: बैंड बाजों संग धूमधाम से राजा निकाली आमंत्रण यात्रा
Fri, Sep 27, 2024
पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर से प्रारम्भ हुई सियाराम के विवाह की आमंत्रण यात्रा
राजा जनक ने शिवजी का जलाभिषेक कर प्रारम्भ की यात्रा
आगरा। ढोल नगाड़ों व बैंड बाजों संग आमंत्रण यात्रा निकाल कर आज राजा जनक ने शहरवासियों को सियाराम के विवाह के न्यौता दिया। सर्वप्रथम पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक व पूजन कर राजा जनक व रानी सुनयना (प्रमोद वर्मा व मंजु वर्मा) ने महादेव की आरती की। इसके उपरान्त आमंत्रण यात्रा का शुभारम्भ हुआ। जिसमें सबसे आगे थी विध्नविनाशक गणतपित की सवारी। उसके पीछे राजा जनक व रानी सुनयना ने क्षेत्र में भ्रमण कर सभी को सियाराम के विवाह व जनकपुरी महोत्सव के लिए आमंत्रित किया।
प्रथ्वीनाथ मंदिर में राहुल आचार्य द्वारा पूजन कराने के उपरान्त आमंत्रण यात्रा जनक जी ने परिवारीजनों संग झूमते नाचते हुए धूमधाम से निकाली गई। श्रीहरि के भजनों व बैंड बाजों पर झूमते नाचते मिथिलावासियों को देखकर सियाराम के विवाह का उत्साह और उमंग देखते ही बन रहा था। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर आमंत्रण यात्रा का स्वागत किया गया। आनन्द विहार में चंद्रशेखर शर्मा, आयोजन समिति के महामंत्री राहुल सागर के निवास ज्ञासपुरा में गणपति की सवारी की आरती उतार कर आमंत्रण यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया। क्षेत्र में भ्रमण करते हुए आमंत्रण यात्रा ने कार्यालय पर आकर विश्राम लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, संयोजक गौरव राजावत, हेमन्त भोजवानी, राहुल चतुर्वेदी, अनुराग उपाध्याय, महामंत्री निशान्त चतुर्वेदी, विवेक शर्मा, दिलीप खंडेलवाल, संजय अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, लिली गोयल, मनोज वर्मा, राहुल खंडेलवाल, अनुज खंडेलवाल, विकास भारद्व्ज, यादवेन्द्र शर्मा, दिग्विजय नाथ तिवारी, नवीन गौतम, संजीव चैबे आदि उपस्थित थे।
आज दोपहर में होगा मेहंदी उत्सव
श्रीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के तहत 27 सितम्बर को दोपहर 1 बजे लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में मेहंदी व अन्य रस्मों का आयोजन होगा। 28 सितम्बर को गौरा पूजन के लिए सीता जी का डोला साकेत कालोनी से प्रारम्भ होकर गोविन्द नगर स्थित भूतनाथ मंदिर में पहुंचेगा।
: मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने तोड़ा भगवान शिव का धनुष, सीता स्वयंवर की मनमोहक लीला का हुआ मंचन
Fri, Sep 27, 2024
आगरा। रामलीला मैदान में बनी मिथिला नगरी जनकपुरी में सीता स्वयंवर सजा हुआ है। सीता स्वयंवर में भाग लेने विभिन्न राज्यों के राजा व राजकुमार आए हुए हैं। मिथिला नरेश दरबार में मुनि विश्वामित्र को नहीं देख अपने मंत्री को मुनि विश्वामित्र को अपनी शिष्य मंडली के साथ स्वयंवर में लाने के लिए भेजते है। मुनि विश्वामित्र रामचंद्र व लक्ष्मण को साथ लेकर जनकपुरी में सीता स्वयंवर में पहुंचते हैं। राजा जनक द्वारा उनका सर्वोच्च सिंहासन दिया जाता है।
राजा जनक द्वारा स्वयंवर में घोषणा करवाई जाती है कि भगवान शिव के धनुष पर जो भी राजा या युवराज डोरी चढ़ाएगा, उसी से मैं अपनी पुत्री जानकी का विवाह करूंगा। समस्त राजा उपरोक्त स्वयंवर में आते हैं परंतु कोई भी उस धनुष को उठाना तो दूर, हिला भी नहीं पाते हैं। यह देख राजा जनक और रानी सुनयना काफी विचलित हो जाते हैं। महाराज जनक को विचलित देख मुनि विश्वामित्र द्वारा भगवान श्री राम को आदेश दिया जाता है और मुनि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु राम सर्वप्रथम भगवान शंकर के धनुष को प्रणाम करते हैं और जैसे ही धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते है तो धनुष टूट जाता है। रामलीला मैदान मिथिला नगरी में सभी पदाधिकारी एक दूसरे को बधाई देते हैं। पूरी मिथिला नगरी में खुशियां फैल जाती हैं कि तभी भगवान परशुराम उस सभा में आते हैं। लक्ष्मण तथा परशुराम का घोर संवाद होता है। भगवान परशुराम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को नारायण रूप में देखते हैं। नारायण रूप में दर्शन कर वह मिथिला नगरी से चले जाते हैं।
