: पत्नी करे हठ तो भगवान शिव की तरह समझाएंः अतुल कृष्ण
Mon, Nov 4, 2024
अग्रसेन भवन, लोहामंडी में चल रही श्रीराम कथा में हुआ शिव−पार्वती विवाह प्रसंग
श्रीप्रेमनिधि जी मंदिर न्यास ने आयोजित की है सात दिवसीय श्रीराम कथा
मंगलवार को होगा भव्यता के साथ श्रीराम जन्म, उपहारों से भरेगी भक्तों की झोली
प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से हो रही कथा, आरती के बाद भक्त ले रहे महाप्रसादी का आनंद
आगरा। जीवन को आनंदमय, सुखमय और भक्तिमय बनाने की सीख श्रीराम कथा के माध्यम से दे रहे हैं अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज महाराज। श्रीप्रेमनिधि जी मंदिर न्यास द्वारा लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन भगवान शिव एवं पार्वती जी के विवाह का प्रसंग हुआ। सर्वप्रथम मुख्य यजमान सुमन एवं बृजेश सूतैल सहित दैनिक यजमान सविता एवं पीयूष अग्रवाल ने व्यास पूजन किया।
लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में श्रीप्रेमनिधि मंदिर न्यास द्वारा आयोजित श्रीराम कथा का वाचन करते कथा व्यास अतुल कृष्ण महाराज।
दूसरे दिन के कथा प्रसंग में कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने स्वर्ग एवं नरक की सुंदर व्याख्या करते हुये कहा कि मनुष्य जब अपनी अज्ञानतावश भौतिक सुख देख दुराचार, पापाचार, व्यभिचार, भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाता है, तो उसे नरकीय जीवन यापन करना पड़ता है। वह परमात्मा तक नहीं पहुंच पाता एवं बार बार जीवन मरण लीला में भटकता रहता है। उल्होंने बताया कि कलियुग में श्रीमद् भगवत् एवं श्रीरामचरित मानस रूपी गंगा ही प्राणी को इस भवसागर से पार कराकर आत्मा का परमात्मा से मिलन करा सकती है, यानि स्वर्ग की प्राप्ति संभव है। इस कलियुग में केवल राम-नाम एवं सत्संग ही मोक्षाधार हैं।
उन्होंने गृहस्थ जीवन कैसे होना चाहिए, पति पत्नी के मध्य सम्बंध कैसे होने चाहिए, इस पर कहा कि यह सब भगवान शिव से सीखने को मिलता है। कौन सी बात पत्नी को बतानी चाहिये, कौन सी बात नहीं बतानी चाहिये यह भी भगवान शिव बताते हैं। पिता, मित्र, स्वामी व गुरु के घर बिना बुलाये जाना चाहिये, परन्तु जब कोई समारोह हो तो बिना बुलाए नहीं जाना चाहिये। ऐसी स्थिति में अपमानित होने के अलावा कुछ भी नहीं मिलता। पत्नी यदि किसी विषय पर हठ करे तो उसे कैसे समझाना चाहिये- यह भगवान शिव से सीखना चाहिये। यदि पत्नी न माने तो भगवान भरोसे छोड देना चाहिये। गृहस्थ जीवन में तनाव खड़ा करने से कुछ लाभ नहीं होता है। समस्या का समाधान खोजना चाहिये। आज परिवार में माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र−पुत्री भाई−बहन ही बातें नहीं मानते तो समाज का भरोसा कैसे किया जाए। समस्या चाहे कितनी बढ़ी ही क्यों न हो मन और बुद्धि को शांत रखते हुये उस पर विचार करने से उसका निवारण हो जाता है।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य आज औसत 70 वर्ष की आयु जी रहा है। यदि इससे अधिक आयु है तो समझिये बोनस प्राप्त है। मनुष्य के जीवन में चार पड़ाव आते हैं उसका पूर्ण सदुपयोग करना चाहिये। अंतिम समय में जो सन्यास आश्रम की बात पुराणों में कही गयी है, उसका भी उसे पालन करना चाहिये लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह घर-परिवार को छोडकर चला जाए। बल्कि घर को ही बैकुण्ठ बनाए। हनुमान जी की तरह भगवान के नाम का सुमिरन और कीर्तन करते रहे। उन्होंने कहा कि शरीर का सम्बंध स्थाई नहीं होता। स्थाई सम्बंध तो आत्मा का परमात्मा से होता है, इसलिये मनुष्य को अपनी सोच का दायरा बढाना चाहिये, उसे संकुचित नहीं करना चाहिये। मनुष्य को "सियाराम में सब जग जानी" के सिद्धांत पर जीना चाहिये। सभी में परमात्मा का दर्शन करना चाहिये।
