: कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ
Sat, Mar 30, 2024
आगरा। शिव पैलेस में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। शिव पैलेस हनुमान मंदिर से गाजे बाजे के साथ नाचते हुए भव्य कलश यात्रा निकाली गई। 1008 बहनों द्वारा कलश में जल भरकर पश्चिमपुरी चैराहा से काली माता मंदिर होते हुए,नारायण मंदिर दहतोरा से कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। मुख्य यजमान लालता प्रसाद व विमलेश सारस्वत ने भागवत की पूजा अर्चना की और पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई। वृंदावन से आई कथा व्यास पूज्य देवी माहेश्वरी श्रीजी ने श्रीमद्भागवत पुराण की जानकारी देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय होता है। कथा सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
इस अवसर पर कथा समिति आगरा के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, संयोजक मुकेश नेचुरल, मुकेश चंद गोयल, राजेश चतुर्वेदी, कालीचरण गोयल, श्रीप्रकाश सिंह, किशोर तिवारी, अगम गौतम, प्रतिभा जिंदल, सीमा सिंह, आर के शुक्ला, तेजपाल सिंह, पायल सिंह चैहान, प्रवीणा राजावत, नरेश शर्मा, नीरज शर्मा, सौरभ खंडेलवाल, मोहकम सिंह, मीडिया प्रभारी अजेंद्र चैहान, सह मीडिया प्रभारी पवन चैधरी, दीपक तोमर एडवोकेट आदि कलश यात्रा में सम्मिलित हुए।
: गुलाल के गोटों संग भक्तों ने खेली श्याम बाबा से होली, मंदिर में 400 किलो गुलाल और इत्र
Wed, Mar 27, 2024
श्रीखाटू श्याम जी मंदिर, जीवनी मंडी में जमकर उड़ा गुलाल, जयपुर से मंगाये गए थे राजघराने वाले गुलाल के गोटे
मंदिर परिसर में बयार हुई गुलाबी, भक्तों में वितरित हुआ ठंडाई का प्रसाद, हजारों श्रद्धालुओं ने दिए खाटू नरेश के दर्शन
विशेष फूलों से श्रंगारित श्याम बाबा ने दिए दर्शन, श्रीश्याम सेवक परिवार ने की होली पर श्रृंगार सेवा
आगरा। खाटू नरेश के दरबार में जमकर उड़ा जयपुर से मंगाए गए विशेष गुलाल के गोटों का गुलाल। बाबा के इत्र की वर्षा जब हुई तो हजारों भक्त हुए निहाल।
जीवनी मंडी स्थित श्रीखाटू श्याम जी मंदिर की छटा का हर कण जैसे होली की धुलेंडी पर गुलाबी हो उठा। अबीर गुलाल और इत्र की वर्षा जहां भक्तों को सराबोर कर रही थी वहीं जयपुर राजघराने की 400 वर्षों से परंपरा बने हुए गुलाल के गोटों की बौछारों ने होली की तरंग को और रंगीन महक से महका दिया। करीब चार सौ किलो गुलाल और इत्र से मंदिर में भक्तों संग होली खेली गयी। रंगबिरंगे फूलों के मध्य विशेष श्रंगारित से श्याम बाबा ने भक्तों को दर्शन दिए। दिव्य और भव्य श्याम बाबा के श्रंगार की सेवा श्रीश्याम सेवक परिवार समिति द्वारा की गयी थी।
मंदिर परिसर में करीब 3 घंटे तक जमकर होली खेली गयी। हालांकि श्रद्धालु 6 बजे से श्याम बाबा के दरबार में सुबह छह बजे से ही गुलाल अर्पित करने पहुंच रहे थे। भक्तों ने अपने आराध्य संग होली की उमंग को मनाया। इसके बाद भक्तों में ठंडाई एवं कचैड़ी-गुझिया की प्रसादी वितरित की गयी। सायं काल मंदिर में सुमधुर भजनों की स्वरलहरियां गूंजीं।
