: ‘‘कपड़ों की तरह रिश्तों को बदलते देखा है, आदमी को हैवान होते देखा है’’ -श्रुति सिन्हा
Wed, Nov 29, 2023
श्याम तुम जो मिले राधिका हो गई, दीप से तुम जले वर्तिका हो गई।
पुस्तक मेले के काव्य मंच पर कवित्रियों ने बहाई काव्य रसधार
जीआईसी मैदान में पुस्तक मेले के पांचवें दिन साहित्य, संगीत और कला का दिखा अनूठा संगम
अक्षरा साहित्य अकादमी के साहित्य उत्सव में पुस्तकें दे रहीं समय की सीख
आगरा। समय के बदलते दौर पर प्रहार करते हुए कवित्री श्रुति सिन्हा ने अक्षरा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले एवं साहित्यिक उत्सव के काव्य मंच पर अपनी पंक्तियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने काव्य पाठ में कहा ‘‘कपड़ों की तरह रिश्तो को बदलते देखा है। आदमी को हैवान होते देखा है।’’
जीआईसी मैदान पर आयोजित पुस्तक मेले के साहित्यिक मंच पर काव्य पाठ प्रस्तुत करती कवित्रियां।
जीआईसी मैदान पर आयोजित पुस्तक मेले के पांचवें दिन साहित्यिक मंच पर कवित्रियों ने अपने काव्य पाठ से समसामयिक रचनाएं प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि समाज सेवी सुनील जैन और विशिष्ट अतिथि डॉ शरद गुप्ता थे। कवित्री सम्मेलन का शुभारंभ मां शारदे की प्रस्तुति के साथ डॉ ज्योत्सना शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया ‘‘करते हैं वंदना हम मां शारदे तुम्हारी हर हाल में तुम्हीं ने यह लेखनी संवारी’’। कवित्री रितु गोयल ने अपने काव्य पाठ में प्रकृति के प्रति जागरुक करते हुए लोगों के समक्ष काव्य पाठ में कहा प्रकृति दहन करते हो तो डरते नहीं, मानवता हनन करते हो तो डरते नहीं, आज जब दिख गई है मौत तुमको, क्यों भला गलती को याद करते नहीं। कवित्री निशि राज ने अपनी रचना में कहा ष्हर किसी से ना शिकवा गिला कीजिए दुश्मनों से भी हंसकर मिला कीजिए।श्कवित्री सम्मेलन में श्रृंगार रस के काव्य पाठ में कंचन लता पांडे ने अपनी प्रस्तुति में कहा ष्एक तरफ चाहत तुम्हारी फतेह हिमालय शिखर और फिर डरते भी होकर रहा में पत्थर बहुत हैंश्। कवित्री सम्मेलन में ब्रज रंग को रंगते हुए डॉ रमा रश्मि ने भगवान कृष्ण और राधिका के मिलन पर काव्य पाठ की प्रस्तुति में कहा ष्श्याम तुम जो मिले राधिका हो गई। दीप से तुम जले वर्तिका हो गई। मैंने जीवन समर्पित तुम्हीं को किया। शब्दों में तुम ढले शादिका हो गई। डॉ ज्योत्सना शर्मा ने काव्य पाठ करते हुए अपनी रचना में कहा एक टूटा मैं हमारा और कितने काम हैं, हर किसी के भाग्य में होते कहां विश्राम हैं। यशोधरा यादव यशो ने मुस्कुराती हुई जिंदगी बेटियां और बहती हुई एक नदी है बेटियां। हौसला जो मिले आसमान चूम लें अप्सरा लोक की परी है बेटियां। भावना वाजपेई ने काव्य पाठ में प्रेम रस बरसाते हुए कहा कोई सखी कह बोल उठी, सिय से सुन सुंदर मोहक प्यारी, लागत है एक दीपक जोत करें, उजियार सभी यह क्यारी।। पूजा आहूजा ने नाच नाच नाच तू नाच जिंदगी नाच मौत से लड़ती हुई अंतिम सांस पर नाच कविता प्रस्तुत कर जीवन की सच्चाई को इंगित किया। काव्य पाठ में रीता शर्मा ने यहां आपाधापी के मेले हैं मेले में मुखोंटों के ठेले हैं। सीना ही बाकी बचा रह गया पीठ के बार तो बहुत झेले हैं। रानू बंसल ने तसकित हूं त्याज हूं। अपेक्षित हूं उपहास हूं। कलंकित हूं कुरुप हूं हां मैं झूठा हूं। कविता प्रस्तुत कर झूठ पर प्रहार किया।
वरिष्ठ चिकित्सकों का हुआ सम्मान
