: आज मनाया जाएगा कृमि मुक्त दिवस, खिलाई जाएगी अल्बेंडाजोल की दवा
Sun, Feb 9, 2025
एक से 19 वर्ष तक के 23.18 लाख बच्चों व किशोरों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़े निकालने की दवा
14 फरवरी को चलेगा मॉप अप राउंड, जिसमें दवा खाने से छूटे हुए बच्चों को किया जाएगा आच्छादित
आगरा I जनपद में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अर्न्तगत एक से 19 वर्ष तक बच्चों व किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए कृमि मुक्त अभियान का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। इस वर्ष भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 फरवरी को जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया जाएगा। इसके तहत जिले के निजी एवं सरकारी विद्यालयों और आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को अल्बेंडाज़ोल की गोली खिलाई जाएगी। जो बच्चे बीमारी या अन्य कारणों से छूट जाएंगे उन्हें 14 फरवरी को मॉप-अप राउंड के दौरान दवा खिलाए जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरूण श्रीवास्तव ने बताया कि एक से 19 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए प्रदेश में वर्ष में दो बार अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 फरवरी ) के अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर कृमि मुक्ति के लिए 23.18 लाख बच्चों व किशोरों को अल्बेंडाज़ोल की गोली खिलाई जाएगी। दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवा खाने के बाद उल्टी दस्त या मिचलाने की समस्या हो तो घबराने की बात नहीं है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि कृमि संक्रमण कुपोषण का एक बहुत बड़ा कारण है। पेट के कीड़े संक्रमित व्यक्ति के शरीर से पोषण लेते है , इसके कारण अच्छा पौष्टिक भोजन देने के बाद भी बच्चा कुपोषित रहता है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधिकारियों से अभियान में सहयोग करने व जनपदवासियों से बच्चों को अभियान के दौरान दवा खिलाने की अपील की है, कृमि मुक्ति अभियान बच्चों को स्वस्थ रखने की दिशा में एक कदम हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी का सहयोग महत्वपूर्ण है।
जिला सामुदायिक प्रक्रिया समन्वयक डॉ. विजय सिंह ने बताया कि इस अभियान को आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्कूलों के सहयोग से चलाया जायेगा। 01 से 05 वर्ष तक के सभी पंजीकृत बच्चों को, 6 से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों, ईट भट्टों पर कार्य करने वाले और घुमन्तू लाभार्थियों को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों के माध्यम से और किशोर जुबेनाइल होम में प्रभारी अधीक्षक के माध्यम से 06 से 19 वर्ष तक के बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
डीसीपीएम ने बताया कि अभियान के बाद 14 फरवरी को जनपद में मॉप अप राउंड चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर कृमि मुक्ति दिवस के दिन जो लाभार्थी अनुपस्थित रहने या किन्हीं अन्य कारणों से दवा खाने से वंचित रह जायेंगे। उनकी सूची तैयार कर मॉप अप राउंड में दवा खिलाई जाएगी।
यह हैं कृमि मुक्ति के फायदे :
रोग प्रतिरोधक शक्ति में वृद्धि
स्वास्थ्य और पोषण में सुधार
एनीमिया नियंत्रण
समुदाय में कृमि व्यापकता में कमी
सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधा
: श्रीमद् भागवत कथा में गूंजी बधाइयां, अजन्मे के जन्म पर भक्तजन झूमे
Sun, Feb 9, 2025
राजेंद्र प्रसाद गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट ने आयोजित की सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा
डिफेंस एस्टेट फेस−1 स्थित श्रीराम पार्क में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की रही धूम, लुटे उपहार
कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज करा रहा भगवत प्राप्ति के लिए कथा का रसपान
स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर द्वारा प्रस्तुत रासलीला का बरस रहा आनंद
