: स्वर्ण मुकुट धारण कर श्रीवरद वल्लभा महागणपति ने दिए दर्शन, भक्त हुए अविभूत
Wed, Oct 30, 2024
पंचोत्सव में विभिन्न रूपों में दर्शन देंगे महाणगणपति
31 को दीपावली पर सुबह होगा महाभिषेक और संध्या में महाआरती
आगरा। शुभता के प्रतीक दीपोत्सव का धनतेरस के साथ शुभारंभ होते ही श्रीवरद वल्लभा महागणपति ने स्वर्ण आभा धारण कर स्वर्ण मुकुट में दर्शन दिए। मंगलवार को धनतेरस के अवसर पर सुबह से भक्तों का तांता आगरा−छलेसर रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में भक्ताें का तांता लगा रहा। सिंदूरी वस्त्र, स्वर्ण आभूषण एवं मुकुट को धारण किये श्रीमहागणपति अपने वरद हस्त से भक्तों को दर्शन दे रहे थे। विशेष प्रसादी का पान भक्तों ने किया। सायं काल धन्वंतरि पूजन हुआ।
मंदिर प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि पंचोत्सव के पांचों दिन महागणपति के दर्शन स्वर्ण आभा लिये होंगे। दीपावली पर 31 अक्टूबर को विशेष रूप से सुबह 6 बजे महाभिषेक होगा। सुबह 8:30 बजे से स्वर्ण दर्शन का लाभ भक्त पूरे दिन उठा सकेंगे। सुबह 10 बजे महागणपति हवन होगा। सायं 6 बजे मंदिर परिसर में दीपदान होगा। भक्त अपनी इच्छानुसार 5, 7, 11, 21आदि संख्या में दीपदान कर सकते हैं। दीपदान के बाद महाआरती होगी, जिसमें पांच प्रकार की आरतियां महागणपति जी की जाएंगी। बता दें कि श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर उत्तर भारत का पहला दक्षिण भारतीय शैली से बना गणेश जी का मंदिर है। मंदिर में पूजन पद्धति भी दक्षिण भारतीय ही है।
: तपस्या फाउंडेशन ने मनाया दिवाली उत्सव, खिले नौनिहालों के चेहरे
Mon, Oct 28, 2024
आगरा। बुढ़ान सैयद स्थित बेसिक शिक्षा विद्यालय के बच्चों के साथ तपस्या फाउंडेशन द्वारा दिवाली उत्सव मनाया गया। रंगबिरंगी आतिशबाजी देखकर बच्चों के चेहरे पर दीपाें की भांति झिलमिलाहट चमक उठी।
संस्था की संस्थापक अध्यक्ष पूजा खिलवानी ने बताया कि त्योहार का असली आनंद बच्चों की खुशी देखकर मिला। बच्चों को दिवाली उपहार के तौर पर रगाेली, बंदरवान, पटाखे, फूड पैक, चॉकलेट आदि दिए गए।
विद्यालय के शिक्षक राजीव वर्मा ने बच्चों को दिवाली के महत्व के बारे में बताया। साथ ही पटाखे सावधानी से चलाने की हिदायत भी दी। गीत संगीत पर थिरकते हुए बच्चों ने जमकर धमाल किया। इस अवसर पर मोहित दिवाकर, दिव्यांश सक्सेना ने व्यवस्थाएं संभालीं।
: सृजन नारी शक्ति दीपोत्सव मेला: महिला सशक्तिकरण की मिसाल
Fri, Oct 25, 2024
आगरा। सृजन फाउंडेशन द्वारा बल्केश्वर के कुंज पार्क में ‘सृजन नारी शक्ति दीपोत्सव मेला’ का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले का उद्देश्य महिलाओं के हस्तशिल्प को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना था। मेले में महिलाओं द्वारा हाथ से निर्मित हस्तशिल्प और घरेलू सामान की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इसमें रोजगार भर्ती से जुड़ी महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे उनके कार्यों को एक मंच मिला। यह मेला महिलाओं के कौशल, उनकी रचनात्मकता और आर्थिक सशक्तिकरण को समर्पित था।
सृजन फाउंडेशन की अध्यक्ष, अदिति कात्यायन उपाध्यक्ष प्रतिमा कुमारी ने मेले के दौरान अपने संबोधन में कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत’ एक ऐसा अभियान है जिसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और उनकी सरकार ने देश की आर्थिक विकास योजनाओं के संबंध में उपयोग किया और लोकप्रिय बनाया है। यह अभियान न केवल आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है। मोदी सरकार की यह पहल हमारी अर्थव्यवस्था को और अधिक कुशल, प्रतिस्पर्धी और लचीला बनाने की दिशा में एक अत्यंत सार्थक अवधारणा है।
उन्होंन कहा कि इस मेले के माध्यम से हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक छोटा सा योगदान देने का प्रयास कर रहे हैं। महिलाओं का आर्थिक रूप से सक्षम होना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मेले के दौरान दीपोत्सव की थीम पर विशेष सजावट की गई थी, जिससे चारों ओर उत्सव का माहौल था। मेले में उपस्थित लोगों ने महिलाओं के इस योगदान की सराहना की और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना। मेले में दस स्टॉल लगाये गये। जहां शिल्पकारों ने मिट्टी एवं गाय के गोबर की बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रकार के डिजाइन के सादा दीपक एवं फेंसी दीपकों का प्रदर्शन किया गया।
आदर्श नंदन गुप्ता एवं कुमुद चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वत्सला प्रभाकर, पूनम भाटिया, विनीता चतुर्वेदी, प्रियंका चैहान, कौर भूपिंदर, विनीता जादोंन, आशा अग्रवाल, अंजलि बंसल, नीलम माहेश्वरी, ऊषा खंडेलवाल, सुरभि खंडेलवाल, रीता गुप्ता, ममता भाटिया, वीना, पायल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात सभी आगंतुकों का आभार सृजन फॉउंडेशन की अध्यक्ष प्रतिमा कुमारी उर्फ अदिति कात्यायन ने दिया।