: श्रीकृष्ण लीला में गूंजी रामधुन, श्रद्धालुओं ने लिया माखन चोरी लीला संग तुलसी चरित्र का आनंद
Wed, Nov 13, 2024
श्रीकृष्ण लीला समिति कर रही है श्री कृष्ण लीला शताब्दी वर्ष महोत्सव का आयोजन
श्रीरास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट के कलाकार दे रहे भावपूर्ण अभिनय प्रस्तुति, डांडिया रास की भी रही धूम
आगरा। श्वेत माखन प्रतिक है शुद्धता का, जीवन के संघर्षों से मथ कर जो पवित्रता निकलती है उसके प्रतीक का। आदि पुरुष श्रीकृष्ण की हर लीला जीवन संदेश हैं। जिनमें से प्रमुख है माखन चोरी लीला। चित्त की शुद्धि के लिए प्रारब्धों से मुक्त होकर कैसे जीवन को स्वच्छ और निर्मल किया जाता है ये संदेश दिया गया श्रीकृष्ण लीला मंचन में माखन चोरी लीला के अंतर्गत।
गौशाला प्रांगण, बल्केश्वर में श्रीकृष्ण लीला समिति द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण लीला शताब्दी वर्ष महोत्सव में माखन चोरी लीला, तुलसी चरित्र एवं डांडिया रास हुआ। लीला निर्देशक स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर के निर्देशन में श्रीरास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट के कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को बांध कर रख दिया। लीला प्रसंग में सर्वप्रथम हरि और हर यानि श्री नारायण हरि विष्णु और महादेव का मिलन प्रसंग हुआ। महादेव के आराध्य नारायण और नारायण के आराध्य महादेव की जब श्रीकृष्ण अवतार में भेंट हुई तो महादेव को गोपी का रूप भी धारण करना पड़ा। इसके बाद हुआ मैया मोरी मैं नहीं माखन खायौ…भजन के साथ माखन चोरी प्रसंग। बाल गोपल की ग्वालबालों संग नटखट लीला ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
बाल्यावस्था से ही कान्हा को मक्खन अतिप्रिय था। माता यशोदा अपने लाला को जो मक्खन देती थीं, उससे उनका मन नहीं भरता था। इसलिए, मैया जहां भी मक्खन रखतीं कृष्ण चुपके से ब्रज के सखाओं के साथ आकर सारा माखन खा जाते थे। यशोदा को कुछ समझ नहीं आया कि माखन कौन चुरा रहा है। उन्होंने एक दिन चुपके से मक्खन से भरे छोटे-छोटे घड़ों को रस्सी के सहारे ऊपर टांग दिया, लेकिन श्री कृष्ण की नजरों से क्या छिप सकता है, उन्होंने माता को मक्खन रखते हुए देख लिया।
उन्होंने सभी ग्वालों को इकट्ठा किया और एक घेरा बनाया। उसके ऊपर चढ़कर मटकी फोड़ी और सखाओं सहित सम्पूर्ण माखन चट कर गए। यशोदा यह सब चुपके से देख रही थीं। बोलीं, अच्छा तो तुम हो वो माखन चोर, जिसने मुझे बहुत परेशान किया है। कृष्ण, माता को देखकर हंसने लगे और बोले “मैया मैं नहीं माखन खायो।” इस पर माता बोली कि अपनी मैया से ही झूठ बोलते हो कृष्णा।
कन्हैया की भोली-सी सूरत देखकर और उसकी प्यारी-सी बात सुनकर यशोदा ने कृष्ण को अपने गले लगा लिया और बोलने लगीं मेरा प्यारा नटखट माखन चोर। बस तभी से श्री कृष्ण को प्रेम से माखन चोर कहकर बुलाया जाने लगा। लीला प्रसंग के बाद ब्रज के सुप्रसिद्ध डांडिया रास को देख श्रद्धालु राधे राधे के जयकारे लगाते रहे। प्रसंग के बाद तुलसी चरित्र का मंचन भी किया गया।
तुलसी दास को किस प्रकार अपनी पत्नी रत्नावली से मिले तिरस्कार के बाद भक्ति की प्रेरणा जागी इसका वर्णन किया गया। राम भक्त तुलसी दास के समक्ष ठाकुर जी ने जब बांसुरी छोड़ धनुष धारण किया, इस प्रसंग को जैसे ही मंचित किया गया जय श्रीराम के जयघोष से प्रांगण गूंज उठा। गोपी गुरु, सुनील विकल, डॉ हरेंद्र गुप्ता, तारा चंद अग्रवाल, श्रीकृष्ण लीला समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, सीमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, महामंत्री विजय रोहतगी, पीके मोदी, अनूप गोयल, संजय गर्ग, बृजेश अग्रवाल, मनोज बंसल, शेखर गोयल, देवकी, मुकेश गुप्ता, पवन अग्रवाल, के के अग्रवाल, के सी अग्रवाल, अशोक गोयल, विष्णु अग्रवाल, गिर्राज बंसल, अनीस अग्रवाल, आशीष रोहतगी, आदर्श नंदन आदि ने स्वरूपों की आरती उतारी।
कल होगा कंस वध और भव्य आतिशबाजी
श्रीकृष्ण लीला समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि लीला मंचन में गुरुवार को अक्रूर गमन एवं कंस वध होगा। भव्य आतिशबाजी के साथ कंस को जलाया जाएगा। करीब एक घंटे तक आतिशबाजी होगी।
: 16 को फंटूस किड्स कार्निवल में धूम मचाएंगे नौनिहाल
Wed, Nov 13, 2024
