: रामलीला में हुआ आकाशवाणी लीला का मनमोहक मंचन
Sun, Sep 22, 2024
आगरा। रामलीला मैदान में बड़ा ही मनोरम् दृश्य है, भव्य राम मंच सजा हुआ है और चारों ओर धार्मिक उल्लास छाया हुआ है। आज लीला में रावण के अत्याचारों से दुःखी होकर पृथ्वी माता गौ रूप धारण कर देवराज इंद्र के पास पहुंचती है और रावण के अत्याचारों की व्यथा सुनाती है। देवराज इंद्र गौ माता पर हुए रावण के अत्याचारों से दुःखी होकर समस्त ऋषियों मुनियों और देवताओं को साथ लेकर ब्रह्मा जी के पास जाते हैं। ब्रह्मा जी ने स्वयं को असहाय बताते हुए कहा कि मैं भी केवल वरदान दे सकता हूं उसके अत्याचारों से मैं भी आपको नहीं बचा सकता। आप कृपया कर भगवान शिव के पास अपनी पीड़ा लेकर चलें। भगवान शिव, ब्रह्माजी के साथ सभी देवताओं, ऋषि मुनियों को साथ लेकर भगवान विष्णु के पास झीर सागर में भगवान नारायण से प्रार्थना करने पहुंचते हैं। सभी देवताओं और पृथ्वी को भयभीत जानकर और उनके स्नेह युक्त वचन सुनकर भगवान विष्णु प्रसन्न होकर उनको आकाशवाणी के द्वारा अभयदान देते है और राजा दशरथ के यहां जन्म लेने की प्रतिज्ञा करते हैं। इस मनमोहन लीला का मंचन नीरज चतुर्वेदी के निर्देशन में किया जा रहा है
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल, भगवान दास बंसल, विष्णु दयाल बंसल, ताराचंद, अजय, छोटू भाई, प्रवीण गर्ग आनंद मंगल, मोहित, मनोज, रजत बंसल, शालू अग्रवाल, राहुल गौतम, योगेंद्र, राम मोहन आदि उपस्थित रहे।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के बाल रूप में राम जन्मोत्सव पर छाएगा धार्मिक उल्लास
कमेटी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल द्वारा बताया कि 23 सितंबर को रामलीला मैदान अयोध्या नगरी के रूप में सजायमान होगी तथा अयोध्या में चारों भाई राम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्न के जन्म की मनमोहक लीला की प्रस्तुति होगी। राजा दशरथ बने संतोष शर्मा व रानी कौशल्या ललिता शर्मा अपने समस्त पारिवारिक जन, इष्ट मित्रों के साथ अयोध्या नगरी में उपस्थित रहेंगे तथा साथ ही समस्त आगरा क्षेत्र की जनता और श्रद्धालुओं से राम जन्मोत्सव में आने की अपील की है ताकि भगवान के बाल रूप के दर्शन कर अपने को सौभाग्यशाली समझ सके।
: हर समस्या का समाधान है श्रीरामचरित मानसः डॉ. पारीक
Sun, Sep 22, 2024
राजा दशरथ निवास पर हुआ वृद्धजन सम्मान समारोह
भजन संध्या में गूंजी श्रीहरि की भक्ति की स्वरलहरियां
कल होगा रामलला का जन्म
आगरा। हर समस्या का समाधान श्रीरामचरित मानस है। समाज में जो अशांति और कलह बढ़ रही है उसका कारण संस्कारहीनता है। भौतिकवादी परम्पराओं की चकाचैंध में युवा पीढ़ी आकर्षित हो रही है और भागदौड़ व व्यस्त जीवनशैली के दौर में उन्हें परिवार से अच्छे संस्कार नहीं मिल पा रहे। बच्चे दिग्भ्रमित हो रहे हैं। पद्मश्री डॉ. आरएस पारीक ने यह वक्तव्य राजा दशरथ स्वरूप संतोष शर्मा निवास पर वृद्धजन सम्मान समारोह में दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ संतोष शर्मा व उनकी धर्मपत्नी ललिता शर्मा ने सियाराम के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संतोष शर्मा ने अपने परिवार संग सभी वृद्धजनों को स्वागत माला पहनाकर व श्रीकृष्ण की मूर्ति संग श्रीरामचरित मानस भेंट कर किया। संतोष शर्मा ने कहा कि दशरथ बनने का सौभाग्य मिला है उसके साथ समाज में कुछ सकारात्मक करने का प्रयास है, जिससे आज की युवा पीढ़ी संस्कारित हो। अपने बड़ों से सीख सके कि जीवन को सही तरह से जीने की शैली। डॉ. पारीक ने कहा कि श्रीरामचरित हर घर में सामूहिक रूप से श्रीरामचरित मानस का पाठ पढ़ना चाहिए। अधिक नहीं तो प्रतिदिन 5 चैपाईयां अवश्य पढ़ें। सम्मानित होने वाले वृद्धजनों में डॉ. आरएस पारीक-गीता पारीक, रामलीला कमेटी के विष्णु दयाल बंसल, मोहनलाल, माया कलसी, एसके एडवोकेट, डॉ. सुरेश चंद चतुर्वेदी-आशा चतुर्वेदी, पुष्पा श्रीवास्तव, भगवान दास बंसल, यूसी सेठ, मीता टंडन थे।