राष्ट्रीय पुस्तक मेले एवं साहित्यिक उत्सव के पांचवें दिन जीआईसी ग्राउंड में कार्यक्रमों के पहले सत्र में साहित्यिक मंच पर बच्चों ने कई प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरीं। विभिन्न संस्थाओं के बच्चों ने प्रस्तुतियों के बाद पुस्तक मेले का अवलोकन कर कई पुस्तकों के बारे में गहनता से जानकारी ली। इस मौके पर मुख्य अतिथि शहर के जाने-माने चिकित्सक डॉ ज्ञान प्रकाश गुप्ता, डॉ मुनीश्वर गुप्ता और डॉ राकेश भाटिया का संस्था अध्यक्ष डॉ विनोद महेश्वरी, सचिव दीपक सरीन , कोषाध्यक्ष श्रुति सिन्हा के साथ समिति पदाधिकारियों ने सम्मान किया। इस मौके पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। अवलोकन के दौरान अधिकांश बच्चों की जिज्ञासा पढ़ाई की पुस्तकों के अलावा हास्य व्यंग्य और आध्यात्मिक ज्ञानवर्धक पुस्तकों की ओर रहा।
अक्षरा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित पुस्तक मेले के साहित्यिक मंच पर शहर के प्रमुख चिकित्सकों को सम्मानित करते समिति के पदाधिकारी।
कंप्यूटर के युग में भी रहेगी पुस्तकों की उपयोगिता
राष्ट्रीय पुस्तक मेले के साहित्यिक मंच पर कार्यक्रम के चौथे सत्र में ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के तत्वाधान में आयोजित विचार गोष्ठी में डिजिटल मीडिया के दौर में पुस्तकों की उपयोगिता पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में अतिथि प्रो सुगम आनंद, प्रो लवकुश मिश्रा, आईएमए सचिव डॉ पंकज नगायच थे। इस मौके पर पंडित मधुकर चतुर्वेदी ने साहित्य साधना की उपयोगिता बताते हुए तबले पर अपनी संगत से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन श्रुति सिन्हा ने किया।
‘‘आशाओं के वातायन’’ से पुस्तक पर चर्चा
लेखिका प्रीति आनंद के कहानी संग्रह आशाओं के वातायन पुस्तक पर विमोचन कियागया। डॉ अपर्णा पोद्दार ने कहानी संग्रह पर चर्चा की। उन्होंने कहा समय के बदले दौर में भी पुस्तकें हमारे एकाकी जीवन को समाज से जोड़ती हैं। डिजिटल युग में भी पुस्तकों की उपयोगिता को कम नहीं आंका जा सकता।
बुजुर्गों के साथ युवाओं को भा रही साहित्यिक और आध्यात्मिक पुस्तकें
जीआईसी मैदान पर आयोजित पुस्तक मेले में ज्ञान का ऐसा संगम पुस्तकों में देखने को मिल रहा है जहां बुजुर्गों के साथ युवाओं को साहित्य साधना के साथ जीवन सफलता और आध्यात्मिक की पुस्तकें आकर्षित कर रही हैं। पुस्तक मेले में हर उम्र के लोग शैक्षिक, साहित्यिक, आध्यात्मिक, योग साधना की पुस्तकों को देखकर जिज्ञासु बन रहे हैं।
इनकी रही सहभागिता
अक्षरा साहित्यिक अकादमी के द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले में समिति की अध्यक्ष डॉ विनोद महेश्वरी, उपाध्यक्ष वत्सला प्रभाकर, सह सचिव शीला बहल, सचिव दीपक सिंह सरीन, कोषाध्यक्ष श्रुति सिन्हा, आरके कपूर, श्वेता अग्निहोत्री, शरद गुप्ता आदि ने अतिथि देवो भव की परंपरा का निर्वहन करते हुए कार्यक्रमों में आए अतिथियों का स्वागत किया।
: कीर्ति सेवा समिति ने किया गरीब कन्या का विवाह
Wed, Nov 29, 2023
आगरा। कीर्ति सेवा समिति द्वारा एक गरीब कन्या का विवाह किशन लाल की बगीची, सिर की मंडी में बड़े हर्षाेल्लास एवं बैंड बाजे के साथ संपन्न कराया गया। विवाह का आरम्भ मुख्य अतिथि जयपुर हाउस पार्षद रेनू गुप्ताजी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित के साथ राधा कृष्ण की प्रतिमा को माला पहना कर किया गया।
