: जटपुरा-खातीपाड़ा की प्राचीन दशहरा शोभायात्रा समिति के पदाधिकारी नियुक्त
Tue, Sep 17, 2024
लोहामंडी महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से गठित की गई बैठक
12 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
आगरा। जटपुरा-खातीपाड़ा स्थित श्रीरामचंद्र महाराज के प्राचीन मंदिर से लगभग 400 वर्ष से निकलने वाली शोभायात्रा 12 क्टूबर को धूमधाम से निकलेगी। इसके लिए लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से प्रमुख पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। जिसमें अध्यक्ष विनय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष तरुण सिंह को चुना गया।
बैठक का शुभारम्भ सियाराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। चुनाव अधिकारी रामदास कटारा व विनोद अग्रवाल के नेतृत्व में चुनाव सम्पन्न हुए। सर्वम्मति से अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष के साथ महामंत्री राजपाल यादव, शोभायात्रा संयोजक हेमन्त प्रजापति, कोषाध्यक्ष अमित बंसल को चुना गया। बैठक की अध्यक्षता महेन्द्र खंडेलवाल ने की। महेन्द्र खंडेलवाल व राहुल चतुर्वेदी को संरक्षक चुना गया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने बताया कि शीघ्र की कार्यकारिणी का गठन कर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। वहीं महिला संयोजक क्षमा जैन सक्सेना को नियुक्त किया गया। विनय अग्रवाल ने शासन प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि दशहरा शोभायात्रा मार्ग को दुरुस्त किया जाए। लाइट व सीवर की समस्या का जल्दी निदान किया जाए। शोभायात्रा को कुछ अलग व भव्यता के साथ निकाला जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से टीटू पंडित पार्षद विक्रांत कुशवाह, कुमार गुरु कपूर, प्रवीन अग्रवाल, अंजुल गुप्ता, मयंक जैन, हर्ष यादव, शिवम मिश्रा, संतोष अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
: रामायण की चैपाईयों से गूंज रहा राजा दशरथ का दशरथ महल
Tue, Sep 17, 2024
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अयोध्या की तरह सज रहा राजा दशरथ का निवास, कल से प्रारम्भ हुआ अखण्ड रामायण का पाठ, आज दोपहर में रामायण विश्राम के बाद होगा हवन
आगरा। राजा दशरथ के महल में ढोलक और मंजीरे की संगीतमय धुन पर रामायण की चैपाईयां गूंज रहीं हैं। साथ में चल रही हैं सियाराम के विवाह की तैयारियां। राजा जनक बने संतोष शर्मा का निवास अयोध्या धाम की तरह सजाया जा रहा है। कल प्रातः विधि विधान के साथ पूजन कर अखण्ड रामायण का पाठ शुरु हुआ, जिसमें राजा दशरथ के परिवारीजनों संग रिश्तेदार व शहरवासी श्रद्धा भाव के साथ रामायण का पाठ कर रहे हैं।
कल प्रातः पंडित जितेन्द्र पाराशर व सुनील शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारम के साथ संतोष शर्मा व उनकी धर्मपत्नी ललिता शर्मा से पूजन कराया। प्रातः से ही दशरथ महल में रामायण की चैपाईयों गुंजायमान हो गईं। आज दोपहर को अखण्ड रामायण के पाठ के विश्राम के बाद हवन का आयोजन होगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से संज शर्मा, राजकुमार, ममता शर्मा, ललिता, युक्ति शर्मा, सुरेश उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय, विवेक, मनीष आदि उपस्थित थे।
राम काज कीन्हें बिना मोहि कहां विश्रामः संतोष शर्मा
बड़े भाग्य मानुष तन पावा, सुर नर मुनि सद ग्रंथन गावा। बड़े भाग्य से मनुष्य का शरीर मिला है मानव शरीर मिलने के बाद समाज सेवा के साथ अगर प्रभु श्री राम के काम का अवसर मिल जाए तो यह प्रभु की बड़ी कृपा है यह कहना है उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में महाराजा दशरथ के स्वरूप बने संतोष शर्मा का। गढ़ी भदोरिया स्थित श्रीमती वैजयंती देवी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में महाराजा दशरथ संतोष शर्मा का भव्य स्वागत किया गया।
