: जीवन आदर्शाें का मूल्य है रामायण, राम कथा सीखाती है जीवन जीने का तरीकाः अतुल कृष्ण महाराज
Sun, Nov 10, 2024
अग्रसेन भवन, लोहामंडी में चल रही श्रीराम कथा का राज्याभिषेक प्रसंग संग हुआ समापन
श्रीप्रेमनिधि जी मंदिर न्यास ने आयोजित की थी सात दिवसीय श्रीराम कथा
कथा व्यास अतुल कृष्ण बोले भक्ति के ध्रुव तारे हैं श्रीप्रेमनिधि जी, मंदिर में साक्षात विराजित बिहारी जी
अंतिम दिन सैंकड़ों भक्तों ने किया श्रीराम कथा का रसपान, भजनों के साथ प्रसादी का आनंद
आगरा। श्रीराम चरित मानस के सात काण्डों का सात दिवसीय कथा में श्रवण कर भक्तों ने भरपूर भक्तिरस का आनंद लिया। लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में श्रीप्रेमनिधि मंदिर न्यास द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का समापन हो गया।
मुख्य यजमान सुमन एवं ब्रजेश सूतैल, दैनिक यजमान रजनी एवं राजेश खंडेलवाल, श्रीप्रेमनिधि मंदिर के मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी, मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी, सीमा पचौरी ने व्यास पूजन किया।
अंतिम दिन सीता हरण, लंका दहन, रावण वध संग श्रीराम राज्याभिषेक के प्रसंग हुए। कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने भक्त शिरोमणि श्रीप्रेमनिधि जी की भक्ति गाथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भक्त से भगवान की पहचान बहुत कम ही होती है। श्रीभक्तमाल में भी आगरा निवासी महान भक्त श्रीप्रेमनिधि जी का वर्णन है। उनकी भक्ति भाव से प्रसन्न होकर ही ठाकुर जी उनके लिए मशालची तक बन गए। नाई की मंडी स्थित ठाकुर श्याम बिहारी जी के मंदिर को श्रीप्रेमनिधि जी मंदिर के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त है। ये भक्ति की कीर्ति ही तो है। श्रीप्रेमनिधि जी भक्ति के ध्रुव तारे हैं।
कथा प्रसंग में उन्होंने जटायु के प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि जो दूसरों की सेवा में लगा रहता है। उसकी चिंता स्वयं भगवान करते है। जैसे जटायु ने मां सीता की रक्षा के लिए अपनी प्राणाें को न्योछावर किया तो प्रभु श्रीराम ने एक अधम पक्षी गिद्ध जाति को उठाकर अपने गोदी में बैठा कर सीने से लगाया जिस का परिणाम श्री तुलसी दास जटायु को मानस में परम बड़भागी कहा और जटायु ने भगवान के विमान से सीधे स्वर्ग में स्थान प्राप्त किया। श्रीराम ने यह जानते हुए कि शबरी भीलनी जाति की है इसके बावजूद उसके जूठे बेरों को खाकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। भगवान की साधना में जाति पाति का भेदभाव नहीं होता है। भगवान ने शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश दिया। व्यास जी ने कहा कि हनुमान जी द्वारा लंका दहन की लीला प्रसंग का बखान करते हुए व्यास जी ने कहा कि अपनी विस्मृत स्मृति को पुनः जागृत कर पवन पुत्र हनुमान जी ने अपने प्रभु श्री राम के प्रति निष्ठा को लंका दहन के माध्यम से पूर्ण किया। दास भाव के कारण हनुमान जी आज जगत में सर्वाधिक पूजनीय है। विश्व भर में हनुमान जी के सबसे अधिक मंदिर प्रतिष्ठित है।
भगवान ने सुग्रीव मिलन, बालि, रावण, कुंभकर्ण वध के प्रसंग के माध्यम से समाज को संदेश दिया कि अधर्म कितना भी मजबूत हो अंत में उसे पराजित होना पड़ता है और अधर्म पर धर्म की विजय सदैव होती है। श्रीराम राज्याभिषेक प्रसंग के साथ कथा विश्राम हुआ।
