्यक्ष केदारनाथ अग्रवाल ने बताया कि छठवे दिन सोमवार को महारास, कंस वध, गोपी उद्धव संवाद, रुक्मणी विवाह व सुदामा चरित्र का वर्णन किया जाएगा।
इस अवसर पर संयोजक विवेक अग्रवाल, मुकेश नेचुरल, डॉ. संजय अग्रवाल, भूदेव सिंह प्रधान, वीरेंद्र अग्रवाल, राजकुमार तिरुपति, मनोज शर्मा, मनोज बघेल, शम्बूनाथ अग्रवाल, प्रतिभा जिंदल, हेमेंद्र अग्रवाल, माधव, राधव, मनीष, अजय आदि मौजूद रहे।
: आर्य समाज का एकमात्र लक्ष्य है अंधविश्वास को दूर करना
Sun, Nov 10, 2024
आर्य समाज मंदिर नाई की मंडी ने किया उमेश कुलश्रेष्ठ को आर्य रत्न से सम्मानित
आर्य समाज नाई की मंडी का वार्षिकोत्सव सम्पन्न
आगरा। स्वामी दयानन्द सरस्वती का एकमात्र लक्ष्य समाज को अंधविश्वास की त्रासदी से मुक्त करवाकर वेदों में उल्लेखित सत्य के मार्ग पर अग्रसर करना था। राष्ट्रभक्त ऋषि दयानंद स्वराज को सुराज से बेहतर मानते थे। उन्होंने स्वदेश, स्वभाषा, स्व-धर्म व स्व-संस्कृति पर गर्व करना सिखाया। सावरकर, सुभाषचन्द्र बोस ने उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता बताया। ये कहना था मुरैना से आए वैदिक प्रवक्ता आचार्य प्रशांत शर्मा का। वे विजय नगर स्थित विजय क्लब में आर्य समाज मंदिर नाई की मंडी शाखा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के समापन पर बोल रहे थे। वेद प्रवक्ता स्वामी आचार्य ब्रजेश ने कहा कि यदि मनुष्य आज स्वामी दयानंद द्वारा दर्शाये गए सिद्धांत को अपनाए तो समाज टूटने की अपेक्षा जुड़ेगा तथा उसमें जातीय भेद एवं अहंकार नहीं रहेगा। अमृतसर से आए भजनोपदेशक विवेक पथिक के श्जग में वेदों की जब तक निशानी रहे महर्षि की अमर ये कहानी रहे। भजन को सभी ने खूब सराहा।
प्रधान सीए मनोज खुराना ने बताया कि वैदिक प्रवक्ता आचार्य ब्रजेश महाराज ने अपने प्रवचन से वैदिक ज्ञान की अमृत वर्षा की। मंत्री अनुज आर्य ने बताया कि महर्षि दयानन्द की 200वीं जन्म जयंती वर्ष के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम में विश्व शांति के लिए 21 कुण्डिया यज्ञ, प्रवचन और संगीतमय भजनों का धर्मलाभ शहरभर के आर्यजनों ने प्राप्त किया। आर्य रत्न का सम्मान ओल्ड ईदगाह कॉलोनी के उमेश कुलश्रेष्ठ को मिला। संचालन अश्वनी आर्य ने किया।
दयानन्द ने किया था स्वराज शब्द का इस्तेमाल
आचार्य डॉ वेद पाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती प्रथम महापुरुष थे जिन्होंने स्वराज शब्द का प्रयोग किया। स्वामी दयानंद सरस्वती धर्म सुधारक ही नहीं, समाज सुधारक और सच्चे राष्ट्रवादी भी थे। बालगंगाधर तिलक ने कहा है कि स्वराज का मंत्र सबसे पहले स्वामी दयानंद सरस्वती ने ही दिया था। सरदार पटेल का कहना था कि भारत की स्वतंत्रता की नींव वास्तव में स्वामी दयानन्द सरस्वती ने ही रखी थी।
इस अवसर पर विकास आर्य, विजय अग्रवाल, राजेश गुप्ता, राजीव दीक्षित, सुधाकर गुप्ता, भारत भूषण सामा, वीरेंद्र कनवर, अवनींद्र गुप्ता, सुभाष अग्रवाल, उमेश पाठक, यतेंद्र आर्य, सुशील असीजा, प्रेमा कनवर, विद्या गुप्ता, कान्ता बंसल, नीरू शर्मा, मिथलेश दुबे आदि मौजूद रहे।
: सद् भावना का संदेश दिया काले खां लीला ने, श्रीकृष्ण लीला में पहली बार हुआ मंचन
Sun, Nov 10, 2024
आगराः श्रीकृष्ण लीला महोत्सव में शनिवार को आयोजित श्रीकृष्ण लीला में पहली बार काले खां की लीला का मंचन करके सद् भावना का संदेश दिया गया, जिसे देख कर दर्शक भाव विभोर हो गए।
वाटर वर्क्स स्थित गौशाला में श्रीकृष्ण लीला के मंच पर प्रख्यात लीला निर्देशक स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ( श्रीरास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट, वृंदावन) के निर्देशन में लीला का मंचन किया जा रहा है। शनिवार को काले खां की लीला का मंचन किया गया। इसमें दिखाया गया कि वृंदावन में मदन मोहन जी का मंदिर था, जो बाद में जयपुर पहुंच गया। वहां काले खां नाम का एक अधिवक्ता रहता था। वह मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखता था। जिज्ञासावश वह भी भेष बदल कर श्रद्धालुओं के साथ मदनमोहन जी चमत्कार देखने पहुंच गया। काले खां की मदन मोहन जी के प्रति आस्था प्रगाढ़ हो गई, वह उनका मुरीद हो गया। जिससे काले खां के परिवारी जनों ने उसका परित्याग कर दिया। लेकिन उसने परवाह नहीं की और अपने हाथ से भगवान को प्रसाद खिलाने का सौभाग्य भी काले खां को मिला था।
आरती करने वालों में पार्षद पूजा बंसल, प्रदीप अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, भरत शर्मा, ऋषभ गुप्ता, कंचन बंसल अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, पीके मोदी, विजय रोहतगी, शेखर गोयल, अशोक गोयल , आदर्श नंदन गुप्ता, डीके चौधरी, मनोज गुप्ता, संजीव गुप्ता, बृजेश अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, अनीस आदि प्रमुख थे। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के अनुसार रविवार को नरसी भात की लीला होगी।