आगरा। डिफेंस एस्टेट फेस−1 स्थित श्रीराम पार्क में राजेंद्र प्रसाद गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर आनंद की अमृत वर्षा हुयी। नंद घर आनंद भयौ जय कन्हैया लाल की…भजन की धुन पर भक्त जमकर झूमे। नंदोत्सव मनाते हुए उपहार खूब लुटाए गए। रविवार को कथा के चौथे दिन कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने समुद्र मंथन, वामन और राम अवतार कथा सहित श्रीकृष्ण जन्म की कथा कहते हुए नंदोत्सव का प्रसंग भक्तिमय कंठ से सुनाया।
मुख्य यजमान सुनील गोयल एव श्वेता गोयल ने भागवत जी की आरती उतारी। दीपक गोयल और तनु गोयल ने नंद बाबा और यशाेदा बनकर कान्हा के जन्म पर बधाइयां लुटायीं। कथा पंडाल में उपस्थित भक्तजनों ने बड़े ही धैर्य के साथ नंदबाबा और यशोदा मैया को बधाइयां दीं और उपहार प्राप्त किये।
इस प्रसंग से पूर्व कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान ज्ञान की महिमा के बारे में श्रद्धालु जनों को बताया कि मनुष्य को गृहस्थ जीवन जीने के लिए भगवान शिव के आदर्शों पर चलना चाहिए। भगवान शिव अपने विवाह के श्रृंगार से समाज को बताना चाहते हैं कि मेरे सिर पर नाग विराजमान है, जिसका तात्पर्य है कि संसार के समस्त प्राणियों के सिर पर कालरूपी नाग बैठा है, जो प्रत्येक दिन उसकी आयु को खा रहा है। भगवान शेर की खाल धारण कर यह बताना चाह रहे हैं कि मनुष्य को संयमित जीवन सिंह की तरह जीना चाहिए, क्योंकि शेर अपने जीवन में एक नारीव्रत धारी है। लोगों ने कहा है कि विवाह में दूल्हा घोड़े पर बैठता है परन्तु भगवान शिव नन्दी पर बैठे हैं, जिसका तात्पर्य यह है कि नन्दी धर्म का प्रतीक है और घोड़ा काम का प्रतीक है। भगवान शिव पूरे शरीर पर चिता की राख लपेटे हैं, जिसका तात्पर्य यह है कि दुनिया के सभी प्राणियों को एक दिन चिता में ही जाना है। कथा व्यास ने भगवान श्री राम एवं भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का सुन्दर वर्णन करते हुए कहा है कि जब-जब धरती पर अधर्म का बोलबाला होता है तब-तब भगवान किसी ना किसी रूप में धरती पर अवतरित होकर असुरों का नाश करते हैं, जिससे अधर्म पर धर्म की विजय होती है। भगवान को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को फ्रिज में बने फ्रिजर की तरह होना चाहिए, अर्थात काम, क्रोध, मोह, लालच एवं ईर्ष्या को त्याग कर भक्ति मय मन को प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि "निर्मल मन जन सो मोहि पावा, मोहि कपन छल. छिद्र ना भावा।"
त्रेतायुग में जब असुरों की शक्ति बढ़ने लगी, धर्म प्रायः लुप्त हो रहा था, तब मां कौशल्या की कोख से भगवान श्री राम ने जन्म लिया। द्वापर में मां देवकी की कोख से भगवान श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया। उन्होंने कहा कि भगवान कण-कण में विराजमान हैं, सर्वत्र विद्यमान हैं। प्रेम से पुकारने पर कहीं भी प्रकट हो सकते हैं। भगवान तो निर्मल मन एवं भक्ति देखते हैं, इसीलिए कहा गया है कि हरि व्यापक सर्वत्र समाना, प्रेम से प्रकट होंही मैं जाना"। कथा प्रसंग के पश्चात सुस्वादु प्रसादी का वितरण हुआ। इसके बाद भक्तों ने प्रदीप कृष्ण ठाकुर, वृंदावन धाम के मार्गदर्शन में ब्रज की विशेष रासलीला के मंचन का आनंद लिया।
पंकज बंसल ने बताया कि सोमवार को पांचवे दिन श्रीकृष्ण अवतार बाल लीला एवं गोवर्धन पूजा प्रसंग होंगे। कथा में रवि गोयल, आरती गोयल, मनमोहन गोयल, पवन गोयन, भगवान दास बंसल, विष्णु दयाल बंसल, कल्याण प्रसाद मंगल, राजेश मित्तल आदि उपस्थित रहे।
: बुद्धि की प्राप्ति तभी होगी जब मां सरस्वती के साथ चित्रगुप्त जी की पूजा होगी: स्वामी सच्चिदानंद
Sun, Feb 9, 2025
अखिल भारतीय चित्रांश वंशज महासभा ने आयोजित किया आगरा में प्रथम बार राष्ट्रीय अधिवेशन
एकजुट होकर समाज के उत्थान को भरी हुंकार विश्व की प्रथम चित्रगुप्त पीठ एवं अखाड़े की हुई घोषणा
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल ने कहा, कलम और शिक्षा के बल पर आगे बड़े चित्रगुप्त समाज
आगरा। सनातन धर्म का आधार कर्म है और कर्म फल के जो दाता हैं वह श्री चित्रगुप्त भगवान ही हैं। चित्रगुप्त भगवान जिनकी आराधना के बिना मां सरस्वती भी ज्ञान का पूर्ण वरदान नहीं देती। उनका ध्यान और पूजन सिर्फ कायस्थ समाज ही नहीं अपितु समस्त समाज के लोग आज कर रहे हैं। अखिल भारतीय श्री चित्रांश वंशज महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने आराध्य श्री चित्रगुप्त जी की इस महिमा का बखान किया पीठाधीश्वर श्री चित्रगुप्त पीठ, वृंदावन स्वामी सच्चिदानंद जी ने।
