: इंस्टाग्राम-टेलीग्राम से की 10 करोड़ की ठगी, एजेंट के साथ कर रखी थी पार्टनरशिप
Tue, Oct 24, 2023
Agra. साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने में जुटी आगरा पुलिस और साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना पुलिस और साइबर पुलिस ने तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अभी तक यह अपराधी 10 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। इस पूरी घटना का खुलासा डीसीपी सिटी सूरज राय ने प्रेसवार्ता के दौरान किया। पुलिस ने कानूनी कार्यवाही कर तीनों को जेल भेज दिया है
इंस्टाग्राम - टेलीग्राम से फैलाया जाल
डीसीपी सिटी ने बताया कि साइबर अपराधियों ने इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर लोगों को फंसाने के जाल बिछाकर रखा था। उन्होंने इसके लिए फर्जी इंस्टाग्राम और टेलीग्राम एकाउंट बनाया, साथ ही फर्जी जीमेल भी चला रहे थे। इन फर्जी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर क्रिप्टोकरेंसी में 40 से 80 प्रतिशत तक का लाभ देने की बात कह कर उनको अपने जाल में फसा लेते थे। जो लोग लालच में आ जाते थे उनसे पैसा ट्रांसफर कराकर उस अकॉउंट को बंद कर देते थे। फिर उसे अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर ठगी वारदात को अंजाम देते थे।
एजेंटों और गैंग सरगना के बीच थी पार्टनरशिप
डीसीपी सीटी ने बताया कि इस पूरे गैंग को अमन नाम का युवक चला रहा था। उसने यह तकनीक उत्कर्ष नाम के युवक से टेलीग्राम के माध्यम से सीखी थी। उसके साथ लगभग 40 लोगों ने यह सीखा था। अमन के साथ जो दो एजेंट है सम्राट और यशवीर, यह दोनों मास्टर माइंड अमन के कॉलेज फ्रैंड हैं। सम्राट और यशवीर सोशल मीडिया से ठगी के लिए लोगों को चिन्हित किया करते थे। अमन ने दोनों के साथ इस जालसाजी का कार्य शुरू किया और दोनों को 50% की पार्टनरशिप की। जो भी क्लाइंट इनके माध्यम से फंसता था उसके लिए वो उन्हें 50 प्रतिशत तक रकम देता था।
Dreamers Cart नाम की कम्पनी का करते थे इस्तेमाल
सामने वाले व्यक्ति को उनकी बात पर भरोसा हो इसके लिए उन्होंने Dreamers Cart नाम की कम्पनी का नाम इस्तेमाल करते थे। इस नाम के सहारे उन्होंने देश विदेश के लोगों को अपनी जाल में फंसाया और ठगी की। अब तक लगभग 10 करोड़ की ठगी सामने आ चुकी है जांच पड़ताल अभी जारी है।
शातिरों ने फर्जी और जालसाजी को अंजाम देने के लिए फर्जी सोशल अकाउंट बना रखे थे। पुलिस और साइबर टीम जब जांच पड़ताल की तो लगभग 9 जीमेल, 55 फेक इंस्टाग्राम अकाउण्ट, 1 फर्जी टेलीग्राम अकाउंट के बारे में पता चला। पुलिस ने संबंध ने मेटा और गूगल से भी संपर्क साधा है। सभी में इन शातिर अपराधियों की ही आईडी लगी हुई थी। फिलहाल सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजा जा रहा है।
: आग बुझने के बाद सामान ढूंढने लगी बुजुर्ग महिला, दृश्य देखकर विचिलित हुए लोग
Tue, Oct 24, 2023
Agra. मंगलवार एक गरीब परिवार के लिए अमंगल में तब्दील हो गया। सुबह उठते ही आग की लपटों से घिरी झोपड़ी देखकर जान बचाने के लिए बुजुर्ग बाहर भागे। देखते ही देखते जीवन भर की कमाई पूंजी और सारा सामना जलकर राख हो गया। मौके पर पहुँची दमकल ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद जो तस्वीर सामने आई उसे देखकर हर कोई विचलित हो गया। बुजुर्ग महिला झोपड़ी में लगी आग बुझने के बाद अपना सामान ढूंढती हुई नजर आई। इस दृश्य को देखकर हर कोई संवेदनाएं व्यक्त करने लगा।
