: कंस का संहार होते देख, गूंज उठे श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी के जयघाेष, आतिशबाजी से रोशन हुआ गौशाला परिसर
Sun, Nov 26, 2023
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के नौंवें दिन हुआ कंस वध, मिली ब्रजवासियों को अत्याचारों से मुक्ति
आकर्षक आतिशबाजी देख राेमांचित हुए लोग, 70 फुट के कंस के पुतले काे देखने का रहा उत्साह
आगरा। पहले पूतना को मारा, फिर कंस को संहारा। सृष्टि की रक्षा करने वो तारणहार बार− बार आया। श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण, हे वासुदेवा की गूंज के साथ बल्केश्वर गौशाला परिसर गूंज उठा और कंस के वध के साथ हर भक्त उल्लास से रोमांचित हो गया।
श्रीकृष्ण लीला समिति के तत्वावधान में चल रहे श्रीकृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव के नौंवे दिन अक्रूर गमन और कंस वध की लीला हुई। रंगबिरंगी आकर्षक आतिशबाजी, भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष और कंस के 70 फुट ऊंचे पुतले का दहन। यह माहौल द्वापरकाल को जैसे जीवंत कर रहा था।
मुख्य अतिथि विधायक विजय शिवहरे थे। शनिवार को कंस के वध और आतिशबाजी को देखने के लिए अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। लीला में दिखाया कि राजा कंस ने अपने भांजे श्रीकृष्ण का वध करने के लिए कागासुर, बकासुर, नागासुर, बगुलासुर आदि राक्षसों को भेजा, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने सभी का वध कर दिया। श्रीकृष्ण को राजा कंस ने अपने महल बुलाया और उनके वध के लिए हाथी को मंगाया। श्रीकृष्ण ने उस हाथी को भी मार दिया। उसके बाद कंस और श्रीकृष्ण में मल्ल युद्ध हुआ उसमें श्रीकृष्ण को खरोंच तक नहीं आई। अंत में भगवान श्रीकृष्ण कंस का वध कर देते हैं। कंस वध होते ही पंडाल में श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी के जयकारे गुंजायमान होने लगे।
बल्केश्वर गौशाला में चल रहे श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में लीला का मंचन करते कलाकार।
कंस वध की लीला के बाद आकर्षक आतिशबाजी हुई, जो लगातार एक घंटे तक चली। जिसमें श्रीकृष्ण और गाय का चित्र भी दिखाया गया। नाचता मोर, झूला झूलते राधा-कृष्ण के चित्र भी आतिशाबाजी से प्रदर्शित किए गए। आतिशी फुहारे, आकाश से गिरते सितारे भी मनमोहक रहे। श्रीकृष्ण लीला समिति भी आतिशबाजी से लिखा हुआ दिखा था।
बल्केश्वर गौशाला में चल रही श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में लीला का मंचन आनंद लेते शहर के गणमान्य।
आतिशबाजी होते ही कंस के पुतले के पास भीड़ एकत्र हो गई। भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप ने अग्नि बाण से पुतले में आग लगा दी। पहले तो पुतला हंसता हुआ दिखा और बाद में उसके हाथ में लगी चरखी चली और पुतली भी चलती हुई दिखाई दी। थोड़ी ही देर में पुतला जल कर राख हो गया। इस दौरान सभी दर्शक जयघोष करते रहे। इस अवसर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, विजय रोहतगी, अशाेक गोयल, शेखर गोयल, ब्रजेश अग्रवाल, उत्तम चंद्र, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, संजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, राजेंद्र, संजय चेली, डीके चौधरी, रेणु गोयल, मनीष बंसल, नीलिमा, सुजाता, संजय गर्ग, नीरज अग्रवाल, अशाेक हरियाणा, दीपक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
कृष्ण-बल्देव शोभायात्रा आज
गौशाला में हो रही श्रीकृष्ण लीला में रविवार को श्रीकृष्ण-बलराम शोभायात्रा निकाली जाएगी। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया शोभायात्रा गौशाला, वाटर वर्क्स से शाम 6ः30 बजे शुरू होगी। इसमें करीब 55 झांकी होंगी, जो विभिन्न देवी-देवताओं की होंगी। यह शोभायात्रा जीवनीमंडी, बेलनगंज, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी नं.2, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, कसेरट बाजार, किनारी बाजार, सेव का बाजार, फुलट्टी, छिलीईंट घटिया, सिटी स्टेशन रोड, धूलियागंज, पथवारी, बेलनगंज तिकोनिया होती हुई गौशाला वापस आएगी।
: होलसेलर व्यापारी की समस्या में साथ खड़ा रहेगा आगरा सीमेंट होलसेलर्स एसोसिएशन
Sun, Nov 26, 2023
श्री खाटू नरेश का आशीर्वाद ले आगरा सीमेंट होलसेलर्स एसोसिएशन का हुआ गठन
समस्या, समाधान पर पदाधिकारियों ने चिंतन मनन, तलाशे हल मुख्य समस्याओं के