इस अवसर पर सांसद राजकुमार चाहर, विजय लक्ष्मी चाहर, संतोष शर्मा, ललिता शर्मा, श्याम भदौरिया, अनंत दास अनुदास, अखिलेश अग्रवाल, सुरेश पचौरी, मनीष अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, राधारानी पचौरी, प्रकाश धाकड़, मोहित वशिष्ठ, मनीष गोयल, सत्येंद्र यादव, संजीव जैन, जुगल किशोर, नवीन प्रजापति, सचिंद्र शर्मा, किशोर गोयल, रामबाबू गुप्ता आदि ने महा आरती की।
: श्रीमनःकामेश्वर ग्रामीण संस्थान ने गोपाष्टमी पर किया गो, गांव, ग्वाल और गोपाल उत्सव
Sun, Nov 10, 2024
आगरा।भगवान श्रीकृष्ण ने आज ही के दिन गोचारण का शुभारंभ किया था। उसी श्रद्धा में आयोजित उत्सव में पूरा ग्रामीण क्षेत्र ब्रज बन गाय और वहां के निवासी ब्रजवासी। सभी बहुत श्रद्धा के साथ इस उत्सव में शामिल हुए। गोवंश के लिए 56 भोग लगाए गए। शमशाबाद रोड, गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर गो, गांव, ग्वाल और गोपाल उत्सव श्रीमनःकामेश्वर ग्रामीण संस्थान द्वारा मनाया गया, जिसमें भरपूर आनंद की बरसात हुई। संस्थान की गौशाला से गोवंश के साथ श्रीमनःकामेश्वर मंदिर के मंहत योगेशपुरी कृष्ण के रूप में गोचारण करते हुए निकले। उनके साथ श्रीमनःकामेश्वर मठ के प्रशासक हरिहरपुरी भी थे। उनके साथ अन्य ग्रामीण भी ग्वालबाल के रूप में शामिल थे। जगह-जगह सभी पर पुष्प वर्षा की गई और गायों का पूजन भी किया गया। इस दौरान गोवंश के लिए लगाए गए 56 भोग भी आकर्षण का केंद्र रहे। गोधूलि बेला में संस्थान में दीपमालिका का आयोजन किया गया। जिसमें पूरा क्षेत्र झिलमिला उठा।
मौके पर रहे महामण्डलेश्वर स्वामी श्री सोमेश्वरानंद जी महाराज, शंकराचार्य आश्रम, हरिद्वार स्वामी श्री हरीशंकर गिरी, श्री यंत्र मंदिर , कनखल, हरिद्वार श्री महंत योगेश पुरी जी महाराज आदि लोग मौजूद रहे।
: गायों को चराते हुए निकले कृष्ण- बलराम
Sun, Nov 10, 2024
श्रीकृष्ण लीला कमेटी ने गोपाष्टमी पर निकाली गौचारण यात्रा
आगराः श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के तहत शनिवार को गोपाष्टमी पर गोचारण यात्रा निकाली गई। स्थान-स्थान पर गो पूजन किया गया और कृष्ण-बल्देव की आरती उतारी गई। वाटर वर्क्स स्थित गौशाला स्थित मंदिर में सुबह गौ पूजन किया गया। वेद मंत्रों के साथ यह पूजन अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में गाय को सबसे बड़ा धन माना गया है। गाय ही हमारे जीवन में रची बसी है। मां के बाद गाय का दूध ही बच्चा पीता है, इसलिए इसे मां का सम्मान दिया गया है। पूजन करने वालों में लायंस क्लब खुशबू की अध्यक्ष चेतना सुराना, लायंस क्लब संगिनी की अध्यक्ष ऋतु गोयल, सुजाता अग्रवाल, नीरू रोहतगी, रेनू गोयल, वसुधा अग्रवाल, अंजली बंसल, महिमा अग्रवाल, पीके मोदी, राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, मुकेश मित्तल, विजय रोहतगी, शेखर गोयल, अशोक गोयल, विष्णु, मनोज, आयुष आदि प्रमुख थे।
पूजन के बाद गौशाला से श्रीकृष्ण-बलराम गौचारण यात्रा निकाली गई। जीवनीमंडी, भैरौं बाजार, बेलनगंज चौराहा, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी नं.2, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, किनारी बाजार, सेव का बाजार, फुलट्टी, छिलीईंट घटिया, सिटी स्टेशन रोड, धूलियागंज, पथवारी, बेलनगंज तिकोनिया होती हुई गौशाला वापस आई।