: स्वास्तिक ने अग्रसेन शाेभायात्रा में बांटी हस्तकला की पुस्तकें, किया स्वरूपों का सम्मान
Sat, Oct 21, 2023
आगरा। महाराजा अग्रसेन जयंती शाेभायात्रा, दयालबाग का स्वागत स्वातिस्क वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा किया गया। शनिवार को दयालबाग क्षेत्र में निकाली गयी शाेभायात्रा का स्वागत बांके बिहारी धाम, दयालबाग पर स्वास्तिक वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा किया गया। अध्यक्ष विनीता मित्तल− शिशिर मित्तल एवं अंजू गुप्ता− जितेंद्र गुप्ता ने महाराजा अग्रसेन और महारानी माधवी संग नागकन्याओं और राजकुमारों के स्वरूपों की आरती उतारी। ट्रस्ट की ओर से नागकन्याओं और राजकुमारों को हस्तकला की पुस्तकें भेंट की गयीं। मार्ग में रंगोली सजाकर शाेभायात्रा की अगवानी की गयी। इस अवसर सचिव प्रेरणा सिंह, आध्यात्मिक संयोजिक सचिव अंजली अग्रवाल, पल्लवी अग्रवाल, रुचि सिंघल, अंशिका मित्तल, अस्तित्व, संचित सिंघल, संजय कश्यप, शिखा गौतम, श्रुति दास आदि उपस्थित रहे।
: सनातन जागृति सम्मेलन 25 को, देवकी नंदन ठाकुर महाराज करेंगे सनातनियों को जागरुक
Sat, Oct 21, 2023
हनुमान सेना द्वारा 25 अक्टूबर को सेक्टर 11, आवास विकास स्थित बड़े मैदान पर होगा आयोजन
सनातन जागृति सम्मेलन में 5 जिलों के करीब 20 हजार सनातनी होंगे शामिल
महामण्डलेश्वर महन्त श्री कृष्ण दास, स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज, संदीप महाकाल, चैतन्य अरुण पुरी भी करेंगे संबोधित
आगरा। संसार के सबसे प्राचीन सनातन धर्म पर किये गए मुगलों के प्रहारों से अब उबरने का समय आ चुका है। सनातनियों को जागरुक होने की जरूरत है, तभी अपनी सभ्यता और संस्कृति के प्रतीकों का संरक्षण हम कर पाएंगे। इसी उद्देश्य को लेकर 25 अक्टूबर 2023, दिन बुधवार को सनातन जागृति सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि देवकी नंदन ठाकुर महाराज होंगे।
शनिवार को हरीपर्वत स्थित होटल एमिनेंट में सनातन जागृति सम्मेलन के आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया। कार्यक्रम संयोजक अविनाश राणा और अमित चौधरी ने बताया कि सनातन जागृति सम्मेलन का उद्देश्य है सभी सनातनी जागरूक हों और 1670 में मुगल शासक औरंगजेब द्वारा मथुरा से हमारे आराध्य केशव देव जी कान्हा जी के मंदिर को तोड़कर जिन मूर्तियों को आगरा लाकर जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफन कर दिया गया था, उन्हें निकालकर पुनः मंदिर में स्थापित किया जाए। इस आतातायी घटना के बहुत सारे प्रमाण हैं। न्यायालय में भी यह मामला चल रहा है। जब तक सनातनियों को न्याय नहीं मिल जाता, हमारा गौरव पुनः स्थापित नहीं हो जाता हम न्यायालय से लेकर सड़क तक की लड़ाई जारी रखेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश शिवाजी ने बताया कि सम्मेलन के लिए गांव से लेकर देहात तक में 250 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। अनुमान है कि आगरा, मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, टूंडला, हाथरस जिलों से 20 हजार से अधिक सनातनी शामिल होंगे।
लोगों को जागरुक करने के लिए होर्डिंग्स, सोशल मीडिया आदि का प्रयोग किया जा रहा है। प्रयास हैं कि अधिक से अधिक युवाओं को सम्मेलन से जोड़ा जाए। प्रदेश महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह फौजदार ने बताया कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि देवकी नंदन ठाकुर जी महाराज होंगे। वहीं महामण्डलेश्वर महन्त श्रीश्री 108 कृष्ण दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी धाम कानपुर, क्रांतिकारी संत स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज श्री महालक्ष्मी पीठाधीश्वर श्री धाम वृंदावन, सन्दीप महाकाल हेलीकॉप्टर बाबा, गुड़गांव और चैतन्य अरुण पुरी जी महाराज भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुशवाह, महानगर अध्यक्ष लोकपाल चाहर, रिषभ राणा, जिलाध्यक्ष युवा शाखा जयदीप सिंह, महानगर अध्यक्ष युवा शाखा आकाश ग्रोवर, विकास गोला, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे।
: कोपभवन सुनि सकुचेउ राऊ, भय बस अगहुइ परइ न पाऊ
Fri, Oct 20, 2023
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में सीता जी की विदाई के बाद हुई कोपभवन लीला
कन्यादान के गूंजे गीत, कैकई− मंथरा और कैकई− दशरथ संवाद सुन श्रद्धालु हुए भावुक
आगरा। उत्साह, उमंग के साथ सीता जी का कन्यादान हुआ और अपने प्रिय पुत्र श्रीराम की वधू सहित अन्य पुत्रों का माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकई ने अयोध्या नगरी आगमन पर स्वागत हृदय लगाकर किया किंतु आनंद के इन क्षणाें को जब मंथरा के शब्दों ने भेदा तो जैसे हर श्रद्धालु का हृदय द्रवित हो उठा। इसके बाद हाय कैकई ये तू क्या करने जा रही है….जैसे शब्द हर किसी की जिव्हा पर आ गए। कोप भवन लीला में एक पिता और पति राजा दशरथ जब भाव युद्ध में फंसे तो हर आंख भर आई। सभी भक्त बोल उठे, अरे अभी तो विवाह की उमंग बिसराई भी न गई थी, ये क्या घड़ी आई।
गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रहे बाबा मनःकामेश्वरनाथ रामलीला महोत्सव के छठवें दिन राम विवाह, कन्यादान, कैकई मंथरा संवाद, कैकई− राजा दशरथ संवाद लीला का मंचन किया गया। श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने स्वरूपों की आरती उतारी। लीला मंचन में जब भगवान राम को अयोध्या का राज देने की चर्चाएं आईं तो रानी कैकई को उसकी दासी मंथरा ने भड़का दिया। मंथरा के बहकावे में आकर कैकई कोप भवन में चली जाती है। कोप भवन का नाम सुनकर ही राजा दशरथ सहम जाते हैं। कैकई राजा दशरथ से राम को वनवास और भरत को राजगद्दी के वर मांगती है। राजा दशरथ विनती करते हैं कि राम को वनवास देने का वर मत मांगों। किंतु कैकई कहती है कि ठीक है राजन अपने वचन से मुकर जाओ। राजा दशरथ कहते हैं रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाएं पर वचन न जाई…। इसी प्रसंग के साथ जब लीला का समापन होता है तो हर श्रद्धालु का हृदय व्याकुल हो उठता है।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शनिवार को राम वनवास, केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत आगमन लीला होगी।