कर्मठ सदस्यों के सम्मान के बाद सुंदर कांड पाठ संग सामूहिक प्रसादी का सदस्याें ने लिया आनंद
आगरा। नई जिम्मेदारियों की कमान हाथ में थामने से पूर्व आगरा सीमेंट होल सेलर्स एसोसिएशन ने श्रीश्याम बाबा और हनुमानजी का आशीर्वाद लिया।
शनिवार को जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर में आगरा सीमेंट होल सेलर्स एसोसिएशन द्वारा सम्मान समारोह एवं सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम श्याम बाबा के दर्शन के बाद पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण की। जिसमें अध्यक्ष मनोज गुप्ता, मंत्री दिलीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सचिन अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल वार्ष्णेय और नितिन अग्रवाल, उपमंत्री संजय गुप्ता, ऑडिटर मुकेश गुप्ता ने अपने उत्तरदायित्वों के प्रति शपथ ग्रहण करते हुए संघ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि लंबे समय से सीमेंट के थाेक व्यवसाइयों की संगठन बनाने की मांग उठ रही थी। अब जाकर ये मांग पूरी हुई है। संगठन की प्राथमिकता सदस्याओं की हर समस्या में साथ खड़े रहना और समस्या का समाधान तलाशना है। प्रशासनिक समस्याओं का सामना हम सभी साथ मिलकर करेंगे। संगठन की पहली बैठक में निर्णय लिया गया है कि होलसेल व्यापर में सुरक्षा की गारंटी रिटेलर से पहले ही अग्रिम चैक और लेटर हेड लेना है। इस नियम को सभी होलसेलर माने ये आग्रह किया गया है।
इस अवसर पर संरक्षक पारस चंद्र जैन, मुरारी लाल गोयल, मनीष अग्रवाल, शलभ शर्मा और विजित गुप्ता द्वारा कार्यकारिणी सदस्य राम सेवक गोस्वामी, राजीव रावत, मंयक गोयल, प्रकाश पाठक, गोपाल अग्रवाल, नितुल जैन, लक्ष्मी कांत गुप्ता, अमन गुप्ता, नरोत्तम, हरिओम, सुरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सोलंकी, धर्मचंद सिंघल, नितिन अग्रवाल, मनोज गुप्ता, निखिल अग्रवाल, अमित गोयल, रमाकांत शर्मा, ललित जागिया, प्रभात जैन का सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह के बाद संगीतमय सुंदरकांड पाठ के आयोजन में सभी ने भक्तिमय रस का पान किया। परिवार सहित सामूहिक प्रसादी के साथ आयोजन का समापन हुआ।
: अनुशासित रहने पर मिलती है स्वतंत्रता
Sun, Nov 26, 2023
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लाइफ लीडर्स क्लब द्वारा एयर फोर्स स्कूल में आयोजित की गई कल्टीवेट द पॉवरफुल ग्रोथ माइंडसेट फॉर सक्सेस विषय पर कार्यशाला
आगरा। अनुशासित रहने पर ही व्यक्ति स्वतंत्र रह सकता है। ठीक वैसे ही जैसे सीमा पर हमारी सुरक्षा कर रहे नौजवान जब अनुशासित रहकर देश की सुरक्षा करते हैं, तभी हम देशवासी देश के अन्दर स्वतंत्र रह पाते हैं। इसलिए अपने जीवन और दिनचर्या को अनुशासित रखेंगे तो कोई काम पेंडिंग नहीं रहेगा। न ही किसी काम के लिए समय का अभाव रहेगा। एयर फोर्स स्कूल में आज लाइफ लीडर्स क्लब द्वारा कल्टीवेट द पॉवरफुल ग्रोथ माइंडसेट फॉर सक्सेस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जयपुर से आई लाइफ लीडर्स क्लब की संस्थापिक स्मृति श्रीवास्तव ने अपने व्याख्यान में कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए सरल व महत्वपूर्ण सूत्र दिए।
ग्रोथ माइंडसेट कोच स्मृति श्रीवास्तव ने बताया कि फेल होने जैसा कुछ नहीं होता। आपने एक लक्ष्य निर्धिरत किया। या तो आप वहां पहुंच पाए या फिर आपने वहां तक पहुंचने के मार्ग में बहुत कुछ सीखा। अपने विचारों में फेल जैसे नकारात्मक जैसे शब्द को शामिल न करें। नकारात्मक चीजों पर ध्यान देने से उसके पराधीन नहीं बनना है आपको। किसी और को नहीं बल्कि खुद को साबित करें। खुद से प्रतिस्पर्धा करें। सोचें कल आप क्या थे और आज यदि उससे बेहतर हैं तो आप सफल हैं। अपनी भावनाओं में सकारात्मकता को बढ़ाएंगे तभी सफलता का प्रतिशत बढ़ेगा। जो नहीं आते उसे स्वीकारना सीखें। पूछने या कुछ नया सीखने में झिझके नहीं। हाथ न होने पर भी शूटिंग में एशियन पेरा में दो गोल्ड मेडल जीतने वाली शीतल देवी और पैर न होने पर भी एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाले हरी बुद्धा का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन की दुर्घटनाओं को लेकर न बैठें। आगे बढ़े। आपकी सफलता किसी और के पास नहीं बल्कि खुद आपकी सोच में हैं। इस अवसर पर शिक्षिकाओं में मुख्य रूप से विभा अरोरा, विनोद दुबे आदि उपस्थित थे।