इस अवसर पर श्रीखाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल, सचिव संजय अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विकास गोयल, श्रीश्याम सेवक परिवार समिति के अनूप, आकाश, पंकज, विपिन, संजय अग्रवाल, राजेश जैसवाल, अमित गोयल, कन्हैया लाल अग्रवाल, विपिन बंसल आदि उपस्थित रहे।
: खेलें मसाने में होली, दिगंबर खेलें होली…, नगर भ्रमण को निकले श्रीमनःकामेश्वर बाबा
Sun, Mar 24, 2024
प्राचीन परंपरा का निर्वाहन करते हुए निकाला गया श्रीमनः कामेश्वर बाबा का डोला, महादेव नंदी की सवारी रही आकर्षित
चांदी के रथ और सर्पों के मध्य आसीन हुए श्रीमनःकामेश्वर बाबा, नगर देव की सवारी धन्य हुए भक्त
कुंतलों उड़ा अबीर− गुलाल, फाग के रसिया पर सड़कों पर झूमे श्रद्धालु, शहर हुआ गुलाल की वर्षा से सराबोर
आगरा। ये नगरी है देवों के देव महादेव की। जहां नगर देव भी हैं महादेव और नगर कोतवाल भी महादेव। हर हर महादेव की गूंज…खेले होली मसाने की स्वर लहरियां और कुंतलों उड़ता अबीर गुलाल। ये दृश्य काशी नगरी नहीं बल्कि आगरा नगरी का बना जब दशकों पुरानी परंपरा का निर्वाहन करते हुए श्रीमनः कामेश्वर मंदिर द्वारा बाबा का डोला नगर भ्रमण को निकाला गया।
होलिका दहन के दिन श्रीमनः कामेश्वर बाबा का डोला मंदिर परिसर से रावत पाड़ा, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी आदि क्षेत्रों में नगर भ्रमण को निकला। डोले में सबसे आगे ग्राम दिगनेर की टोली ब्रज के फाग का ढोल ताशे पर गायन की संस्कृति को फैला रही थी। इसके बाद महंत योगेश पुरी और मंदिर मठ प्रशासक हरिहर पुरी खुले रथ पर कुंतलों अबीर− गुलाल और फूलों की वर्षा के मध्य उड़त अबीर गुलाल रसिया होली में…, रसिया को नार बनाओ री, रसिया को…, तेरी बंशी पर जाउं रसिया होली में… जैसे भजनों को अपने स्वर दे रहे थे।
इसके बाद श्वेत चांदी के डोले और सर्पों के मध्य में सवार श्रीमनः कामेश्वर बाबा के स्वरूप जब आरती के बाद मंदिर से नगर भ्रमण को निकले तो भक्तों को लगा जैसे उनकी कुशलक्षेम की जानकारी बाबा ले रहे हों। मंदिर महंत योगेश पुरी ने बताया कि बाबा के डोले की परंपरा अति प्राचीन है। पूर्व में ये फूलडोले के रूप में निकाली जाती रही है, जिसका आरंभ मंदिर से ही होता था। श्रीमनः कामेश्वर बाबा वर्ष में एक बार नगर भ्रमण को निकलते हैं, जिसका अर्थ अपने भक्तों की कुशलता लेना होता है।
दिव्यता के साथ निकले श्रीमनः कामेश्वर बाबा के डोले में भक्तिपूर्ण भाव से शामिल होते भक्त।
बाबा के डोले में भगवान शंकर और नंदी की सवारी ने सभी को आकर्षित किया तो फाग के रसिया गाती टोली के स्वरों पर हर भक्त बस झूमे जा रहा था। बाबा के डोले का मार्ग में विभिन्न जगह भक्तों ने स्वागत किया और गुलाल उड़ाकर आशीर्वाद ग्रहण किया। गुलाल की रंगत से आसमान बार बार गुलाबी होता जा रहा था। नगर भ्रमण के बाद श्रीमनः कामेश्वर बाबा को विश्राम देकर भक्तों ने प्रसादी का आनंद लिया।
इस अवसर पर बंटी ग्रोवर, दीप्ति गर्ग, प्रीति अग्रवाल, अनु गुप्ता आदि उपस्थित रहीं।