विशिष्ट अतिथियों में निधि बेदी, डॉ. रचना अग्रवाल, डॉ. भूपेंद्र गरिमा गुप्ता, बबीता पाठक, प्रिया श्रीवास्तव, अनु अरोड़ा, पूजा तुलसानी, सुभाष मानवानी, एवं संस्था के संस्थापक पवन श्रीवास्तव जी द्वारा वर वधु की जयमाला कराई गई। सभी अतिथियों के द्वारा वर वधु को ढेरो आशीर्वाद दिए व उनके वैवाहिक जीवन के सुखमय होने की मंगल कामना की वर वधू को गृहस्थी का सारा सामान उपहार स्वरूप भेट दिया गया। संस्थापक पवन श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में तुषार वर्मा, सुभाष राजोरिया, पंडित संतोष सारस्वत, कीर्ति भावना वर्मा हर्षित आदि उपस्थित रहे।
: साहित्य और संस्कृति के महाकुंभ में हर कला को मिल रहा मंच
Tue, Nov 28, 2023
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एसीपी डॉ सुकन्या शर्मा बोलीं राष्ट्रीय पुस्तक मेला कर रहा जीवन में जीवंतता लाने का काम
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जीआइसी मैदान में चल रहा है अक्षरा साहित्य आकादमी राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं साहित्य उत्सव
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सुबह 10 से रात 10 बजे तक उमड़ रही पुस्तक प्रेमियों की भीड़, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पहुंच रहे
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पुस्तक मेला में सेंट एंड्रूज, प्रिल्यूड और बलूनी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने दीं रंगारंग प्रस्तुति
आगरा। सही मायने में साहित्य उत्सव क्या होता है यदि ये जानना हो तो एक बार जीआइसी मैदान में लगे अक्षरा साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं साहित्य उत्सव में आकर देखें। एक ओर विभिन्न बुक स्टॉल्स पर देश− विदेश के नामचीन लेखकों की विविध विधाओं की पुस्तकें हैं तो दूसरी ओर साहित्यिक मंच पर अलग− अलग सत्रों में एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां संस्कृति को दिशा देने का काम कर रही हैं।
दूसरे चित्र में बच्चों का उत्साह वर्धन करते डॉ गिरधर शर्मा, डॉ विनोद माहेश्वरी, श्रुति सिन्हा, दीपक सरीन, आरके कपूर आदि।
मंगलवार को राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं साहित्य उत्सव में बाल सत्र का आरंभ विभिन्न स्कूलों के बच्चों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों से हुआ। मुख्य अतिथि डॉ गिरधर शर्मा (चेयरमैन सैंट एंड्रूज ग्रुप आफ एजूकेशन इंस्टीट्यूट) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ सुकन्या शर्मा (एसीपी कोतवाली) थीं।
डॉ गिरधर शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक मेला में कला की हर विधा को स्थान मिल रहा है। एसीपी डॉ सुकन्या शर्मा ने पुस्तक मेला को जीवन में जीवंतता लाने वाला बताया।
जीआइसी मैदान में अक्षरा साहित्य अकादमी द्वारा लगाए गए राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं साहित्य उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते सेंट एंड्रूज स्कूल के बच्चे।
मां शारदे की वंदना एवं देशभक्ति गीत पर प्रस्तुति के साथ बलूनी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने बाल सत्र का आरंभ किया। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के बच्चों ने पूजा गुप्ता के निर्देशन में दशावतार की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद सेंट एंड्रूज स्कूल के विभिन्न यूनिट के बच्चों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीएफ सेंट एंड्रूज स्कूल के बच्चों ने प्रदीप कुमार और शिखा खंडेलवाल के निर्देशन में श्रीकृष्ण लीला नृत्य नाटिका का मंचन किया। बच्चों की भाव भंगिमाओं और नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकदीर्घा को रोमांचित कर