स्वागत समारोह का शुभारंभ संतोष शर्मा वैजयंती देवी इंटर कॉलेज के निदेशक तपेश शर्मा, नितेश शर्मा ,भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष शैलू पंडित ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती और प्रभु श्री राम के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। राजा दशरथ का फूल मालाएं पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। विद्यालय परिवार की सैकड़ो शिक्षक और शिक्षिकाओं ने श्री राम नाम का अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत किया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से श्रीमती वैजयंती देवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर तपेश शर्मा, नितेश शर्मा, प्रबंधक योगेश शर्मा, भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष शैलू पंडित, श्री रामलीला कमेटी के मंत्री नितिन अग्रवाल, समाजसेवी गौतम सेठ, आरडी कटारा, अर्जुन उदैनियां, प्रणव ठाकुर, सूरज शर्मा, मनोज शर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यालय का स्टाफ एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।
: फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन में बच्चों ने निभाई जैन चरित्रों की भूमिका, लोगों का मन मोहा
Mon, Sep 16, 2024
आगरा। शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 7 आवास विकास कालोनी सिकंदरा में पर्युषण महापर्व के मौके पर आज उत्तम त्याग धर्म के दिन उपरांत सामूहिक आरती और संगीत मय पूजन किया गया। विधि विधान की क्रिया शुभम जैन शास्त्री मथुरा द्वारा कराई गई। सर्व प्रथम मूल नायक भगवान श्री शांतिनाथ जी का अभिषेक 4 महानुभावों द्वारा स्वर्ण कलश से किया गया।
पंडित शुभम जैन शास्त्री जी ने बताया कि क्या मुनि भी दान करते हैं या दान कर सकते हैं ? क्योंकि उनके पास एक फूटी कोड़ी भी नहीं होती, तो वह किसी को क्या कुछ देेंगे। लेकिन मुनिराज भी दान कर सकते हैं और किया भी करते हैं। उनका दान गृहस्थों के दान से भी अधिक महत्वपूर्ण होता है। मुनिवर सब जीवों को अभयदान देते हैं क्योंकि वे परम करुणामय अहिंसा महाव्रत के धारी होते हैं। दिन रात, उठते-बैठते, सोते जागते बहुत सावधानी से छोटे बड़े, स्थावर जीवों की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यदि उनको कोई मारे या गाली दे, अपमान करे तो भी न तो किसी को दुर्वचन कहते हैं, न शाप देते हैं और न कुछ अपने मन में उसके लिये बुरा विचार रखते हैं। इसी कारण उनकी शांति और अहिंसा का प्रभाव उनके निकटवर्ती पशु पक्षियों के ऊपर भी ऐसा पड़ता है कि वे भी अपनी हिंसक वृत्ति छोड़ देते हैं।
श्रेणिक राजा जब बौद्ध धर्मी था तब उसने ध्यान मग्न यशोधर मुनि को मार डालने के लिये अपने शिकारी कुत्ते छोड़ दिये थे। परन्तु परम शांत, यशोधर मुनि के पास पहुँच कुत्ते शांति होकर उनके चारों ओर बैठ गये। इस प्रकार मुनिराज अपने पास आये हुये जीवों की रक्षा करते हुए उनको अभयदान देते हैं। हिंसकों को अहिंसक बनाकर जीवों की रक्षा करने की प्रेरणा देते हैं, वह इस तरह वे सबको अभयदान करते हैं। तथा-अपने पास आने वाले प्रत्येक स्त्री-पुरुष को आत्मा, अनात्मा, परमात्मा, बंध मोक्ष का, पुण्य पाप का ज्ञान कराते हैं, सुगति दुर्गति जाने का बोध कराते हैं, भक्ष्य अभक्ष्य का भेद समझाते हैं। सबको दान करते रहते हैं।
आज सखी बहु मण्डल द्वारा धार्मिक फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में चंदनबाला बनकर सभी का मन मोह लिया तो किसी ने त्रिशला माता की भूमिका निभाई और कोई मैना सुंदरी का किरदार निभाकर खुश हुआ। वहीं किसी ने कर्म राजा बनकर तालियां बटोरी। अवसर था जैन समाज के पर्यूषण पर्व के प्रथम दिवस आयोजित बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का, जिसमें नन्हें-मुन्नों ने अलग-अलग प्रेरक सामाजिक चरित्रों के जीवंत पात्र बनकर प्रस्तुतियां दी। जिसमें बच्चों ने सांवलिया पाश्र्वनाथ, सती सीता, चंदनबाला, गिरनार पर्वत, त्रिशला माता, कर्म राजा, मैना सुंदरी, श्रीपाल महाराजा, बाल साध्वी, पूजा की थाली, जैन प्रतीक चिंह का रूप धारण कर अपनी प्रभावी प्रस्तुतियां दी। जिस पर उपस्थितजनों ने तालियां बजाकर उत्साह वर्धन किया। निर्णायकों की ओर से बेहतर प्रस्तुतियों के आधार पर बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।
श्री शांतिनाथ मंदिर प्रबंध कमेटी के राजेश बैनाड़ा, विजय जैन निमोरब, मगन कुमार जैन, महेश चंद जैन, अनिल आदर्श जैन, अरुण जैन, राजेंद्र जैन, सतीश जैन, राकेश जैन पेंट, मनोज जैन, जितेश जैन, वैभव जैन, राकेश जैन, मोहित जैन, आलोक जैन, विपुल जैन, प्रशांत जैन, दीपक बैनाड़ा,अनन्त जैन, विपिन जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन आदि थे।