भजन संध्या में बिखरे श्रीहरि की भक्ति के रंग
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, राम आएंगे…, हनुमत डटे रहना आंगन में, जब तक कथा राम की होए… जैसे भजनों से आज दशरथ महल गूंज रहा था। ढोलक की थाप और मंजीरों की झंकार पर कभी राधा रानी को कभी श्रीहरि की महिमा के स्वर बिखरे तो अयोध्या की सखियों के नृत्य ने अपने भक्तिभाव से माहौल को और भी आनन्दित कर दिया। रानी कौशल्या स्वरूप ललिता शर्मा खुशी से गदगद थीं। मानों उनका घर सच में अयोध्या धाम बन गया। विध्नविनाशक श्रीगमेश की वंदना से प्रारम्भ हुई भजन संध्या में महिलाओं ने उत्साह व उमंग के साथ भाग लिया और रानी कौशल्या संग खूब नृत्य भी किया। वत्सला प्रभाकर, शीला बहल, श्रुति सिन्हा, रजनी शर्मा, युक्ति शर्मा, ममता शर्मा, अनुराधा, स्नेहा गुप्ता, पूजा भार्गव, गरिमा जैन, सीमा सिंघल, मेधा अग्रवाल, अंजू अरोरा, मोनिका अग्रवाल, कनिष्का शर्मा शशि गुप्ता, अदिति कात्यान, विनीता जादौन, अनीता राघव आदि उपस्थित थीं।
: राम जन्म पर एक हजार दीपों से जगमगाएगा दशरथ महल
Sun, Sep 22, 2024
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राजा दशरथ के निवास पर पर हर रोज उत्सव का माहौल, राम जन्म पर मनेगी दीपावली
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22 सितम्बर को भजन संध्या के साथ हर रोज गूंजेंगे मंगल गीत
आगरा। राजा दशरथ के घर श्रीराम के जन्म व सियाराम के विवाह की खुशियां बिखर रहीं हैं। रामलला के जन्म के एक दिन पूर्व से हर रोज उत्सव का आयोजन होगा। 22 सितम्बर को शाम भजन संध्या व अयोध्या नगरी (बाग फरजाना) की वृद्ध सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा, वहीं रामलला के जन्म के अगले दिन 24 सितम्बर को 1001 दीपों से राजा दशरथ के महल को सजाया जाएगा। घर-घर में दीप प्रज्ज्वलित होंगे।
यह जानकारी आज रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, राजा दशरथ व रानी कौशल्या के स्वरूप संतोष शर्मा व ललिता शर्मा के निवास पर आयोजित आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में दी गई। संतोष शर्मा व ललिता शर्मा ने बताया कि 22 सितम्बर को भजन संध्या में समस्त बाग फरजाना - अयोध्या नगरी के लोग भाग लेंगे। जिसमें क्षेत्र की 10 वयोवृद्ध सदस्यों को सम्मानित भी किया जाएगा। वहीं 24 सितम्बर को देहरी पूजन के साथ रामलला के जन्म के अगले दिन 1001 दीपों से दशरथ महल से साथ घर-घर में श्रीहरि की भक्ति भाव की रोशनी बिखरेगी। दीपावली मनाई जाएगी। 25 सितम्बर को घर परिवार के साथ क्षेत्र की महिलाएं मिलकर रंगोली व थाल सज्जा करेंगी। 26 सितम्बर को दशरथ निवास पर मेहंदी उत्सव व 27 सितम्बर को माढे की जौनार होगी। 28 सितम्बर को धूमधाम से श्रीमनःकामेश्वर मंदिर से राम बारात दोपहर 2 बजे प्रारम्भ होगी। अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल व राजा दशरथ संतोष शर्मा ने सभी शहरवासियों को राम बारात में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। संचालन हरिनारायण चतुर्वेदी ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रखर शर्मा, युक्ति शर्मा, महन्त निर्मल गिरी, विकास जैन, गौतम सेठ, मनोज गुप्ता, मंजीत सिंह, महेश मघरानी, नितिन अग्रवाल, अनिल रावत, मनीष शर्मा, सत्यवीर तोमर, संजय शर्मा आदि उपस्थित थे।
ये होंगे कार्यक्रम
22 सितम्बर को भजन संध्या व सम्मान समारोह दोपहर 3 बजे।
23 सितम्बर को रामलला का जन्म, रामलीला मैदान पर।
24 सितम्बर को देहरी पूजन दोपहर 3 बजे व 1001 दीपों से दशरथ महल में रोशनी।
25 सितम्बर को रंगोली व थाल सज्जा दोपहर 3 बजे।
26 सितम्बर को राजा दशरथ के निवास पर मेहंदी उत्सव दोपहर 3 बजे।
27 सितम्बर को माढे की जौरान, राज देवम में।