दिया। पर्यावरण बचाना होगा सामूहिक गान से स्वच्छता का संदेश दिया गया। सेंट सीएफ एंड्रूज स्कूल के बच्चों ने अंजली पांडे के मार्गदर्शन में रामायण नृत्य नाटिका का मंचन किया। नाटिका में सीता का त्याग, लव कुश जन्म और सीता जी के धरती में समाने के वृतांत को बच्चों ने सशक्त अभिनय से प्रस्तुत किया। स्कूल के मंथन पाठक, राज दिवाकर और आर्यन ने एकल नृत्य प्रस्तुत किया। वीर अभिमन्यु, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और क्रिकेट विश्व कप 2023 की थीम पर भी शानदार प्रस्तुतियां हुईं। प्रथम सत्र में धन्यवाद ज्ञापन समिति की कोषाध्यक्ष श्रुति सिन्हा ने दिया। अध्यक्ष डॉ विनोद माहेश्वरी, सचिव दीपक सिंह सरीन, आरके कपूर, श्वेता अग्निहोत्री आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।
जीआइसी मैदान में अक्षरा साहित्य अकादमी द्वारा लगाए गए राष्ट्रीय पुस्तक मेला एवं साहित्य उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते सेंट एंड्रूज स्कूल के बच्चे।
सहज योग से दिया जीवन को सहज बनाने का संदेश
राष्ट्रीय पुस्तक मेला के द्वितीय सत्र में सहज पर कार्यशाला रखी गई। मुख्य अतिथि स्प्रिच्युल फाउंडेशन के डॉ आईएस बंसल ने सहज योग के बारे में जानकारी दी। सहज योग की संस्थापिका निर्मला देवी द्वारा बताए गए तनाव मुक्त जीवन एवं चेतना प्राप्ति के विभिन्न सूत्र उन्होंने बताए। विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्णा टंडन ने की। सहज योग से डॉ जीवन सैनी, विवेक थिरानिया, अंजली चौधरी, भारती सिंघल, गौतम गुप्ता, सचिन मोतला, सक्षम सिंह, तनिष्का, साक्षी सिंह आदि उपस्थित रहे। तीसरे सत्र में डीईआई के संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो लवली शर्मा और उनके छात्रों ने सुगम संगीत की प्रस्तुति दी। अनिल जैन ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक कुरुतियों पर प्रहार किया।
पुस्तक मेला में स्टाल का अवलोकन करतीं एसीपी (कोतवाली) डॉ सुकन्या शर्मा।
ओलम्पियाड बिक रही हाथों हाथ
पुस्तक मेला में साहित्य प्रेमियों का हुजूम तो उमड़ ही रहा है साथ ही मेला में प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्र भी बड़ी संख्या पहुंच रहे हैं। यूपीएसई, आईएएस आदि परीक्षाओं के लिए ओलम्पिडया, इतिहास, सामान्य ज्ञान आदि की पुस्तकें खरीदीं जा रही हैं। एक हजार से अधिक पुस्तक ओलम्पियाड और वैदिक मैथ्स की अब तक बिक चुकी हैं। वहीं धार्मिक पुस्तकों की मांग भी कम नहीं है। हिंदी, इंग्लिश और संस्कृत भाषाओं में एक साथ अनुवादित श्रीमद् भगवत गीता की 200 से अधिक कॉपियां बिक चुकी हैं तो श्रीमद् भगवत गीता यथार्थ रूप आउट आफ स्टॉक हो गई है। सर्वाधिक बिक्री माचिस गीता की हुई है। मांगा कलैक्शन की कॉमिक्स भी युवा काफी संख्या में लेने पहुंच रहे हैं। इन सभी से इतर किलो में बिक रहीं डायरी खरीदने के लिए लोग बड़े बैग लेकर पहुंच रहे हैं।
पुस्तक मेला में स्टाल का अवलोकन करतीं एसीपी (कोतवाली) डॉ सुकन्या शर्मा।
बुधवार को ये रहेगा विशेष
पुस्तक मेला के पंचम दिन पांच विशेष सत्र होंगे। कोषाध्यक्ष श्रुति सिन्हा ने बताया कि मंगलवार को बाल सत्र में आरइआई और एक पहल पाठशाला के बच्चों की प्रस्तुति होगी। द्वितीय सत्र में महिला शांति सेना द्वारा लैंगिक समानता और घरेलू हिंसा पर विमर्श, आथर्स गिल्ड आफ इंडिया द्वारा डिजिटल मीडिया के दौर में पुस्तकों की उपयोगिता पर परिचर्चा और प्रीति आनंद के कहानी संग्रह आशाओं के वातायन का विमोचन होगा। तृतीय सत्र में कवियत्रि सम्मेलन होगा।