कबाड़ गोदाम में लगी थी आग
घटना हरिपर्वत थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर की है। सेक्टर-चार में इंद्र कुमार जैन का कबाड़ का गोदाम है। सुबह करीब नौ बजे गोदाम में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँच गयी। दमकल की चार गाड़ियों की मदद करीब दो घंटे में आग पर काबू पाया। मगर जब तक गोदाम में रखा सारा कबाड़ जलकर राख हो गया।
धमाकों से दहल गया क्षेत्र
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद गोदाम में रखे कबाड़ के सामान में तेज धमाके होने लगे थे। अगर धमाकों से जलता हुआ कबाड़ आसपास कहीं गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। जिस गोदाम में आग लगी उसके आसपास कई दुकान और गोदाम संचालित थे। इसी आग में बुजुर्ग महिला की झोपड़ी भी चपेट में आ गयी। फिलहाल पुलिस यह जाने का भी प्रयास कर रही है कि गोदाम स्वामी का गोदाम कानूनी रूप से सही था या नहीं।
गोदाम के बाहर बाबूलाल की झोपड़ी बनी हुई थी। वह वहां रहकर चौकीदारी करते हैं। आग लगने से उसकी झोपड़ी पूरी तरह जल गई। झोपड़ी में रखा सारा सामान और जीवन भर की पूंजी जलकर राख हो गयी। हादसे के बाद बाबूलाल की पत्नी प्रेमवती दहाडें मारकर रोने लगे। आग कम होते ही उन्होंने राख में अपना सामान ढूंढना शुरू कर दिया। दमकल कर्मचारियों ने यह दृश्य देखा तो वह भी विचलित हो उठे। उन्होंने बुजुर्ग महिला की सामान ढूंढने में मदद की लेकिन कुछ भी नहीं मिला। आग में पूरा सामान जलकर राख हो गया।
: यह समाज नहीं जलाता रावण का पुतला, बल्कि करता है दशानन की पूजा
Tue, Oct 24, 2023
आगरा। रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता है। इसलिए उसके पुतले का दहन किया जाता है लेकिन आगरा में एक ऐसी भी समाज है जो रावण को पूजता है। इस समाज के लोगों ने समाज से अपील की है कि वह दशानन के आदर्शों को आत्मसात कर अपने मन के अंदर छिपे अंधकार और लोभ, लालच रूपी रावण को मारें। प्रकांड पंडित और परम शिव भक्त का दहन ना करें। इसके लिए उन्होंने मंचन भी किया और शिव स्तुति भी की।
लंकापति दशानन महाराज पूजा समिति और सारस्वत समाज द्वारा विजयदशमी पर्व के अवसर पर शिव तांडव स्त्रोत का पाठ किया गया। समिति के पदाधिकारी ने बताया कि भगवान विष्णु की हर लीला पूर्व विदित होती थी। लोगों में संदेश देने के लिए राम लीला का इस धरा पर मंचन हुआ। जब भगवान राम ने सारस्वत ब्राह्मण रावण को महाज्ञानी बताते हुए लक्ष्मण को उन्हें गुरु बना कर ज्ञान लेने के लिए भेजा और महप्रतापी रावण ने माता सीता को इतने दिन लंका में रखने के बाद भी कभी उनके चरणों से ऊपर नजर नहीं उठाई। उन्होंने सीता माता का हरण अपनी बहन के अपमान का बदला लेने के लिए भाई का धर्म निभाने के लिए किया था।
उन्होंने बताया कि रावण ऐसे महान ज्ञानी थे जिन्होंने खुद का नाम तो अमर किया ही साथ ही अपने एक लाख पुत्रों और सवा लाख नातियों को साक्षात विष्णु भगवान विष्णु, शेषनाग और रुद्रावतार बजरंगबली समेत तमाम देवों और राम की सेना बनी संत आत्माओं के हाथों बैकुंठ सागर पार करवा दिया। ऐसे महाप्रतापी की पूजा होनी चाहिए और उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और एक महान ब्राह्मण का अपमान करने से बचने के लिए रावण दहन का बहिष्कार करना चाहिए।