श्रीप्रेमनिधि जी मंदिर सेवायत सुनीत गोस्वामी एवं प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि मंगलवार को कथा के तीसरे दिन श्रीराम जन्म होगा। कथा के समापन पर प्रतिदिन भक्तों के लिए प्रसादी की व्यवस्था रखी गयी है। कथा प्रसंग सुनने के लिए चौधरी उदयभान, दिनेश जी, विभाग प्रचारक आनंद जी, राकेश मंगल, हरि शंकर, शिवम् शिवा, आदर्श नंदन गुप्त, विशाल पचौरी, अखिलेश अग्रवाल, मनोहर सिंह धाकड़, एसके समाधिया, प्रकाश धाकड़, पीयूष गोयल, राजेश धाकड़, राधा रानी, साधना अग्रवाल, आशीष सिंघल, आशीष पचौरी आदि उपस्थित रहे।
: श्रीकृष्ण लीला शताब्दी वर्ष महोत्सव 5 से, मुकुट पूजन एवं गणेश जी की सवारी से होगा शुभारंभ
Mon, Nov 4, 2024
100 वर्ष पूर्ण कर रही है इस वर्ष श्रीकृष्ण लीला, लीला मंचन में होंगी इस बार नवीन लीलाएं भी
भगवान संग भक्तों की लीला का भी होगा मंचन, श्रीकृष्ण गौशाला बल्केश्वर बनेगा मथुरा − गोकुल
लीला स्थल पर हुआ आमंत्रण पत्र एवं पत्रिका का विमोचन, 18 नवंबर को होगा भव्य समापन
आगरा। बृज की धरा एक बार पुनः पावन होगी, जब आगरा की हवाओं में गूंजेंगे श्रीकृष्ण कालीन प्रसंग और लीलाओं का होगा मंचन। 5 नवंबर से 100 वर्ष से चली आ रही परंपरा श्रीकृष्ण लीला का एक बार फिर शुभारंभ भव्यता के साथ होगा। सोमवार को बल्केश्वर स्थित श्रीकृष्ण गौशाला प्रांगण में बने लीला मंच पर श्रीकृष्ण लीला समिति द्वारा श्रीकृष्ण लीला शताब्दी वर्ष महोत्सव 2024 के आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया।
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष 5 नवंबर से 18 नवंबर तक श्रीकृष्ण लीला शताब्दी वर्ष महोत्सव का आयोजन रहेगा। प्रथम दिन मुकुट पूजन के बाद गणेश जी की सवारी वाटरवर्क्स से बेलनगंज, दरेसी, कचहरी घाट, रावत पाड़ा, जौहरी बाजार आदि क्षेत्र से निकाली जाएगी। मुख्य अतिथि विधायक पुरुषाेत्तम खंडेलवाल मुकुट पूजन करेंगे।
महामंत्री विजय रोहतगी ने बताया कि इस बार महोत्सव 14 दिवसीय रहेगा। 6 नवंबर को कंस की दुहाइ के बाद 7 नवंबर से लीला मंचन आरंभ होगा। भक्त और भगवान की लीलाओं का मंचन भी पहली बार मंच पर किया जाएगा, जिसमें काले खां, मदन मोहन लील, नरसी भात आदि लीलाएं होंगी। उन्होंने बताया कि 17 नवंबर को टी सीरीज फेम गायक भजन संध्या की प्रस्तुति देंगे। 18 नवंबर को हवन पूजन के बाद स्वरूपों को विदा किया जाएगा।
आमंत्रण पत्र विमोचन के साथ वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्त द्वारा संपादित पत्रिका लीलांजली का विमोचन भी किया गया। पत्रिका में दैनिक आयोजन की सारणी दी गयी है। इस अवसर पर गिर्राज बंसल, संजय गर्ग, लीला संयोजक शेखर गोयल, बृजेश अग्रवाल, केसी अग्रवाल, आदर्श नंदन गुप्त, तनुराग गोयल, नरेंद्र अग्रवाल, अशाेक गोयल, अनूप गोयल, प्रभात रोहतगी, विष्णु अग्रवाल राधे राधे, कैलाश खन्ना, विनीत सिंघल, आशीष रोहतगी, राजेंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र चौधरी, मीडिया प्रभारी तनु गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण लीला में ये होगा पहली बार