जीडी गोयंका स्कूल जूनियर विंग करेगा फंटूस किड्स कार्निवल का आयोजन
कमला नगर स्थित जैन पार्क, डी ब्लॉक में सजेगा बच्चों की मस्ती के लिए मंच
आगरा। कौशल विकास, छुपी प्रतिभा निखार, मस्ती−धमाल और खेल बेशुमार होगा जीडी गोयंका स्कूल जूनियर विंग के फंटूस किड्स कार्निवल में। आयोजन में शहरभर के बच्चों को माता पिता संग जीडी गोयंका स्कूल जूनियर विंग द्वारा आमंत्रित किया गया। बुधवार को कमला नगर स्थित जीडी गोयंका स्कूल जूनियर विंग में आमंत्रण पत्र विमोचन समारोह आयोजित किया गया।
स्कूल की यूनिट इंचार्ज अवनीत अरोड़ा ने बताया कि 16 नवंबर को दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक कमला नगर के डी ब्लॉक स्थित जैन पार्क में फंटूस किड्स कार्निवल आयोजित किया जाएगा। कार्निवल का किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं है। बच्चों के लिए विविध स्टॉल्स पर खाने पीने के साथ कौशल विकास, खेल आदि उपलब्ध रहेंगे। साथ ही कक्षा एक से 6 तक के बच्चों के लिए इंटर स्कूल ग्रुप डांस प्रतियोगिता, कक्षा 2 से आठवीं तक के बच्चों के लिए अलग−अलग श्रेणियों में सोलो डांस प्रतियाेगिता होगी। दो से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता भी होगी।
स्कूल एडमिन दिव्या चतुर्वेदी ने बताया कि फंटूस किड्स कार्निवल का शुभारंभ एवं बच्चों का मार्गदर्शन मेयर हेमलता दिवाकर, जीडी गोयंका स्कूल के चैयरमेन केपी अग्रवाल, प्रो वाइस चैयरमेन संजय अग्रवाल, प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ, अक्षत अग्रवाल करेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल का उद्देश्य बचपन से बच्चों में संस्कारों के साथ आत्मनिर्भरता के गुण भी विकसित हों। इसलिए फंटूस कार्निवल में बच्चों को प्रतिभा निखारने के लिए भी मंच प्रदान किया जाएगा।
आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर नीतू सिंह, शिल्पी गोयल, पूजा सुडान, शालू शर्मा, मानसी पांडे, केशव कुमार, स्वराज राजपूत, अजय विश्वास, श्वेता विज आदि उपस्थित रहीं।
: देवोत्थान एकादशी पर इस्कॉन मंदिर में आयोजित किया तुलसी-सालिग्राम विवाह महोत्सव
Tue, Nov 12, 2024
ढोल नगाड़ों संग तुलसी जी को ब्याहने पहुंचे सालिगराम
दूल्हा बने सालिगराम, दुल्हन बनी तुलसाजी
विदाई पर छलके श्रद्धालुओं के अश्रु
आगरा। दूल्हा बने रथ पर सवार सालिगराम जी और मंगल गीतों पर व हरे रामा हरे कृष्णा… कीर्तन पर झूमते, नाचते सजे धजे श्रद्धालु। तुलसी सालिगराम जी के विवाह उत्सव की उमंग हर तरफ बिखरी थी। बैंड बाजों संग धूमधाम से नाचते गाते बारातियों संग सालिगराम जी तुलसी जो को ब्याहने कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन मंदिर) पहुंचे जहां, बारात की अगवानी के लिए घराती स्वागत में थाल सजाए खड़े थे। जहां बारात का भव्य स्वागत कर विधि विधान के साथ विवाह सम्पन्न किया गया।
कमला नगर क्षेत्र में भ्रमण करते हुए श्रद्धालु सालिगराम जी की बारात लेकर तुलसा माता को ब्याहने साथ इस्कॉन मंदिर पहुंचे। इस्कॉन मंदिर में आज सतरंगी फूलों से सजाया गया। सालिग्रामजी व तुलसीजी के विवाह के लिए चैक पूरा गया और मण्डप सजा था। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सालिगराम जी को मण्डप में विराजमान किया गया। सोलह श्रंगार कर दुल्हन बनी तुलसा माता के मण्डप में आते श्रीहरि और तुलसी माता के जयकारे मंदिर परिसर में गूंजने लगे। ढोलक मंजीरों पर दूल्हा बन गए सालिगराम, दुल्हन बनी मेरी तुलसी…, लाल जोड़े में कैसी शरमाई रे, मेरी तुलसी दुल्हन बन आई रे… जैसे गीतों पर भक्तों ने खूब नृत्य किया। मंदिर वर पक्ष (सालिग्रामजी) के परिजन के रूप में गोपाल बंसल व रजना बंसल और वधु पक्ष के रूप में यति व नवीन सिंघल मौजूद थे। भक्तों ने उपहार देकर तुलसी जी का कन्यादान लिया। विदाई के समय सभी श्रद्धालुओं की आंखें छलक आई। नम आंखों से उपहारों संग तुलसी जी को सालिगराम जी संग विदा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलेन्द्र अग्रवाल, कामता प्रसाद अग्रवाल, संजीव मित्तल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव बंसल, राहुल बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, संजय कुकरेजा, विकास बंसल, शैलेन्द्र बंसल, शाश्वत, नन्दलाल दास आदि उपस्थित थे।