स्वयंवर में विभिन्न देशों के राजा जिसमें प्रमुख रूप से महाराज दशानन रावण, लवणासुर, वाणासुर, कालापानी नरेश, काशी नरेश तथा विभिन्न देशों के राजकुमार आए हुए हैं। आज सीता स्वयंवर की लीला में उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला के संस्थापक लाला कोका कमल की छठवीं पीढ़ी के युवराज वंश अग्रवाल भी आज की सीता स्वयंवर की लीला में राजकुमार की भूमिका में हैं।
धनुष टूटने के बाद रामलीला मैदान पर बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर वाली भव्य आरती की गई तथा स्वयंवर में धनुष टूटने के बाद रामलीला कमेटी द्वारा मैदान पर भव्य आतिशबाजी भी की गई। इससे पूर्व लाला चन्नोमल की बारहदरी से मुनि विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण घोड़े की सवारी पर व मां जानकी सखियों के साथ रथ पर सवार होकर स्वयंवर के लिए रावत पाड़ा, जौहरी बाजार, बिजली घर होती हुई रामलीला मैदान पर बनी जनकपुरी मिथिला नगरी में आती है। उँट पर बैठा काला पानी नरेश उल्टी छतरी लगाएं अपने कर्तवों से दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। मां जानकी राम लक्ष्मण की शोभायात्रा मार्ग पर अनेक जगह पुष्प वर्षा कर लोगों ने शोभा यात्रा का स्वागत किया।
स्वयंवर की लीला में आज विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, टी. एन. अग्रवाल, भगवान दास बंसल, विजय प्रकाश गोयल, मुकेश जौहरी, प्रवीण गर्ग, विनोद कुमार जौहरी, ताराचन्द्र अग्रवाल, विष्णु दयाल बंसल, प्रवीण स्वरुप, अंजुल बंसल, आनंद मंगल, प्रकाश चंद्र अग्रवाल, राहुल शर्मा, मनोज अग्रवाल पाॅली, रामांशुशर्मा, मनीष शर्मा, राहुल गौतम, रजत बंसल, आयुष, लखन अग्रवाल, रिषी गोयल, विकास आदि उपस्थित रहे।
: राजा दशरथ के निवास पर तीनों भाईयों सहित पधारे भगवान राम
Thu, Sep 26, 2024
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ढोल नगाड़ों और पुष्प वर्षा कर हुआ स्वागत
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दर्शन को लालायित दिखे श्रद्धालु
आगरा। भगवान राम का तीनों भाईयों के साथ राजा दशरथ के निवास में प्रवेश करते ही हर तरफ जयश्रीराम के उद्घोष गूंजने लगे। मन में श्रद्धाभाव और मुख पर श्रीहरि के जयकारे, हर तरफ भक्ति के रंग बिखरे थे। बैंडबाजों संग पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया। राजा दशरथ व रानी कौशल्या (संतोष शर्मा व ललिता शर्मा) व उनकी मां लाजवन्ती शर्मा ने पुष्प माला पहनाकर व आरती कर प्रभु श्रीराम सहित चारों भाईयों का अभिनन्दन किया। भगवान की एक झलक के लिए हर श्रद्धालु लालायित था।
तीनों भाईयों सहित भगवान के घर में प्रवेश करते ही शंखनाद के साथ गूंजती भजनों की भक्तिमय स्वरलहरियां, मानों बाग फरजाना अयोध्या धाम बन गया हो। मेरी चैखट पर चलकर आज चारों धाम आएं हैं, बजाओ ढोल स्वागत में मेरे घर राम आए हैं… जैसे भजनों पर भक्तों ने नृत्य भी किया। महिलाओं ने ढोलक और मंजीरों पर सियाराम के विवाह की खुशी में मंगल गीत व भजन गाए। संचालन हरिनारायण चतुर्वेदी ने किया।
इस अवसर पर मेयर हेमलता दिवाकर, रामशंकर कठेरिया, मधु बघेल, प्रीति उपाध्याय, राजा दशरथ की बहनें नुपुर व कामना, प्रखर शर्मा, युक्ति, संजय शर्मा-रजनी शर्मा, रामकुमार शर्मा, ममता शर्मा, नितिन अग्रवाल, कनिष्का, खुशबू, अनन्या, अभय, गौतम सेठ, सुरेश उपाध्याय, प्रवीन उपाध्याय, प्रदीप, गौरव, अनूप, गगन, विकास, विमल, विकास जैन, शोभित, सत्यवीर तोमर, मंजीत सिंह, स्नेहलता गुप्ता, विकास जैन, गरिमा जैन, मनीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।
एक पहल के विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
एक पहल संस्था के विद्यार्थियों ने रामायण के प्रसंग का मंचन कर भक्तिमय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। श्रीराम के भजनों पर नृत्य किया। उपहार स्वरूप संतोष शर्मा ने विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री भेंट की। सांस्कृतिक कार्यक्रम एक पहल के संस्थापक मनीष राय के नेतृत्व में प्रस्तुत किए गए।