: अग्रवाल संगठन कराएगा निःशुल्क मोतियाबिन्द ऑपरेशन
Sun, Jun 2, 2024
6 जून को अग्रवाल संगठन कमला नगर द्वारा संचालित सत्य प्रकाश विकल चेरिटेबिल नेत्रालय में नेत्र परीक्षण व ऑपरेशन पंजीकरण शिविर का होगा आयोजन
आगरा। अग्रवाल संगठन कमला नगर द्वारा 6 जून को सुबह 9 बजे से दोपहर 01 बजे तक 11वां निःशुल्क नेत्र परीक्षण व ऑपरेशन पंजीकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। अग्रवाल संगठन कमला नगर द्वारा संचालित सत्य प्रकाश विकल चेरिटेबिल नेत्रालय, चांदनी चैक कमला नगर में आयोजित शिविर में ऑंखों से सम्बंधित सभी समस्याओं का वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा परीक्षण किया जाएगा। साथ ही सर्वसमाज के असहाय मोतियाबिन्द के मरीजों का पंजीकरण किया जाएगा, जिनका ऑपरेशन संस्था द्वारा उच्च स्तरीय फेको तकनीक से निःशुल्क किया जाएगा।
यह जानकारी संगठन के पदाधिकारियों ने कमला नगर स्थित महाराजा अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में दी। सुनील विकल, अध्यक्ष रविन्द्र अग्रवाल व संयोजक मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि असहाय व जरूरतमंद मरीजों का परीक्षण, दवाएं व ऑपरेशन सभी निशुल्क होंगे। अभी तक पिछले पांच वर्षों में संगठन द्वारा लगभग 10 हजार ऑपरेशन व दो लाख मरीजों का परीक्षण निःशुल्क कराए जा चुके हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ उठाएं। मरीज अधिक होने पर शिविर का समय भी बढ़ाया जाएगा। समय और सीमा का कोई बंधन नहीं है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रदीप अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, एसएस अग्रवाल, सुनील विकल, संयोजक मुरारीप्रसाद अग्रवाल, अध्यक्ष रविन्द्र अग्रवाल, राकेश मंगल, श्रीराम अग्रवाल, कौशल किशोर सिंघल, महामंत्री रामकुमार जिंदल, पियूष अग्रवाल, अतुल गर्ग, प्रवीन मित्तल, मीडिया प्रभारी रैलेश अग्रवाल, जीवन लाल मित्तल, दिलीप गोयल आदि उपस्थित थे।
: रिचार्ज न कराने पर नाराज होकर मायके चली गयी पत्नी, काउसलिंग में भी नहीं बनी बात
Sun, Jun 2, 2024
Agra. छोटी-छोटी बात पर दंपती के बीच विवाद हो रहा है और इन बातों पर रिश्ते टूटने की कगार तक पहुंच रहे है। पुलिस परामर्श केंद्र में थाना ताजगंज से एक ऐसा मामला सामने आया जिसे जानकर हर कोई हैरान था। मोबाइल रिचार्ज न कराने पर पत्नी ने घर छोड़ दिया। काउंसलर ने दोनों पक्षों की बात सुनी और फिर दोनों को समझाया। बात नहीं बनी तो अगली तारीख दे दी गई लेकिन अगली तारीख देने पर विवाहिता की माँ ने हंगामा काट दिया।
रिचार्ज न कराने का आरोप
काउंसलर डॉ. सतीश खिरवार ने बताया कि पत्नी ने पति पर मारपीट का आरोप लगाया था। जब काउंसिलिंग की गई तो बताया कि पति ने मोबाइल का रिचार्ज कराने से मना कर दिया था। इसलिए मायके चली आई। काउंसलर ने पति को समझाया। आगे से समझदारी के साथ काम करने की सलाह देकर अगली काउंसिलिंग पर आने के लिए कहा।
पुलिस लाइन के परिवार परामर्श केंद्र में दंपति को जब अगली तारीख दी गई तो महिला ने हंगामा काट दिया। वह बेटी को ससुराल भेजना नहीं चाह रही थी। इस पर महिला पुलिसकर्मी ने हंगामा कर रही महिला को शांति भंग में बंद कराने की धमकी दी तो उससे भिड़ गई। करीब आधे घंटे तक ऐसे हालात रहे। बाद में किसी तरह महिला को शांत कराया गया।
महिला ने लगाया ये आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि सुनवाई के नाम पर परिवार परामर्श केंद्र तारीखों में तीन बार बुला चुके हैं। हम लोग बेटी को ससुराल भेजना नहीं चाहते। सिर्फ कार्रवाई चाहते हैं। यहां काउंसिलिंग कर अगली तारीख दे दी जाती है। ससुराल में बेटी को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया था। कोई कार्रवाई नहीं हुई सिर्फ आश्वासन मिलता रहा है। इस बार भी काउंसिलिंग कर 15 जून की तारीख देकर हमें फिर से आने के लिए कहा है।
: सड़क किनारे जंजीर में जकड़े बच्चे को देखकर ठिठके कदम, माँ ने बताई दुखभरी दास्ताँ
Sun, Jun 2, 2024
Agra. जो उम्र बच्चों की खेलने की है मां के दुलार करने की है। उस उम्र में अपने इकलौते जिगर के टुकड़े को जंजीरों में कैद करने को एक माँ मजबूर हो गई है। यह नजारा मानसिक चिकित्सालय की रोड पर देखने को मिला। जिसने भी यह दृश्य देखा वो हैरान रह गया और फिर उसके उसके बारे में पूछने लगा कि आखिर का बच्चों को जंजीरों में कैद क्यों रख कर रखा है।
48 डिग्री सेल्सियस तापमान में जहां हर कोई इस भीषण गर्मी से बचने के लिए एसी और कूलर का सहारा ले रहा है। ऐसे में एक मासूम बच्चा जंजीरों में जकड़ा हुआ सड़कों पर दिखाई दिया। जब बच्चे की मां से वार्ता हुई तो उसका दर्द छलक आया।
गोरखपुर के अलीनाबाद के रहने वाले अमित पांडे और उनकी पत्नी दीप शिखा ने बताया कि 12 वर्ष का इकलौता पुत्र वंश मानसिक रूप से बीमार है। वो किसी पर भी हमला कर देता है। कई बार खुद को नुकसान पहुंचा लेता है। मजबूरन उसे जंजीरों में जकड़ कर रखना पड़ता है।
पीड़िता ने बताया कि बेटे के इलाज के लिए वो शनिवार को आगरा के मानसिक चिकित्सालय इलाज के लिए लाए थे। यहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती नहीं किया और मंगलवार को बुलाया है। उनके पास इतना धन नहीं है कि वो किसी होटल में रूक सके इसलिए मजबूरन उन्हें एमजी रोड पर आगरा कालेज के पास फुटपाथ पर रहकर समय गुजारना पड़ रहा है। इतनी गर्मी के बीच पानी के लिए भी जद्दोजहद करना पड़ रहा है। कोई खाने के लिए दे जाता है तो खा लेते हैं। वरना भूखे रहने को मजबूर हैं।
वहीं इस घटना की जानकारी होने पर समाजसेवी नरेश पारस ने मानसिक रूप से बीमार बच्चे को लेकर मानसिक चिकित्सालय प्रशासन से बात की, जिसके बाद बच्चे को भर्ती कर लिया गया है।