: गौतम नारि श्राप बस उपल देह धरि धीर, चरन कमल रज चाहति कृपा करहु रघुबीर
Mon, Oct 7, 2024
दिगनेर के श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रहा है श्रीमनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव
रामलीला के चौथे दिन हुआ मारिच एवं अहिल्या उद्धार, गंगा दर्शन, जनकपुर प्रवेश एवं नगर दर्शन प्रसंग
आगरा। गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर के श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला महोत्सव के चतुर्थ दिन मारिच एवं अहिल्या उद्धार, गंगा दर्शन, जनकपुर प्रवेश और नगर दर्शन लीला मंचन हुआ। स्वरूपों की आरती के बाद लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रतिदिन लीला स्थल पर आगरा और दिगनेर से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रविवार को श्रीमनःकामेश्वर नाथ रामलीला में विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचकर राम लक्ष्मण को मांगते हैं, परंतु वे प्रेमवश मना कर देते हैं। जिससे विश्वामित्र नाराज हो जाते हैं। इसके बाद गुरु वशिष्ठ के समझाने पर विश्वामित्र को राम लक्ष्मण सौंप देते हैं। विश्वामित्र दोनों भाइयों को लेकर वन की ओर जाते हैं और बताते हैं कि यहां पर ताड़का नाम की राक्षसी अपने पुत्र सुबाहु, मारीच के साथ रहती है और वह सुकेतु यज्ञ की पुत्री है। अगस्त ऋषि के श्राप के कारण इस वन में रहकर उत्पात मचाती है। इसलिए वह राम को कहते हैं कि इस राक्षसी का वध करना आवश्यक है। इसके बाद युद्ध होता है, जिसमें राम के हाथों ताड़का का वध होता है। इसके बाद आगे चलकर विश्वामित्र राम को अहिल्या के बारे में बताते हैं कि यह पत्थर की शिला श्राप के कारण पत्थर बन गयी थीं। इसके बाद राम अहिल्या का उद्धार करते हैं। इसके बाद जनकपुरी में वाटिका में माता गौरा के पूजन के दौरान माता सीता की श्री रामचंद्र से प्रथम भेंट होती है।
लीला प्रसंग मंचन देखने आए हुए अतिथियों ने प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीकिशोरी लीला संस्थान के गोविंद मिश्र ने बताया कि सोमवार को लीला में राजा जनक को शिव धनुष मिलने का प्रसंग, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण परशुराम संवाद लीला का मंचन किया जाएगा। श्रीमनः कामेश्वर मठ तिलकायत श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि मंगलवार 8 अक्टूबर को भव्य राम बरात निकाली जाएगी। राम बरात के आयोजन के लिए पूरे क्षेत्र को स्थानीय लोगों ने दुल्हन की भांति सजाया जा रहा है। दर्जनभर से अधिक झांकियां निकाली जाएंगी।
: मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे, इतना दिया मेरी माता….
Mon, Oct 7, 2024
तोता का ताल, मदिया कटरा पर सजा है महिषासुर मर्दिनी का दरबार
भजन संध्या में सजीं झांकियं, मयूर नृत्य देख अविभूत हुए भक्त
आगरा। आदिशक्ति तू, जगत माता तू, भरती है झोली तू…द्वार खड़े हैं, तेरे दर्शन को अड़े हैं…, शेर पर आती है मेरी जगदंबे भवानी…जैसी भेंट गाकर सैंकड़ों महिलाओं ने मिलकर मनाया मां महिषासुर मर्दिनी को।
तोता का ताल, मदिया कटरा पर मां भगवती सेवा मंडल द्वारा आयोजित नवरात्र उत्सव के चतुर्थ दिन माता की भेंट एवं भजन संध्या आयोजन किया गया। माता की भक्ति में चूर सैंकड़ों महिलाओं ने ढोलक की थाप पर भक्तिमय भजनों को स्वर दिए। मयूर नृत्य, हनुमान जी और भाेलेनाथ की झांकियां देख भक्त अविभूत हो गए और जयकारे लगाने लगे।
नवरात्रि आयोजन के विशाल पंडाल मे महाआरती में मैया भगवती की आरती का शुभारम्भ कैलाश मंदिर के महंत निर्मल गिरी, पार्षद मंजू प्रजापति, वरिष्ठ भाजपा नेता राजकुमार खंडेलवाल, संरक्षक रजनी अग्रवाल, सुनील जैन, पप्पू कुशवाह, अशोक गोला, मनोज गोयल, दीपक वर्मा ने किया। संचालन राखी अग्रवाल, सुनील जैन, अभिषेक राजावत ने किया। संरक्षक रजनी अग्रवाल और पप्पू कुशवाह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुकेश कुशवाहा, मनीष कुशवाह, आकाश कुशवाह और उनकी टीम ने व्यवस्था संभालीं। पूजा अर्चना के बाद प्रसादी का आयोजन हुआ। आयोजन में सोमवार को छप्पन भाेग के दर्शन होंगे।
: इस्कॉन ने मुरारीलाल खत्री इंटर कालेज में शुरु किया भोजन वितरण
Mon, Oct 7, 2024
फूड फॉर लाइफ कार्यक्रम के तहत इस्कॉन ने शुरु किया भोजन वितरण
एक पहल के विद्यार्थियों व कमला नगर क्षेत्र में भी वितरण किया जा रहा भोजन
आगरा। मंदिर के 10 मील तक के क्षेत्र में कोई व्यक्ति भूखा न रहे, इस्कॉन के संस्थापक प्रभुपाद जी के इसी संकल्प के साथ फूड फॉर कार्यक्रम के तहत आज मुरारीलाल खत्री कालेज की लगभग 500 छात्राओं के लिए भोजन वितरण प्रारम्भ किया। श्रीजगन्नाथ मंदिर, इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविद स्वरूप दास प्रभु ने बताया कि एक पहल के 600 विद्यार्थियों, कमला नगर पानी की टंकी के पास क्षेत्र में लगभग 400 लोगों के लिए प्रतिदिन सुबह भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
अरविन्द स्वरूप ने बताया कि सरकारी स्कूलों में तो भोजन वितरण होता है, परन्तु ऐसे कई गैरसरकारी स्कूल भी हैं जहां बच्चों को पौष्ठिक आहार की आवश्यकता है। स्कूल प्रबंधक से बात करने पर पता चला कि मुरारीलाल खत्री इंटर कालेज में भी बच्चों को भोजन वितरण की जरूरत है, इसीलिए एक पहल के बाद इसे चुना गया। आवश्यकतानुसार भविष्य में अन्य स्थानों पर भी फूड फॉर लाइफ कार्यक्रम के तहत भोजन वितरण किया जाएगा। अरविन्द स्वरूप जी ने जानकारी देते हुए बताया कि 1972 में बंगाल में मायापुर में मंदिर बनने के दौरान प्रभुपाद ने सभी क्षेत्रीय लोगों को भोजन कराया था। जिसके उपरान्त बाहर पड़ी झूठन को गरीब लोग कुत्तों से छीनकर ले रहे थे। तभी प्रभुपाद ने मंदिर के 10 मील के क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को भूखे न रहने देने का संकल्प लिया था। इस्कॉन मंदिर फूड फॉर लाइफ कार्यक्रम के तहत सभी मंदिरों में प्रभुपाद जी के संकल्प को साकार करने के लिए प्रयासरत है। इस अवसर पर मुख्य रूप से आशु मित्तल, स्वाती, कान्ता प्रसाद, सुशील अग्रवाल, अदिति गौरांगी, संजय कुकरेजा, शाश्वत, नंदलाल प्रभु आदि उपस्थित थे।