रविवार को संजय प्लेस स्थित अवध बैंकट हॉल में अखिल भारतीय चित्रांश वंशज महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन आगरा में पहली बार आयोजित किया गया। अधिवेशन में समाज के लोगों ने विभिन्न राज्यों से आकर सहभागिता की। अधिवेशन समारोह के मुख्य अतिथि मत्स्य पशुपालन डेयरी एवं पंचायत राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल, एमएलसी विजय शिवहरे, पीठाधीश्वर कायस्थ समाज वृंदावन स्वामी सच्चिदानंद जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र माथुर, प्रदेश महासचिव अरुण भटनागर, शैलेन्द्र माथुर,जिला अध्यक्ष संजय सक्सेना, उपाध्यक्ष शैलेंद्र माथुर, जिला अध्यक्ष विधि समीर भटनागर, डॉ राहुल राज ने भगवान चित्रगुप्त जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
पीठाधीश्वर श्री चित्रगुप्त पीठ, वृंदावन स्वामी सच्चिदानंद जी ने अधिवेशन में घोषणा की कि विश्व की प्रथम श्री चित्रगुप्त पीठ वृंदावन में स्थापित हो चुकी है। इतना ही नहीं 18 और 19 फरवरी को महाकुंभ, प्रयागराज में संयुक्त स्नान के साथ पांच महामंडलेश्वर का पट्टाभिषेक होगा और श्री चित्रगुप्त अखाड़े की घोषणा होगी।
उन्होंने कहा कि यह गौरव की बात है कि कायस्थ समाज से ही स्वामी विवेकानंद, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, सुभाष चंद्र बोस चित्रगुप्त जी के वंशज ही थे। हमें उन्हीं के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए अपनी भूमिका तय करनी है।
समाज की स्मारिका का विमोचन करते केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल, एमएलसी विजय शिवहरे, डॉ राहुल राज, राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र माथुर, प्रदेश महासचिव अरुण भटनागर, संजय सक्सेना मोहित सक्सेना आदि।
अधिवेशन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल ने समाज की शिक्षा के प्रति समर्पित भाव की भूरी भूरी प्रशंसा की। कहा कि शिक्षा के प्रति चित्रगुप्त जी के समाज जितना गंभीर है उतना ही गंभीर उसे राजनीतिक क्षेत्र में भी होने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत सरकार के द्वितीय श्रेणी के सभी पदों पर अधिकांश कायस्थ समाज के प्रतिनिधि ही काबिज हैं। उन्हें किसी प्रकार की सिफारिश नहीं होती। वे अपनी काबिलियत के बल पर ही आगे बढ़ते हैं।
एमएलसी विजय शिवहरे ने कहा कि कायस्थ समाज अन्य समाज के लोगों के लिए प्रेरणा का काम करता है। समाज यह अच्छी तरह से जानता है कि बिना शिक्षा के विकास संभव नहीं है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र माथुर ने कहा कि समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य है। महिलाओं को स्वावलंबन के प्रति जागरूक भी संस्था करती है। सेवा कार्य संस्था द्वारा किए जाते हैं।
समारोह में देश के विकास और सेवा को समर्पित समाज के 50 चिकित्सक, न्यायाधीश, शिक्षाविद आदि का सम्मान किया गया। मेधावी छात्र छात्राओं को स्मृति चिन्ह देकर प्रोत्साहित किया गया। अतिथियों ने संस्था की स्मारिका का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालन कवि मोहित सक्सेना और डॉ निशा माथुर एवं दयाकांत सक्सेना जी ने किया।
ओज रस के कवि मोहित सक्सेना ने काव्य पाठ से कायस्थ समाज के शौर्य का बखान। उन्होंने जब हम सभी चित्रांश हैं, हर क्षेत्र में सिरमौर हैं… तो सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा।अनुष्का श्रीवास्तव, अनन्या श्रीवास्तव,आरोही, प्रियांशी, हर्षिता, वाणी आदि ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया
इस अवसर पर श्रुति सिंह, नितिन जौहरी, आरपी सक्सेना, महिला अध्यक्ष रीनू श्रीवास्तव, टीना माथुर,जितेन्द्र भटनागर, अक्षय श्रीवास्तव, हर्षित सक्सेना, विनोद कुमार सक्सेना, अजीत सक्सेना, प्रदीप कुलश्रेष्ठ, डॉ. अनूप अस्थाना, अशोक कुलश्रेष्ठ, योगेश श्रीवास्तव, अशोक प्रकाश कुलश्रेष्ठ, शिप्रा कुलश्रेष्ठ, बृज मोहन कुलश्रेष्ठ, संजय दत्त माथुर, आशीष श्रीवास्तव, राजीव कुमार रंजन, शैलेन्द्र माथुर, अजीत सक्सेना, डॉ अरुण सक्सेना, डॉ रवि माथुर, आशीष श्रीवास्तव, सुजीत कुमार, इंजीनियर कौशल किशोर श्रीवास्तव, सतेंद्र सक्सेना, महेन्द्र कांत सक्सेना, धर्मेश सक्सेना, वेदाशीष श्रीवास्तव, शौर्ये सक्सेना, डॉ अम्बेश श्रीवास्तव, डॉ श्रुति सिन्हा, डॉ सौरभ सक्सेना आदि उपस्थित रहे।