: एकादशी और शनिवार के शुभ योग पर श्रीवरद वल्लभा महागणपति के भक्तों ने किये दर्शन
Sun, Sep 15, 2024
श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान एकदशी और शनिवार का बना शुभ संयोग
मान्यता के अनुसार भक्तों ने प्रथम पूज्य महागणपति के दर्शन के बाद किया नारायण का पूजन
आगरा− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर बना है दक्षिण भारतीय शैली से
आगरा। शनिवार को भाद्रपद की परिवर्तिनी एकादशी के शुभ योग पर भक्तों ने श्रीवरद वल्लभा महागणपति के दर्शन का पुण्य लाभ कमाया। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर प्रथम पूज्य महागणपति के दर्शन किये। इसके बाद श्रीनारायण हरि विष्णु और शनिदेव की आराधना की। आगरा फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में इन दिनों श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन नित्य अभिषेक, प्रातः एवं संध्या हवन, सहस्त्रनाम पाठ, महाआरती और महाभाेग की सेवाएं चल रही हैं, जिसमें भक्त बढ़चढ़ की भाग ले रहे हैं। उत्सव के आठवें दिन नित्य अभिषेक जतिन गर्ग, वस्त्र, श्रंगार, पूर्ण दिवस भाेग एवं फल सेवा मुंबइ निवासी हरिश चंद्र की ओर से रही।
फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा गणपति मंदिर में गजानन की अलौकिक छवि।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लखन दीक्षित ने बताया कि गणेश उत्सव के दौरान आने वाली एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है किंतु गणेश उत्सव के दौरान आने वाली एकादशी पर गणेश जी का विशेष पूजन किया जाता है। और इस बार तो ये योग शनिवार को बना है। इसलिए भक्तों ने शनिदेव की आराधना भी की।
मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दक्षिण भारतीय पद्वति से होने वाली पूजा एवं हवन की क्रिया भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति दे रही हैं। भक्तों मंत्रों के उच्चारण एवं दो घंटे के वैदिक हवन के बाद प्रसन्नचित्त होकर घर लौटते हैं।
: जनकपुरी के विकास कार्यों में बाधा बनी बारिश
Thu, Sep 12, 2024
जनकमहल का काम प्रभावित, बल्लियां लगाने का काम रुका
त्रिपाल लगाकर तैयार किए जा रहे थर्माकॉल के फ्रेम
आगरा। जनकपुरी महल व क्षेत्र में किए जाने वाले विकास कार्यों के लिए बारिश बाधा बन गई है। लगातार बारिश होने से क्षेत्र के विकास कार्य व जनक महल निर्माण कार्य रुक गया है। कोठी मीना बाजार मैदान में जगह-जगह पानी भर गया है, जिससे जनक महल के लिए की गई समतल भूमि में फिर गड्ढे बन गए हैं। वहीं क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कराए जाने वाले नाली, खरंजे व सड़क निर्माण कार्य भी नियमित नहीं हो पा रहा है।
श्रीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनकपुरी महल के मंच का निर्माण शुरु कर दिया गया था, जो दो दिन से लगातार बारिश के कारण प्रभावित हो गया है। परन्तु निर्धारित समय पर जनक महल तैयार करने के लिए त्रिपाल डाल कर थर्माकॉल फ्रेम तैयार किए जा रहे हैं। जिससे बारिश बंद होने पर तुरन्त तेज गति से काम शुरु हो सके और समय पर जनकमहल बनकर तैयार हो जाए। वहीं जनक महल सजने की जगह पर जमीन को समतल बनाए रखने के लिए नगर निगम द्वारा कंक्रीट वाला मलवा एकत्र कर दिया गया, जिसे बारिश रुकते ही गड्ढों वाली जगह पर डाल कर जेसीबी द्वारा समतल किया जाएगा।
जनकपुरी आयोजन समिति ने किया जनक महल स्थल का निरीक्षण
आगरा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जनकपुरी महल स्थल का निरीक्षण किया। कहा कि बारिश के कारण बेशक काम में कुछ विलम्ब हो रहा है, लेकिन क्षेत्रीय लोगों व समिति के सभी सदस्यों का उत्साह और उमंग श्रीराम की सेना की तरह है। जो जनकपुरी महोत्सव को भव्य और दिव्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, संयोजक, गौरव राजावत, राहुल चतुर्वेदी, हेमन्त भोजवानी, अनुराग उपाध्याय, महामंत्री राहुल सागर, मुनेन्द्र जादौन, मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा नौजूद थे।
: गणेश उत्सव में हर दिन बढ़ रही श्रीवरद वल्लभा महागणपति के दर्शन को भीड़, लाल श्रंगार में दिए दर्शन
Thu, Sep 12, 2024
आगरा−फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव में मनाया छठवां दिन दिन
रक्तांबर धारी के रूप में गजानन ने दिए दर्शन, 100 किलो का मोदक बना आकर्षण का केंद्र
आगरा। रत्न जड़ित आभूषणाें और लाल गुलाब के फूलों से श्रंगारित श्रीवरद वल्लभा महागणपति जी ने रक्तांबर वस्त्र एवं चांदी के श्री तिलक को धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। गुरुवार को आगरा फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे श्रीगणेश चतुर्थी उत्सव में छठवां दिन मनाया गया।
झमाझम बारिश भी श्रद्धालुओं को अपने आराध्य तक पहुंचने में रुकावट न बन सकी। भक्तों का अपार समूह मंदिर परिसर में रखे 100 किलो के मोदक को देखने के लिए आकर्षित होता रहा। जयपुर से मंगवाए गए चांदी के विशेष श्री तिलक की शाेभा महागणपति के मस्तक पर लगने से और बढ़ रही थी। मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि श्रीवरद वल्लभा महागणपति के प्रति भक्तों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। मुंबइ के सिद्धिविनायक मंदिर को देखकर ही आगरा में मंदिर निर्माण की प्रेरणा मिली थी। मंदिर में दिव्य सुगंध के लिए यहां प्रयोग होने वाला चंदन का लेप दक्षिण भारत से ही मंगाया जाता है। जब मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर संचालन तक के हर कार्य में परिवार के लोग सहयोग करते हैं। जल्द ही मंदिर परिसर में ही आगरा का पहला नवग्रह मंदिर बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेवे से बने मोदक के दर्शन 17 सितंबर तक किये जा सकते हैं। इसके बाद मोदक का प्रसाद भक्तों में वितरित कर दिया जाएगा।
मंदिर प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि छठवें दिन की पूर्ण सेवा के यजमान कानपुर से आए प्रमोद चंद सेठ, राघवेंद्र चंद्र सेठ, भरत चंद्र सेठ की ओर से रही।