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि श्रीकृष्ण लीला का क्योंकि ये शताब्दी वर्ष महोत्सव है इसलिए आयोजन को भव्यता प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। काले खां, मदन मोहन लीला, नरसी का भात, बांके बिहारी प्रागट्य लीला एवं फूलों की होली, तुलासी चरित्र एवं डांडिया, भजन संध्या के आयोजन प्रथम बार होंगे।
इस तरह होगा लीलाओं का मंचन
05 नवंबर − श्रीमुकुट पूजन एवं गणेश जी सवारी।
06 नवंबर − कंस की दुहाई
07 नवंबर − देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्मलीला
08 नवंबर − नंदोत्सव, मयूर नृत्य एवं पूतना उद्धार लीला
09 नवंबर − श्रीकृष्ण बलराम गौचरण यात्रा एवं काले खां, मदन मोहन लीला
10 नवंबर − नरसी का भात
11 नवंबर − गिर्राज पूजन, अन्नकूट एवं गोवर्धन लीला
12 नवंबर − बांके बिहारी प्रागट्य लीला एवं फूलों की होली
13 नवंबर − तुलसी चरित्र
14 नवंबर − अक्रूर गमन, कंस वध एवं आतिशबाजी।
15 नवंबर − श्रीकृष्ण बलराम की दिव्य शाेभायात्रा।
16 नवंबर − द्वारिकापुरी रुक्मणि मंगल विवाह लीला
17 नवंबर − भजन संध्या
18 नवंबर − हवन लीला एवं स्वरूपों की विदाई
: श्रीश्याम आस्था परिवार ने रचाई श्याम नाम की मेहंदी, आज सजेगा भव्य कीर्तन दरबार
Sun, Nov 3, 2024
श्री श्याम आस्था परिवार आगरा (खाटूधाम) आयोजित कर रहा श्रीश्याम तीज महोत्सव
श्रीश्याम अखाड़ा नाम से सोमवार को सजेगा कीर्तन दरबार, आएंगे विभिन्न शहरों से भजन गायक
लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन बनेगा खाटू नगरी, हजारों भक्त उमड़ेंगे श्याम रसोई में
आगरा। मन में आस्था की हिलोरें और हाथाें में सजी श्याम नाम की मेहंदी, मुख पर स्वतः ही तेज ला रही थी। सोमवार को श्रीश्याम आस्था परिवार आगरा(खाटूधाम) द्वारा आयोजित होने जा रहे श्रीश्याम तीज महोत्सव से पूर्व रविवार को श्याम नाम की मेहंदी, कीर्तन दरकार एवं श्याम कथा संग प्रसादी का आयोजन किया गया। प्रताप नगर स्थित पुष्पांजलि अपार्टमेंट में श्याम बाबा का भव्य दरबार सजा और संस्था के सभी सदस्यों ने श्याम नाम की मेहंदी लगवाकर शगुन किया। इस अवसर पर श्याम कीर्तन की स्वर लहरी भी गूंजी और भक्तों ने श्याम कथा का रसपान करते हुए प्रसादी ग्रहण की।
अध्यक्ष राहुल बंसल और उपाध्यक्ष अजय बंसल ने बताया कि सोमवार 4 नवंबर को 12 घंटे का अखंड कीर्तन दरबार लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में सजाया जाएगा। संरक्षक वीरेन्द्र मेड़तवाल ने बताया कि संस्था द्वारा ये 12 वां वार्षिकोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न शहरों के प्रसिद्ध भजन गायक प्रस्तुति देंगे और प्रभु इच्छा तक प्रसादी का आनंद भक्त उठाएंगे। बाबा के दिव्य दरबार में पुष्प एवं इत्र की वर्षा होगी।
कोषाध्यक्ष संजय मित्तल, महामंत्री शुभम और उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि श्याम कीर्तन अखाड़े में शीतल पांडे(दिल्ली), मनोज शर्मा (ग्वालियर), इशिता शर्मा (पलवल), अंजली द्विवेदी (बरेली), मारुति नंदन (बरेली), अंकित गोयल (दिल्ली) और शिवम वर्मा (कानपुर) भजन प्रस्तुति देंगे।
मीडिया प्रभारी सुमित मित्तल और विपिन मित्तल ने कहा कि श्याम रसोइ में हजारों भक्तों के लिए प्रसादी की व्यवस्था रहेगी।
आयोजन की व्यवस्था अमित अग्रवाल, दिव्य मेडतवाल, यश जैसवाल, आयुश जैन राजीव तिवारी, रोहित अग्रवाल, श्याम अग्रवाल आदि संभाल रहे हैं।